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Sirsa News: आठ गांवों में पांच हजार एकड़ फसल जलमग्न
Sat, 15 Jul 2023 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घग्गर नदी का बांध टूटने के कारण गांव मुसाहिबवाला की आठ ढाणियों में जलभराव हो चुका है। 150 ट्यूबवेल भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। घग्गर नदी के दोनों तरफ के आठ गांवों में करीब पांच हजार एकड़ फसल में जलभराव हो चुका है। इनमें पांच से छह फुट तक पानी भरा हुआ है। टूटे हुए बांध को बांधने को लेकर अब प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
घग्गर नदी में अभी 48 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, जबकि क्षमता केवल 30 हजार क्यूसेक है। शुक्रवार रात ढाई बजे पनिहारी गांव के पास 150 फुट लंबाई में घग्गर का बांध टूट गया है। इसके कारण मुसाहिबवाला, पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द और इसके बाद नेजाडेला खुर्द के खेतों में पानी पहुंच गया है। इसके कारण इस क्षेत्र में करीब चार हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। घग्गर नदी के दूसरी तरफ के क्षेत्र में रात को नेजाडेला कलां के पास नदी का छोटा बांध टूटने पर पानी बड़े बांध के साथ लग गया है। इसके कारण घग्गर नदी में नेजाडेला कलां, मल्लेवाला और बुढाभाणा की करीब एक हजार एकड़ धान व हरे चारे की फसल जलमग्न हो गई है। प्रशासन की ओर से भी इन गांवों को बचाने के लिए लगातार निरीक्षण करने व गांव की फिरनी पर मिट्टी डाल उसे मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है। ताकि गांवों में पानी न पहुंच सके।
फरवाई कलां से बंद किया नेशनल हाईवे का साइफन
बांध टूटने के बाद घग्गर का पानी अधिक गांवों में न फैले इसके चलते प्रशासन ने पंजाब की तरफ जाने वाले बरनाला रोड के नीचे के साइफनों के आगे मिट्टी डालकर वहां उसे बंद कर दिया गया। मामले की सूचना ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कार्य को बंद करवाने का प्रयास किया। इसके बाद भी अधिकारियों व दूसरी तरफ के गांव वासियों ने काम को जारी रखा। ग्रामीणों ने विरोध करते हुए हाईवे काे जाम कर दिया। फरवाई कलां गांव सरपंच मनोज मेहता ने कहा कि प्रशासन व दूसरी तरफ के गांव के लोगों ने यहां पर मिट्टी डलवाकर रोड के नीचे के साइफन बंद कर दिए हैं। इसके कारण गांव में पहुंचने वाले घग्गर के पानी की आगे निकासी नहीं हो पाएगी। उनका पूरा गांव डूब जाएगा। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवा दिया और साइफन बंद करवा दिए।
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ग्रामीण बोले- प्रशासन ने पहले नहीं की बांध की देखरेख, केवल घूमते ही रहे
पनिहारी और मुसाहिबवाला की तरफ घग्गर नदी का केवल एक ही बांध है, जोकि टूटा चुका है। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि बीते एक सप्ताह से पानी का बहाव तेज हो रहा है। इसके लिए प्रशासन ने पहले कोई भी तैयारी नहीं की । अधिकारी गाड़ियों में घूमते हुए लौटते रहे और निर्देश देते रहे। जमीनी स्तर पर कोई भी काम नहीं हो पाया। बांध टूटने के बाद अब अधिकारियों को स्थिति की जानकारी मिली है। उनकी फसल अब जलमग्न हो चुकी है और गांव डूबने की कगार पर पहुंच गया है। प्रशासनिक अधिकारी पहले ही बांध को मजबूत करने की तरफ ध्यान देते तो स्थिति खराब नहीं होती।
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घग्गर नदी की यह है स्थिति
स्थान , क्यूसेक
गुहला चीका, 56322
खनौरी, ओवरफ्लो
चांदपुर, 22050
रंगोई नाला, ओवरफ्लो
सरदूलगढ़, 48000
ओटू, 25000
राजस्थान साइफन, 11350
48 हजार क्यूसेक पहुंच रहा पानी, राजस्थान की तरफ छोड़ा जा रहा केवल 11 हजार क्यूसेक
सरदूलगढ़ से सिरसा में 48 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, लेकिन यहां से केवल राजस्थान की तरफ 11 हजार क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। पांच हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। राजस्थान साइफन में 30 हजार पानी की निकासी करवाई जा सकती है। जलकुंभी और बहाव कम होने के कारण यहां पर स्थिति खराब हो रही है। इसके कारण घग्गर नदी के साथ लगते 49 गांवों में खतरा बना हुआ है।
वर्जन
घग्गर नदी में पानी अधिक आने के कारण स्थिति खराब हुई है। अब तक चार जगह से बांध टूटने के कारण खेतों में जलभराव हो चुका है। गांवों में अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। अगर किसी भी तरह की परेशानी आती है तो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। घग्गर नदी के साथ 49 गांव लगातार संपर्क में हैं। - पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, सिरसा।
