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Sirsa News: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पूर्व फौजी और पुलिसकर्मी साथ में बहा रहे पसीना
Sun, 04 Feb 2024 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 04 Feb 2024 12:33 AM IST
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गांव तरकांवाली में अभ्यास करते खिलाड़ी। संवाद
नरेश बैनीवाल
चोपटा। प्रदेश में जिला नशे को लेकर काफी बदनाम है। आए दिन जिले में नशे से जान गंवाने के 1-2 केस सामने आते रहते हैं। कई केस ऐसे होते हैं, जिनमें प्रशासन के पास सूचना ही नहीं होती। ऐसे में नशे से युवाओं को दूर रखने के लिए पुलिस विभाग के साथ आमजन भी आगे आ रहे हैं। जिले के गांव तरकांवाली में पूर्व फौजी मिठू बैनीवाल और सुभाष युवाओं नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी मुहिम के तहत 150 से ज्यादा बच्चे जुड़े हुए हैं। वे उनको साथ लेकर रोजाना विभिन्न खेलों का अभ्यास करवाते हैं। इस मुहिम में उनके साथ पुलिस विभाग भी सहयोग कर रहा है। युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वे हर माह की पहली और 15 तारीख को विभिन्न तरह की प्रतियोगिता करवाते हैं। इनमें 1600 मीटर की मैराथन से लेकर वॉलीबाल और फुटबाल के खेल शामिल हैं। इसमें विजेता रहने वालों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाता है। संवाद
पुलिस टीम भी कर रही सहयोग
पुलिस प्रशासन की टीम भी इन दोनों की मुहिम में साथ लगी हुई है। वैसे तो पुलिस विभाग पूरे जिले में युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। उप-निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि उनकी टीम में अजय कुमार हेड कांस्टेबल, रमेश, राजेश, महेंद्र आदि हैं जो गांवों में जाते हैं और खेलों का सामान वितरित करते हैं। साथ ही वे युवाओं के साथ खेलते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल 7 नवंबर को पुलिस विभाग की टीम भी नशा विरोधी मुहिम से जुड़ी थी। इसके बाद से उनके पिछले तीन साल से चल रहे प्रयास को और अच्छा साथ मिला।
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ऐसे मिली प्रेरणा
मिठू और सुभाष ने बताया कि उनकी यह मुहिम गांव की तीन लड़कियों के कारण शुरू हुई। उनके गांव की तीन लड़कियां दिल्ली में परीक्षा के दौरान फिजिकल में रह गई थी, जबकि लिखित परीक्षा पास थी। ऐसे में उन्होंने ठाना की अब फिजिकल के कारण उनके गांव का कोई बच्चा फेल नहीं होगा। इसके बाद से उन्होंने अपने स्तर पर ही इस मुहिम को शुरू कर युवाओं को साथ जोड़ लिया। अब लड़कियां भी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं।
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चोपटा। प्रदेश में जिला नशे को लेकर काफी बदनाम है। आए दिन जिले में नशे से जान गंवाने के 1-2 केस सामने आते रहते हैं। कई केस ऐसे होते हैं, जिनमें प्रशासन के पास सूचना ही नहीं होती। ऐसे में नशे से युवाओं को दूर रखने के लिए पुलिस विभाग के साथ आमजन भी आगे आ रहे हैं। जिले के गांव तरकांवाली में पूर्व फौजी मिठू बैनीवाल और सुभाष युवाओं नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी मुहिम के तहत 150 से ज्यादा बच्चे जुड़े हुए हैं। वे उनको साथ लेकर रोजाना विभिन्न खेलों का अभ्यास करवाते हैं। इस मुहिम में उनके साथ पुलिस विभाग भी सहयोग कर रहा है। युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वे हर माह की पहली और 15 तारीख को विभिन्न तरह की प्रतियोगिता करवाते हैं। इनमें 1600 मीटर की मैराथन से लेकर वॉलीबाल और फुटबाल के खेल शामिल हैं। इसमें विजेता रहने वालों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाता है। संवाद
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पुलिस टीम भी कर रही सहयोग
पुलिस प्रशासन की टीम भी इन दोनों की मुहिम में साथ लगी हुई है। वैसे तो पुलिस विभाग पूरे जिले में युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। उप-निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि उनकी टीम में अजय कुमार हेड कांस्टेबल, रमेश, राजेश, महेंद्र आदि हैं जो गांवों में जाते हैं और खेलों का सामान वितरित करते हैं। साथ ही वे युवाओं के साथ खेलते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल 7 नवंबर को पुलिस विभाग की टीम भी नशा विरोधी मुहिम से जुड़ी थी। इसके बाद से उनके पिछले तीन साल से चल रहे प्रयास को और अच्छा साथ मिला।
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ऐसे मिली प्रेरणा
मिठू और सुभाष ने बताया कि उनकी यह मुहिम गांव की तीन लड़कियों के कारण शुरू हुई। उनके गांव की तीन लड़कियां दिल्ली में परीक्षा के दौरान फिजिकल में रह गई थी, जबकि लिखित परीक्षा पास थी। ऐसे में उन्होंने ठाना की अब फिजिकल के कारण उनके गांव का कोई बच्चा फेल नहीं होगा। इसके बाद से उन्होंने अपने स्तर पर ही इस मुहिम को शुरू कर युवाओं को साथ जोड़ लिया। अब लड़कियां भी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं।