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पिछले 70 सालों से दूरबीन से गुरु के घर को देखने की मजबूरी होगी खत्मः पीएम
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पीएम को गदा भेंट करते हुए सांसद सुनीता दुग्गल।
- फोटो : Sirsa
शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने सिरसा के गांव मल्लेकां में सिरसा लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा की। पीएम ने शुरूआत में ही भारत माता के संबोधन के बाद वाहेगुरु जी का खालसा व वाहे गुरु जी की फतेह का उद्घोष किया। पीएम ने जी आया नूं कहा और सत श्री अकाल भी बुलाई। पीएम ने कहा कि सिरसा धर्मनगरी है। पहली पातशाही गुरु नानक देव जी के पावन स्थान को नमन करता हूं। सिरसा कई बार आया हूं और गुरु नानक देव जी की इस पावन भूमि के दर्शन करने का आज फिर से सौभाग्य मिला। पूरी दुनिया गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाशोत्सव मना रही है। इसलिए सभी को लख लख बधाईयां देता हूं। भाजपा सरकार इस ऐतिहासिक महान क्षण को पूरी दुनिया से परिचित करवाने का भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब में कपूरथला से तरणतारण और गोविंदवाल साहिब तक के मार्ग को गुरु नानक देव मार्ग से जाना जाएगा। गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान करतारपुर व हमारे बीच की जो दूरियां थी, वह समाप्त होने वाली है। पिछले 70 सालों से दूरबीन से गुरु के घर को देखने की मजबूरी खत्म हो रही है। करतारपुर कोरिडोर तैयार हो चुका है। हमें अपनी आस्था के केंद्र को सात दशक तक दूरबीन से देखना पड़ा।
1947 के बंटवारे के समय लकीर खींचने के समय ध्यान नहीं दिया
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 1947 के बंटवारे की रेखा खींचते समय गुरु के घर का ख्याल नहीं रखा गया। चार किलोमीटर के फासले से भक्तों को गुरु से दूर नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस को प्रयास करने चाहिए थे। कांग्रेस व अन्य दलों ने हिंदुस्तान की आस्था परंपरा, संस्कृति को मान नहीं दिया। ऐसा ही जम्मू कश्मीर के साथ रहा। 70 साल तक समस्याओं में उलझाते रहे। ईमानदारी से कोशिश नहीं की। जम्मू में निर्दोष मरते रहे। हरियाणा सहित पूरे भारत के वीर कश्मीर के नागरिकों के लिए शहीद होते गए। दिल्ली में सोई हुई सरकार एक के बाद एक से कश्मीर हारती गई। प्रारंभ के दिनों में कश्मीर से पाक अधिकृत कश्मीर बन गया। चालाकी और दमन से सूफी परंपरा का खात्मा कर दिया गया। कुछ हिस्सा पाक को दिया गया। कश्मीर की जड़ों को हिला दिया गया। कश्मीर के नागरिकों पर हो रहे जुल्म दिल्ली में बैठे राजनेताओं को नहीं दिखाई दिया। कश्मीर में एक दो परिवारों को मनमानी करने दी गई। उन्हें लूटने की पूरी छूट दी गई। पीएम ने कहा कि जम्मू और लद्दाख के साथ भेदभाव चलता रहा। भेदभाव की रेखाएं खींची गई और समाज को बिखेर दिया गया। कश्मीर की धरती से चार लाख कश्मीरी पंडित मौत के घाट उतार दिए गए। उन्हें कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। आतंकवादी व अलगाववादी अनुच्छेद 370 के बल पर दिल्ली को डराते रहे और दिल्ली में बैठे लोग आंखें मूंद कर बैठे रहे और कश्मीर तबाह होता चला गया।
अलगाववादी जारी करते थे कैलेंडर, अब हिंदुस्तान तारीखें तय करेगा
