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किसानों ने अवरोधक हटाकर दिल्ली किया कूच
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जत्थे में शामिल बुजुर्ग महिलाएं।
- फोटो : Sirsa
तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों ने शुक्रवार सुबह हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित डबवाली में की गई नाकेबंदी तोड़ दिया। इसके बाद किसानों ने प्रशासन द्वारा दूसरे बड़े अवरोधक घग्गर पुल को भी 45 मिनट में खोल दिया। ऐसे में किसानों को दिल्ली कूच करने से रोकने के लिए जिला प्रशासन के सुरक्षा प्रबंध किसानों के हौसलों और जज्बे के सामने बौने साबित हुए। किसानों का काफिला सिरसा के साहुवाला गांव से लेकर डबवाली तक 45 किलोमीटर लंबा था। रास्ता खोलने में पंजाब से आए किसानों की मदद सिरसा में किसानों ने की। वहीं देर शाम सिरसा के डबवाली थाने में पुलिस ने 10 से 12 हजार अज्ञात किसानों के खिलाफ प्रॉपर्टी लोस, सरकारी आदेशों की उल्लंघन, उपद्रव करने और कोरोना महामारी में नियमों की उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों ने कहा कि रास्ते में जितने भी अवरोधक आएंगे, उन्हें पार करेंगे, लेकिन लिंक रास्तों का प्रयोग नहीं करेंगे, क्योंकि उनकी जत्थेबंदियों का नियम है कि दिल्ली जाने के लिए हाइवे का रास्ता नहीं छोड़ना, बैरिकेड तोड़कर ही आगे निकलना है। शुक्रवार को पंजाब के मालवा बेल्ट के जिले बठिंडा, मानसा, श्रीमुक्तसर साहिब, मोगा, फाजिल्का, फरीदकोट के किसान भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के वरिष्ठ उपप्रधान झंडा सिंह जेठूके सहित कई अन्य किसान नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए थ्री-लेयर बैरिकेड तोड़ दिया और दिल्ली के लिए कूच कर गए। किसानों ने सुबह 11.30 बजे बैरिकेड तोड़ने का ऐलान किया था, मगर करीब एक घंटा पहले ही साढ़े 10 बजे एकत्रित किसानों ने बैरिकेड और बड़े-बड़े पत्थरों को भी हटा दिया और ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार किसानों ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काफिले को रवाना किया।
हालांकि हरियाणा-पंजाब सीमा पर डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बेनिवाल व एसडीएम डबवाली अश्वनी कुमार के नेतृत्व में पुलिस की पांच कंपनियों के करीब 250 जवान तैनात थे, जो किसानों की संख्या से बहुत कम नजर आ रहे थे। जब किसानों ने बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास शुरू किया तो एक बार हरियाणा पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए बैरिकेड को हटाने और गिरने से बचाने के लिए दम लगाया, लेकिन 10 मिनट के बाद ही पुलिसकर्मी ढ़ीले पड़ गए औरर किसान नारेबाजी करते हुए हरियाणा में प्रवेश किया।
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पुल से अवरोधक हटाकर आगे बढ़े किसान
किसानों के जत्थे में से एक युवा किसानों का जत्था सिरसा में खैरेकां गांव के पास घग्गर नदी के पुल पर बनाए गए करीब 200 मीटर लंबे पुल पर बनाए गए अवरोध को तोड़ने के लिए पहुंच गया। युवा किसानों ने किसान नेताओं के आदेश के साथ ही सीवरेज मैनहोल पाइप को रास्ते से हटाने का काम शुरू कर दिया। कुछ युवाओं ने अपने हाथों से ही मिट्टी को हटाने का काम शुरू कर दिया। किसान 200 मीटर लंबे पुल पर बने अवरोधकों को एक के बाद एक हटाते चले गए। किसानों ने पुल के दूसरे छोर पर सीवरेज पाइप को हटाने के लिए एक ओर ट्रैक्टर से जोर लगाया और दूसरी ओर से किसानों ने हाथों से मिट्टी हटानी शुरू कर दी। किसानों को पुल पर बने अवरोधकों को हटाने में करीब 45 मिनट का समय लगा। जबकि प्रशासन ने नेशनल हाईवे नंबर दस पर अवरोधक बनाने के लिए सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक इंतजाम करता रहा।
जाम के चलते फेरे लेने में दूल्हे को हुई देरी