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सिरसा। घग्गर नदी का बांध टूटने के कारण गांव मुसाहिबवाला की आठ ढाणियों में जलभराव हो चुका है। 150 ट्यूबवेल भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। घग्गर नदी के दोनों तरफ के आठ गांवों में करीब पांच हजार एकड़ फसल में जलभराव हो चुका है। इनमें पांच से छह फुट तक पानी भरा हुआ है। टूटे हुए बांध को बांधने को लेकर अब प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
घग्गर नदी में अभी 48 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, जबकि क्षमता केवल 30 हजार क्यूसेक है। शुक्रवार रात ढाई बजे पनिहारी गांव के पास 150 फुट लंबाई में घग्गर का बांध टूट गया है। इसके कारण मुसाहिबवाला, पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द और इसके बाद नेजाडेला खुर्द के खेतों में पानी पहुंच गया है। इसके कारण इस क्षेत्र में करीब चार हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। घग्गर नदी के दूसरी तरफ के क्षेत्र में रात को नेजाडेला कलां के पास नदी का छोटा बांध टूटने पर पानी बड़े बांध के साथ लग गया है। इसके कारण घग्गर नदी में नेजाडेला कलां, मल्लेवाला और बुढाभाणा की करीब एक हजार एकड़ धान व हरे चारे की फसल जलमग्न हो गई है। प्रशासन की ओर से भी इन गांवों को बचाने के लिए लगातार निरीक्षण करने व गांव की फिरनी पर मिट्टी डाल उसे मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है। ताकि गांवों में पानी न पहुंच सके।
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फरवाई कलां से बंद किया नेशनल हाईवे का साइफन
बांध टूटने के बाद घग्गर का पानी अधिक गांवों में न फैले इसके चलते प्रशासन ने पंजाब की तरफ जाने वाले बरनाला रोड के नीचे के साइफनों के आगे मिट्टी डालकर वहां उसे बंद कर दिया गया। मामले की सूचना ग्रामीणों को मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कार्य को बंद करवाने का प्रयास किया। इसके बाद भी अधिकारियों व दूसरी तरफ के गांव वासियों ने काम को जारी रखा। ग्रामीणों ने विरोध करते हुए हाईवे काे जाम कर दिया। फरवाई कलां गांव सरपंच मनोज मेहता ने कहा कि प्रशासन व दूसरी तरफ के गांव के लोगों ने यहां पर मिट्टी डलवाकर रोड के नीचे के साइफन बंद कर दिए हैं। इसके कारण गांव में पहुंचने वाले घग्गर के पानी की आगे निकासी नहीं हो पाएगी। उनका पूरा गांव डूब जाएगा। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवा दिया और साइफन बंद करवा दिए।
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ग्रामीण बोले- प्रशासन ने पहले नहीं की बांध की देखरेख, केवल घूमते ही रहे
पनिहारी और मुसाहिबवाला की तरफ घग्गर नदी का केवल एक ही बांध है, जोकि टूटा चुका है। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि बीते एक सप्ताह से पानी का बहाव तेज हो रहा है। इसके लिए प्रशासन ने पहले कोई भी तैयारी नहीं की । अधिकारी गाड़ियों में घूमते हुए लौटते रहे और निर्देश देते रहे। जमीनी स्तर पर कोई भी काम नहीं हो पाया। बांध टूटने के बाद अब अधिकारियों को स्थिति की जानकारी मिली है। उनकी फसल अब जलमग्न हो चुकी है और गांव डूबने की कगार पर पहुंच गया है। प्रशासनिक अधिकारी पहले ही बांध को मजबूत करने की तरफ ध्यान देते तो स्थिति खराब नहीं होती।
घग्गर नदी की यह है स्थिति
स्थान , क्यूसेक
गुहला चीका, 56322
खनौरी, ओवरफ्लो
चांदपुर, 22050
रंगोई नाला, ओवरफ्लो
सरदूलगढ़, 48000
ओटू, 25000
राजस्थान साइफन, 11350
48 हजार क्यूसेक पहुंच रहा पानी, राजस्थान की तरफ छोड़ा जा रहा केवल 11 हजार क्यूसेक
सरदूलगढ़ से सिरसा में 48 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, लेकिन यहां से केवल राजस्थान की तरफ 11 हजार क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। पांच हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। राजस्थान साइफन में 30 हजार पानी की निकासी करवाई जा सकती है। जलकुंभी और बहाव कम होने के कारण यहां पर स्थिति खराब हो रही है। इसके कारण घग्गर नदी के साथ लगते 49 गांवों में खतरा बना हुआ है।
वर्जन
घग्गर नदी में पानी अधिक आने के कारण स्थिति खराब हुई है। अब तक चार जगह से बांध टूटने के कारण खेतों में जलभराव हो चुका है। गांवों में अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। अगर किसी भी तरह की परेशानी आती है तो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। घग्गर नदी के साथ 49 गांव लगातार संपर्क में हैं। - पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, सिरसा।