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Sirsa News: नागरिक अस्पतालों में सबसे पहले चिकित्सकों की कमी को पूरा करने की जरूरत
Sun, 14 Jan 2024 12:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 14 Jan 2024 12:58 PM IST
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सिरसा। जिले में नागरिक अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर आमजन की काफी शिकायतें रहती है। कभी मरीज का इलाज सही ढंग से नहीं हो पाता तो कभी उनको दवाई समय पर नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नागरिक अस्पताल की सुविधाओं में सुधार को लेकर शहर के आम नागरिकों द्वारा अपने विचार साझा किए हैं।
नागरिकों का कहना है कि सबसे पहले तो नागरिक अस्पतालों में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए। यहां चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में सबसे पहले चिकित्सकों की कमी हो दूर किया जाना चाहिए। इसके बाद अन्य स्टाफ को भी पूरा करना चाहिए ताकि मरीजों को सैंपल जांच करवाने, दवा आदि लेने में कोई दिक्कत न हो।
अस्पताल में स्तरीय सुविधाएं नहीं है। अस्पताल में किसे कहां किस बीमारी की इलाज मिलेगा उसे पता ही नहीं होता। अस्पताल परिसर में हेल्प डेस्क होना चाहिए। जिससे मरीज वहां मदद ले सकें। इसके अलावा असुविधा की दशा में मरीज कहां शिकायत करे, इससे संबंधित सूचना अस्पताल परिसर में जगह-जगह सार्वजनिक होनी चाहिए।
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-रमेश कुमार
नागरिक अस्पताल में जो भी मरीज आता है उसे सहानुभूति की जरूरत होती है। अस्पताल में चिकित्सकों का रवैया सहयोगपूर्ण नहीं होता। सबसे पहले तो वहां डयूटी पर तैनात चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को अपना रवैया सही करना होगा। जिससे सभी मरीज सहज रूप से वहां पर जा सके। तभी उनको सही से उपचार भी मिल सकेगा।
- मोनू पहवाल, प्रभारी हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत
नागरिक अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं सही करने के लिए ठेका प्रथा बंद कर कच्चे कर्मचारियों को सरकार द्वारा पक्का किया जाना चाहिए। ताकि वह अपनी 100 फीसदी अपना कार्य ईमानदारी से कर सके। अस्पताल में बहुत से चिकित्सक ईमानदारी से काम नहीं करते हैं। जिसके खामियाजा मरीजों के साथ परिजनों को भी उठाना पड़ता है।
-साहिल अरोड़ा
नागरिक अस्पतालों में सुविधाएं कम होती है और मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए मरीजों को सही ढंग से इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे में नागरिक अस्पतालों में और ज्यादा सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। वहीं अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत है। ताकि मरीजों को सही से उपचार मिल सके।
-शंकर कुमार
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नागरिकों का कहना है कि सबसे पहले तो नागरिक अस्पतालों में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए। यहां चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में सबसे पहले चिकित्सकों की कमी हो दूर किया जाना चाहिए। इसके बाद अन्य स्टाफ को भी पूरा करना चाहिए ताकि मरीजों को सैंपल जांच करवाने, दवा आदि लेने में कोई दिक्कत न हो।
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अस्पताल में स्तरीय सुविधाएं नहीं है। अस्पताल में किसे कहां किस बीमारी की इलाज मिलेगा उसे पता ही नहीं होता। अस्पताल परिसर में हेल्प डेस्क होना चाहिए। जिससे मरीज वहां मदद ले सकें। इसके अलावा असुविधा की दशा में मरीज कहां शिकायत करे, इससे संबंधित सूचना अस्पताल परिसर में जगह-जगह सार्वजनिक होनी चाहिए।
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-रमेश कुमार
नागरिक अस्पताल में जो भी मरीज आता है उसे सहानुभूति की जरूरत होती है। अस्पताल में चिकित्सकों का रवैया सहयोगपूर्ण नहीं होता। सबसे पहले तो वहां डयूटी पर तैनात चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को अपना रवैया सही करना होगा। जिससे सभी मरीज सहज रूप से वहां पर जा सके। तभी उनको सही से उपचार भी मिल सकेगा।
- मोनू पहवाल, प्रभारी हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत
नागरिक अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं सही करने के लिए ठेका प्रथा बंद कर कच्चे कर्मचारियों को सरकार द्वारा पक्का किया जाना चाहिए। ताकि वह अपनी 100 फीसदी अपना कार्य ईमानदारी से कर सके। अस्पताल में बहुत से चिकित्सक ईमानदारी से काम नहीं करते हैं। जिसके खामियाजा मरीजों के साथ परिजनों को भी उठाना पड़ता है।
-साहिल अरोड़ा
नागरिक अस्पतालों में सुविधाएं कम होती है और मरीजों की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए मरीजों को सही ढंग से इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे में नागरिक अस्पतालों में और ज्यादा सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। वहीं अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाने की जरूरत है। ताकि मरीजों को सही से उपचार मिल सके।
-शंकर कुमार