सक्ताखेड़ा गांव के संदीप की बारात शुक्रवार को फतेहाबाद जा रही थी। 11 बजे फेरों की रस्म अदा होनी थी। मगर रास्तों में नाकाबंदी के चलते उसे देरी हो गई। इतना ही नहीं बारात में भी बिखर गई। खैरेकां के पास नेशनल हाइवे बंद होने के कारण अब उसे किसी ओर रास्ते से फतेहाबाद पहुंचना पड़ेगा।
भावदीन टोल प्लाजा पर किसानों ने छका लंगर
घग्गर पुल के अवरोधक एक बजकर 25 मिनट पर खोलने के बाद किसानों का जत्था आगे लिए रवाना हो गया। नेशनल हाईवे पर भावदीन के पास टोल प्लाजा पर पहुंचते ही किसानों ने टोल खोल दिया। किसानों ने वहीं पर ही दोपहर का लंगर छका। इसके लिए बाकायदा गुरुद्वारा साहिब की ओर से लंगर लगाया गया। किसानों ने आमजन के लिए टोल फ्री कर दिया। इसी बीच एक युवा किसान की गाड़ी पर लगे फास्ट टैग से पर्ची कटने का संदेश आया तो उसने किसानों को यह बात बताई। इसके बाद किसानों ने टोल प्लाजा के कर्मचारियों को घेर लिया। टोल प्लाजा कर्मचारियों के पैसे वापस करने के आश्वासन देने के बाद किसानों ने उन्हें छोड़ा।
पुलिस के सामने ही हटाया अवरोधक
किसान जत्थों के पहुंचने से पहले सिरसा के डीसी प्रदीप कुमार, एसपी भूपेंद्र सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया। सिरसा पुलिस हाइवे पर हनुमान मंदिर व पेट्रोल पंप पर तैनात थी। लेकिन किसानों के खैरेकां पहुंचने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी वहां से हट गए। किसानों ने पुलिस के सामने ही अवरोधक हटाए। किसानों के जोश को देखकर सिरसा पुलिस चुपचाप एक तरफ खड़ी रही।
काफिले में 700 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राली और ट्रक
किसानों के काफिले में 700 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राली और 70 से 80 ट्रक, कैटर, बस शामिल थी। इसके अतिरिक्त युवा किसान मोटरसाइकिल, गाड़ियों पर सवार होकर निकल रहे थे। खुद बुजुर्ग किसान ट्रैक्टर का स्टेयरिंग थामे हुए थे। पंजाब से आए किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों में लकड़ी, पानी की टंकी व खाने-पीने का राशन लेकर आए थे। किसानों के काफिले में 25 साल के युवा से लेकर 80 साल के बुजुर्ग व महिलाएं शामिल है। किसानों के राशन सामग्री को देखकर ऐसा लगता है कि दिल्ली पहुंचने के बाद किसान लंबा पड़ाव डालेंगे।
प्रशासन ने शाम को पुल से हटाए अवरोधक
किसानों के जाने के बाद प्रशासन ने खुद ने शाम चार बजे घग्गर पुल पर दोनों ओर बनाए गए अवरोधकों को हटाना शुरू कर दिया। करीब सात बजे तक घग्गर पुल से पूरी तरह से अवरोधक हटा दिए गए और आमजन के हाईवे खोल दिया गया। इससे पहले सुबह आमजन को लिंक रास्तों से निकलना पड़ा।
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जानकारी के अनुसार दिल्ली जा रहे पंजाब के किसानों ने कहा कि रास्ते में जितने भी अवरोधक आएंगे, उन्हें पार करेंगे, लेकिन लिंक रास्तों का प्रयोग नहीं करेंगे, क्योंकि उनकी जत्थेबंदियों का नियम है कि दिल्ली जाने के लिए हाइवे का रास्ता नहीं छोड़ना, बैरिकेड तोड़कर ही आगे निकलना है। शुक्रवार को पंजाब के मालवा बेल्ट के जिले बठिंडा, मानसा, श्रीमुक्तसर साहिब, मोगा, फाजिल्का, फरीदकोट के किसान भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के वरिष्ठ उपप्रधान झंडा सिंह जेठूके सहित कई अन्य किसान नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए थ्री-लेयर बैरिकेड तोड़ दिया और दिल्ली के लिए कूच कर गए। किसानों ने सुबह 11.30 बजे बैरिकेड तोड़ने का ऐलान किया था, मगर करीब एक घंटा पहले ही साढ़े 10 बजे एकत्रित किसानों ने बैरिकेड और बड़े-बड़े पत्थरों को भी हटा दिया और ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार किसानों ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए काफिले को रवाना किया।