पीएम ने कहा कि अलगाववादी कैलेंडर जारी करते थे कि सोमवार, मंगलवार को क्या होगा। पड़ोसी भी इशारा करते थे। पद आते जाते रहते हैं लेकिन मेरा कश्मीर रहना चाहिए। अब कैलेंडर की तारीखें हिंदुस्तान तय करेगा, नीतियां हिंदुस्तान बनाएगा। दुश्मन लोग भारत का भाग्य निर्धारित नहीं करेंगे। देश बदल चुका है। कांग्रेस की गलत नीतियों ने देश को तबाह करके रख दिया। संविधान में टेंपरेरी कितने साल रहता है। लेकिन पिछले 70 सालों से टेंपरेरी लगा हुआ है। जब टेंपरेरी लगता हैं मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा होता है। आपकी नौकरी टेंपरेरी हो तो आपके मन में चलता है कि परमानेंट होंगे या नहीं। काम में मन ही नहीं लगता। किराए का मकान भी टेंपरेरी होता हैं। लेकिन 70 साल लग गए इस टेंपरेरी को खत्म करने में। आपने मुझे मौका दिया तो मैंने परमानेंट कर दिया। मैं इतना बड़ा फैसला अकेले नहीं कर पाया। ये मोदी के कारण नहीं हुआ, आपके कारण हुआ है। क्योंकि आपने हमें बहुमत दिया। वोट देकर हमें देश की सेवा करने का मौका दिया। इसलिए एक बार फिर से भाजपा उम्मीदवारों को जिताकर हरियाणा में मुझे सेवा करने का मौका दें।
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पानी पाकिस्तान नहीं जाने दूंगा
गलत नीतियों के कारण पानी पाकिस्तान जाता रहा और सरकारें देखती रही। हरियाणा का किसान पानी के लिए तरसता रहे और पाकिस्तान हरा भरा कैसे हो सकता है। पानी की एक बूंद भी पाकिस्तान नहीं जाने दूंगा। पानी के लिए एक अलग मंत्रालय बना दिया गया। हर घर में पानी और खेत में पानी पहुंचाने के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले नौकरियां सिफारिश पर मिली थीं। हमारी सरकार ने पर्ची खर्ची के सिस्टम को खत्म किया। ये बहुत बड़ा परिवर्तन है। इसका साक्षी हरियाणा बना है। सिरसा का युवा खेल से लेकर सरहद तक पसीना बहा रहे हैं। पड़ोसी देश ने युवा वर्ग को खत्म करने के लिए नशीले पदार्थ पहुंचाने शुरू कर दिए हैं। इस नशे से वैसे ही निपटना है जैसे कि आतंकवादियों से।
कांग्रेस के किसी भी परिवार को जमीन चाहिए तो हरियाणा से
कांग्रेस के किसी भी परिवार को जमीन चाहिए तो हरियाणा से दे दी गई। किसान की कमाई को लूटा गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए इनेलो पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सिरसा की जनता समझ चुकी है कुछ लोग अतीत पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा भविष्य की बात करती है। जो लोग सिरसा को अपना किला मानते थे, अब क्या हुआ। भाई, भाई अंदर ही भिड़ गए। सिद्वांतों की लड़ाई नहीं है। मलाई को लेकर कुनबा लड़ रहा है। अब उन्हें छुट्टी दे दो। उनके पास जितना हैं वे परिवार में बांट लें, लेकिन नया लूटने नहीं देंगे। लूटने वालों को घर भेज दो। ये वो लोग हैं जो विरासत का सहारा लेकर चल रहे हैं। नरेंद्र मोदी आपके लिए कमल का फूल लेकर आया है। हमारे लिए व्यक्ति से बड़ा दल है और दल से बड़ा देश है। इसलिए 21 अक्तूबर को मतदान के दिन सभी काम छोड़ कर मतदान करने के लिए जाना है और लोकतंत्र के इस पर्व को मनाना है। पीएम ने अपना भाषण करीब 12 बजकर 48 मिनट पर खत्म किया।
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1947 के बंटवारे के समय लकीर खींचने के समय ध्यान नहीं दिया
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 1947 के बंटवारे की रेखा खींचते समय गुरु के घर का ख्याल नहीं रखा गया। चार किलोमीटर के फासले से भक्तों को गुरु से दूर नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस को प्रयास करने चाहिए थे। कांग्रेस व अन्य दलों ने हिंदुस्तान की आस्था परंपरा, संस्कृति को मान नहीं दिया। ऐसा ही जम्मू कश्मीर के साथ रहा। 70 साल तक समस्याओं में उलझाते रहे। ईमानदारी से कोशिश नहीं की। जम्मू में निर्दोष मरते रहे। हरियाणा सहित पूरे भारत के वीर कश्मीर के नागरिकों के लिए शहीद होते गए। दिल्ली में सोई हुई सरकार एक के बाद एक से कश्मीर हारती गई। प्रारंभ के दिनों में कश्मीर से पाक अधिकृत कश्मीर बन गया। चालाकी और दमन से सूफी परंपरा का खात्मा कर दिया गया। कुछ हिस्सा पाक को दिया गया। कश्मीर की जड़ों को हिला दिया गया। कश्मीर के नागरिकों पर हो रहे जुल्म दिल्ली में बैठे राजनेताओं को नहीं दिखाई दिया। कश्मीर में एक दो परिवारों को मनमानी करने दी गई। उन्हें लूटने की पूरी छूट दी गई। पीएम ने कहा कि जम्मू और लद्दाख के साथ भेदभाव चलता रहा। भेदभाव की रेखाएं खींची गई और समाज को बिखेर दिया गया। कश्मीर की धरती से चार लाख कश्मीरी पंडित मौत के घाट उतार दिए गए। उन्हें कश्मीर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। आतंकवादी व अलगाववादी अनुच्छेद 370 के बल पर दिल्ली को डराते रहे और दिल्ली में बैठे लोग आंखें मूंद कर बैठे रहे और कश्मीर तबाह होता चला गया।
