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Sirsa News: 10 साल की बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को 20 साल कैद
Mon, 02 Nov 2026 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 02 Nov 2026 10:58 PM IST
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तीसरी कक्षा में पढ़ती थी नाबालिग, कोर्ट ने कहा-दोषी ने अत्यंत घिनौना कृत्य किया, सख्त दंड देना जरूरी है
पत्नी ने पति को बेटी से दुष्कर्म करते देखा तो उसे बालों से पकड़ लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व एक लाख 2 हजार रुपये की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 90 हजार रुपये पीड़ित को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।
इस मामले में महिला थाना सिरसा पुलिस ने दोषी पिता रामपाल के खिलाफ 9 मार्च 2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस को दिए बयान में 10 वर्षीय नाबालिग ने बताया था कि वह वह तीसरी कक्षा में पढ़ती है।
आठ मार्च 2025 को शाम करीब 4 बजे उसकी मां और भाई किसी काम से घर से बाहर गए थे। घर पर वह और उसके पिता रामपाल मौजूद थे। उसके पिता ने उसे मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उससे भी वैसा ही करने के लिए कहा।
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जब उसने मना किया तो उसके पिता ने उसके चेहरे पर थप्पड़ मारा और उससे दुष्कर्म करना शुरू कर दिया। इसी बीच उसकी की मां वहां आ गई और उसने उसके पिता को बालों से पकड़ लिया। पिता ने उसकी मां को धक्का दिया और मौके से भाग गया।
इसके बाद मां उसे लेकर महिला थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर पिता रामपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसी दिन उसे गिरफ्तार कर दिया।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता अमित मेहता ने कोर्ट से कहा कि पीड़ित एक नाबालिग बच्ची है। आरोपी ने अपनी ही बेटी के खिलाफ एक अत्यंत घिनौना कृत्य किया है।
पिता ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं और पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह से कलंकित कर दिया है। यदि कोई बेटी अपने ही घर की चहारदीवारी के भीतर सुरक्षित नहीं है, उसके साथ यौन उत्पीड़न होता है तो घर के बाहर लड़कियों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ऐसे में आरोपी रामपाल को दोषी करार देते हुए सख्त-से-सख्त सजा दी जाए। इसके बाद न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने रामपाल को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुना दी।
सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी ने कोर्ट से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। न्यायाधीश ने कहा कि दोषी ने अत्यंत घिनौना कृत्य किया है। इसलिए सख्त दंड देना जरूरी है।
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पत्नी ने पति को बेटी से दुष्कर्म करते देखा तो उसे बालों से पकड़ लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व एक लाख 2 हजार रुपये की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 90 हजार रुपये पीड़ित को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।
इस मामले में महिला थाना सिरसा पुलिस ने दोषी पिता रामपाल के खिलाफ 9 मार्च 2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस को दिए बयान में 10 वर्षीय नाबालिग ने बताया था कि वह वह तीसरी कक्षा में पढ़ती है।
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आठ मार्च 2025 को शाम करीब 4 बजे उसकी मां और भाई किसी काम से घर से बाहर गए थे। घर पर वह और उसके पिता रामपाल मौजूद थे। उसके पिता ने उसे मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उससे भी वैसा ही करने के लिए कहा।
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जब उसने मना किया तो उसके पिता ने उसके चेहरे पर थप्पड़ मारा और उससे दुष्कर्म करना शुरू कर दिया। इसी बीच उसकी की मां वहां आ गई और उसने उसके पिता को बालों से पकड़ लिया। पिता ने उसकी मां को धक्का दिया और मौके से भाग गया।
इसके बाद मां उसे लेकर महिला थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर पिता रामपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसी दिन उसे गिरफ्तार कर दिया।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता अमित मेहता ने कोर्ट से कहा कि पीड़ित एक नाबालिग बच्ची है। आरोपी ने अपनी ही बेटी के खिलाफ एक अत्यंत घिनौना कृत्य किया है।
पिता ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं और पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह से कलंकित कर दिया है। यदि कोई बेटी अपने ही घर की चहारदीवारी के भीतर सुरक्षित नहीं है, उसके साथ यौन उत्पीड़न होता है तो घर के बाहर लड़कियों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ऐसे में आरोपी रामपाल को दोषी करार देते हुए सख्त-से-सख्त सजा दी जाए। इसके बाद न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने रामपाल को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुना दी।
सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी ने कोर्ट से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी। न्यायाधीश ने कहा कि दोषी ने अत्यंत घिनौना कृत्य किया है। इसलिए सख्त दंड देना जरूरी है।