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एंबुलेंस में बदली पांच गुलाबी बसों का अब नहीं हो रहा इस्तेमाल, छात्राओं को नहीं मिल पा रही सुविधा
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बस स्टैंड पर खड़ी गुलाबी बस।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। कोरोना काल में एंबुलेंसों की तर्ज पर तैयार की गई रोडवेज की पांच गुलाबी बसों का बीते तीन माह से न तो स्वास्थ्य विभाग इस्तेमाल में ला पा रहा है और न ही यात्रियों को इसकी सुविधा मिल पा रही है। यानी एंबुलेंस बनी ये गुलाबी बसें न मरीजों के काम आ रही है और न ही छात्राओं को ला रही है। छात्राओं के लिए भेजी गई ये बसें अब रोडवेज वर्कशाप में खड़ी धूल फांक रही है। मुख्यालय की ओर से बसों में बदलाव करने की अनुमति न दिए जाने के कारण अब यह बसें किसी भी काम नहीं आ रही। हालांकि रोडवेज की ओर से मुख्यालय को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया है।
परिवहन विभाग की ओर से छात्राओं को सुविधा देने के लिए सभी बस डिपो में गुलाबी बसे भेजी गई थी। सिरसा में पांच गुलाबी बसें पहुंची थी। लेकिन कोरोना के कारण कॉलेज बंद होने के चलते इन बसों को एंबुलेंस की तर्ज पर तैयार कर मरीजों को सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया। हालांकि इन बसों का कुछ विशेष इस्तेमाल नहीं हो पाया। जिसके बाद तीन माह पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी बसों को बस स्टैंड पर भेज दिया और वर्कशाप में खड़ा कर दिया। लेकिन परिवहन विभाग की ओर से उन बसों में किसी भी तरह का बदलाव न करने के आदेश दिए थे। जिसके कारण अभी भी इन बसों में कोई बदलाव नहीं हो पाया है।
छात्राओं के लिए नहीं है अभी तक कोई भी विशेष सुविधा
कॉलेज और स्कूूल शुरू होने के बाद अब छात्राओं की आवाजाही होनी भी शुरू हो चुकी है। वहीं बस में यात्रियों की संख्या में अब काफी बढ़ोतरी हुई है। जिसके कारण छात्राओं को बस में खड़ा होकर और लटकर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। हालांकि इससे पहले छात्राओं के लिए इन बसों को स्पेशल चलाया गया था। लेकिन फिर से बंद कर दी गई है। अब भी इन बसों से छात्राओं को कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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गुलाबी बसों को एंबुलेंस की तर्ज पर तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। अब इन बसों को वापस भेजा गया है लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इसमें कोई भी बदलाव न करने के आदेश दिए थे। मुख्यालय को पत्र लिखकर इसके संचालन की मांग रखी है। मुख्यालय के आदेशों के बाद ही इन बसों में बदलाव किया जाएगा।
- केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।
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परिवहन विभाग की ओर से छात्राओं को सुविधा देने के लिए सभी बस डिपो में गुलाबी बसे भेजी गई थी। सिरसा में पांच गुलाबी बसें पहुंची थी। लेकिन कोरोना के कारण कॉलेज बंद होने के चलते इन बसों को एंबुलेंस की तर्ज पर तैयार कर मरीजों को सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया। हालांकि इन बसों का कुछ विशेष इस्तेमाल नहीं हो पाया। जिसके बाद तीन माह पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी बसों को बस स्टैंड पर भेज दिया और वर्कशाप में खड़ा कर दिया। लेकिन परिवहन विभाग की ओर से उन बसों में किसी भी तरह का बदलाव न करने के आदेश दिए थे। जिसके कारण अभी भी इन बसों में कोई बदलाव नहीं हो पाया है।
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छात्राओं के लिए नहीं है अभी तक कोई भी विशेष सुविधा
कॉलेज और स्कूूल शुरू होने के बाद अब छात्राओं की आवाजाही होनी भी शुरू हो चुकी है। वहीं बस में यात्रियों की संख्या में अब काफी बढ़ोतरी हुई है। जिसके कारण छात्राओं को बस में खड़ा होकर और लटकर सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। हालांकि इससे पहले छात्राओं के लिए इन बसों को स्पेशल चलाया गया था। लेकिन फिर से बंद कर दी गई है। अब भी इन बसों से छात्राओं को कोई भी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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गुलाबी बसों को एंबुलेंस की तर्ज पर तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। अब इन बसों को वापस भेजा गया है लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इसमें कोई भी बदलाव न करने के आदेश दिए थे। मुख्यालय को पत्र लिखकर इसके संचालन की मांग रखी है। मुख्यालय के आदेशों के बाद ही इन बसों में बदलाव किया जाएगा।
- केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।