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अलगाववादी जारी करते थे कैलेंडर, अब हिंदुस्तान तारीखें तय करेगा
पीएम ने कहा कि अलगाववादी कैलेंडर जारी करते थे कि सोमवार, मंगलवार को क्या होगा। पड़ोसी भी इशारा करते थे। पद आते जाते रहते हैं लेकिन मेरा कश्मीर रहना चाहिए। अब कैलेंडर की तारीखें हिंदुस्तान तय करेगा, नीतियां हिंदुस्तान बनाएगा। दुश्मन लोग भारत का भाग्य निर्धारित नहीं करेंगे। देश बदल चुका है। कांग्रेस की गलत नीतियों ने देश को तबाह करके रख दिया। संविधान में टेंपरेरी कितने साल रहता है। लेकिन पिछले 70 सालों से टेंपरेरी लगा हुआ है। जब टेंपरेरी लगता हैं मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा होता है। आपकी नौकरी टेंपरेरी हो तो आपके मन में चलता है कि परमानेंट होंगे या नहीं। काम में मन ही नहीं लगता। किराए का मकान भी टेंपरेरी होता हैं। लेकिन 70 साल लग गए इस टेंपरेरी को खत्म करने में। आपने मुझे मौका दिया तो मैंने परमानेंट कर दिया। मैं इतना बड़ा फैसला अकेले नहीं कर पाया। ये मोदी के कारण नहीं हुआ, आपके कारण हुआ है। क्योंकि आपने हमें बहुमत दिया। वोट देकर हमें देश की सेवा करने का मौका दिया। इसलिए एक बार फिर से भाजपा उम्मीदवारों को जिताकर हरियाणा में मुझे सेवा करने का मौका दें।
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पानी पाकिस्तान नहीं जाने दूंगा
गलत नीतियों के कारण पानी पाकिस्तान जाता रहा और सरकारें देखती रही। हरियाणा का किसान पानी के लिए तरसता रहे और पाकिस्तान हरा भरा कैसे हो सकता है। पानी की एक बूंद भी पाकिस्तान नहीं जाने दूंगा। पानी के लिए एक अलग मंत्रालय बना दिया गया। हर घर में पानी और खेत में पानी पहुंचाने के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले नौकरियां सिफारिश पर मिली थीं। हमारी सरकार ने पर्ची खर्ची के सिस्टम को खत्म किया। ये बहुत बड़ा परिवर्तन है। इसका साक्षी हरियाणा बना है। सिरसा का युवा खेल से लेकर सरहद तक पसीना बहा रहे हैं। पड़ोसी देश ने युवा वर्ग को खत्म करने के लिए नशीले पदार्थ पहुंचाने शुरू कर दिए हैं। इस नशे से वैसे ही निपटना है जैसे कि आतंकवादियों से।
कांग्रेस के किसी भी परिवार को जमीन चाहिए तो हरियाणा से
कांग्रेस के किसी भी परिवार को जमीन चाहिए तो हरियाणा से दे दी गई। किसान की कमाई को लूटा गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए इनेलो पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सिरसा की जनता समझ चुकी है कुछ लोग अतीत पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा भविष्य की बात करती है। जो लोग सिरसा को अपना किला मानते थे, अब क्या हुआ। भाई, भाई अंदर ही भिड़ गए। सिद्वांतों की लड़ाई नहीं है। मलाई को लेकर कुनबा लड़ रहा है। अब उन्हें छुट्टी दे दो। उनके पास जितना हैं वे परिवार में बांट लें, लेकिन नया लूटने नहीं देंगे। लूटने वालों को घर भेज दो। ये वो लोग हैं जो विरासत का सहारा लेकर चल रहे हैं। नरेंद्र मोदी आपके लिए कमल का फूल लेकर आया है। हमारे लिए व्यक्ति से बड़ा दल है और दल से बड़ा देश है। इसलिए 21 अक्तूबर को मतदान के दिन सभी काम छोड़ कर मतदान करने के लिए जाना है और लोकतंत्र के इस पर्व को मनाना है। पीएम ने अपना भाषण करीब 12 बजकर 48 मिनट पर खत्म किया।