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नाम के लिए तो चत्तरगढ़पट्टी शहर की सीमा में, हालात गांव से भी खराब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 12:12 AM IST
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For name sake, in Chattargarhpatti city limits, the situation is worse than in the village
सिरसा। शहर के चत्तरगढ़पट्टी गांव को शहर की सीमा में शामिल किए लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं। लेकिन अभी तक यह एरिया विकास की बाट जोह रहा है। यहां के लोगों को इतने वर्षों के बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। झोपड़ा रोड स्थित चत्तरगढ़पट्टी गांव की आबादी करीब 3 हजार है। लेकिन गांव वासी अभी तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
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गांव में 10 वर्षों के बाद भी सीवरेज लाइन तक नहीं है। वहीं गांव में पेयजल की समस्या नियमित रूप से चल ही रही है। अभी भी महिलाएं अपने घर से लगभग 1 किलोमीटर दूर नेजाडेला रोड के पास से पानी भरकर लाती हैं। या फिर लोग पानी के टैंकर मंगवा कर अपना काम चला रहे हैं। वहीं साधन संपन्न लोगों ने पानी के निजी तौर पर कनेक्शन लिए हुए हैं। लोगों का कहना है कि जब मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध ही नहीं करवा पाए तो इससे अच्छा था कि चत्तरगढ़पट्टी को गांव ही रहने देते। लोगों ने कहा कि आजकल गांवों में शहरों से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध हैं। चत्तरगढ़पट्टी में सीवरेज न होने के कारण गंदा पानी गलियों में बहता रहता है या आसपास के खाली पड़े प्लाटों में जमा होता रहता है। वहीं एरिया में सड़कें भी क्षतिग्रस्त है। स्टीट्र लाइट नहीं होने से शाम होते ही तो गलियों में अंधेरा छा जाता है। एरिया के लिए वार्ड पार्षद तो बना दिया गया है लेकिन उसकी भी सुनवाई विभाग के अधिकारियों द्वारा नहीं की जाती है। निवर्तमान पार्षद प्रतिनिधि सुनील कुमार का कहना है कि वे बहुत बार अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई कुछ नहीं कहता है। कई बार मांग पत्र भी सौंप चुके हैं लेकिन अधिकारी एरिया को अन अप्रुव्ड होने की बात कहकर टाल देते हैं।
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चत्तरगढ़पट्टी गांव को शहर में शामिल हुए बहुत समय हो चुका है। लेकिन अभी इस एरिया में मूलभूत सेवाएं ही लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाई है। अभी तक गांव में सीवरेज लाइन तक नहीं डाली गई है। जिसके चलते गांव का गंदा पानी गलियों में बहता रहता है या खाली पड़े प्लाटों में जमा होता है।
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-जयपाल छिंपा।
गांव में अभी भी नियमित समय पर सफाई नहीं हो पाती है। चारों तरफ गंदगी का आलम रहता है। वहीं कुछ गलियों को छोड़कर सभी गलियां कच्ची पड़ी हैं। जिससे शाम होते ही गलियों में अंधेरा छा जाता है।
-आकाश वर्मा ।
गांव में अभी तक पानी की पाइप लाइन ही नहीं डाली गई है। जिसके कारण पीने के पानी की बहुत दिक्कत है। लोगों ने अपने स्तर पर निजी कनेक्शन लिए हुए हैं।
-राजीव कुमार।
एरिया में अभी तक सीवरेज लाइन ही नहीं डाली गई है। जिसके कारण घरों का गंदा पानी या तो खाली पड़े प्लॉटों में चला जाता है। वहीं गंदा पानी गलियों में बहता रहता है।

-आनंद कुमार।
चत्तरगढ़पट्टी गांव की समस्याओं को लेकर बहुत बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अधिकारियों द्वारा एरिया को अन अप्रवूड कहकर बात को टाल दी जाती है। हालांकि एरिया वार्ड 31 में आता है। वहीं लोगों के पास घर की रजिस्ट्री, बिजली के बिल, कनेक्शन न होने के बाद भी सीवरेज बिल विभाग द्वारा जारी किए गए हैं। वहीं समस्याओं को लेकर लोगों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मिल चुके हैं। जिन्होंने जल्द ही समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया है।
-सुनील कुमार, निवर्तमान पार्षद प्रतिनिधि वार्ड 31
चत्तरगढ़पट्टी की गलियां हाउस में पास हो चुकी है। जल्द इन गलियों पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-अजय पंघाल, एक्सईएन, नगर परिषद सिरसा।
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