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हालांकि हरियाणा-पंजाब सीमा पर डीएसपी डबवाली कुलदीप सिंह बेनिवाल व एसडीएम डबवाली अश्वनी कुमार के नेतृत्व में पुलिस की पांच कंपनियों के करीब 250 जवान तैनात थे, जो किसानों की संख्या से बहुत कम नजर आ रहे थे। जब किसानों ने बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास शुरू किया तो एक बार हरियाणा पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए बैरिकेड को हटाने और गिरने से बचाने के लिए दम लगाया, लेकिन 10 मिनट के बाद ही पुलिसकर्मी ढ़ीले पड़ गए औरर किसान नारेबाजी करते हुए हरियाणा में प्रवेश किया।
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पुल से अवरोधक हटाकर आगे बढ़े किसान
किसानों के जत्थे में से एक युवा किसानों का जत्था सिरसा में खैरेकां गांव के पास घग्गर नदी के पुल पर बनाए गए करीब 200 मीटर लंबे पुल पर बनाए गए अवरोध को तोड़ने के लिए पहुंच गया। युवा किसानों ने किसान नेताओं के आदेश के साथ ही सीवरेज मैनहोल पाइप को रास्ते से हटाने का काम शुरू कर दिया। कुछ युवाओं ने अपने हाथों से ही मिट्टी को हटाने का काम शुरू कर दिया। किसान 200 मीटर लंबे पुल पर बने अवरोधकों को एक के बाद एक हटाते चले गए। किसानों ने पुल के दूसरे छोर पर सीवरेज पाइप को हटाने के लिए एक ओर ट्रैक्टर से जोर लगाया और दूसरी ओर से किसानों ने हाथों से मिट्टी हटानी शुरू कर दी। किसानों को पुल पर बने अवरोधकों को हटाने में करीब 45 मिनट का समय लगा। जबकि प्रशासन ने नेशनल हाईवे नंबर दस पर अवरोधक बनाने के लिए सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक इंतजाम करता रहा।
जाम के चलते फेरे लेने में दूल्हे को हुई देरी
सक्ताखेड़ा गांव के संदीप की बारात शुक्रवार को फतेहाबाद जा रही थी। 11 बजे फेरों की रस्म अदा होनी थी। मगर रास्तों में नाकाबंदी के चलते उसे देरी हो गई। इतना ही नहीं बारात में भी बिखर गई। खैरेकां के पास नेशनल हाइवे बंद होने के कारण अब उसे किसी ओर रास्ते से फतेहाबाद पहुंचना पड़ेगा।
भावदीन टोल प्लाजा पर किसानों ने छका लंगर
घग्गर पुल के अवरोधक एक बजकर 25 मिनट पर खोलने के बाद किसानों का जत्था आगे लिए रवाना हो गया। नेशनल हाईवे पर भावदीन के पास टोल प्लाजा पर पहुंचते ही किसानों ने टोल खोल दिया। किसानों ने वहीं पर ही दोपहर का लंगर छका। इसके लिए बाकायदा गुरुद्वारा साहिब की ओर से लंगर लगाया गया। किसानों ने आमजन के लिए टोल फ्री कर दिया। इसी बीच एक युवा किसान की गाड़ी पर लगे फास्ट टैग से पर्ची कटने का संदेश आया तो उसने किसानों को यह बात बताई। इसके बाद किसानों ने टोल प्लाजा के कर्मचारियों को घेर लिया। टोल प्लाजा कर्मचारियों के पैसे वापस करने के आश्वासन देने के बाद किसानों ने उन्हें छोड़ा।
पुलिस के सामने ही हटाया अवरोधक
किसान जत्थों के पहुंचने से पहले सिरसा के डीसी प्रदीप कुमार, एसपी भूपेंद्र सिंह ने सुरक्षा प्रबंधों का निरीक्षण किया। सिरसा पुलिस हाइवे पर हनुमान मंदिर व पेट्रोल पंप पर तैनात थी। लेकिन किसानों के खैरेकां पहुंचने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी वहां से हट गए। किसानों ने पुलिस के सामने ही अवरोधक हटाए। किसानों के जोश को देखकर सिरसा पुलिस चुपचाप एक तरफ खड़ी रही।
काफिले में 700 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राली और ट्रक
किसानों के काफिले में 700 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राली और 70 से 80 ट्रक, कैटर, बस शामिल थी। इसके अतिरिक्त युवा किसान मोटरसाइकिल, गाड़ियों पर सवार होकर निकल रहे थे। खुद बुजुर्ग किसान ट्रैक्टर का स्टेयरिंग थामे हुए थे। पंजाब से आए किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों में लकड़ी, पानी की टंकी व खाने-पीने का राशन लेकर आए थे। किसानों के काफिले में 25 साल के युवा से लेकर 80 साल के बुजुर्ग व महिलाएं शामिल है। किसानों के राशन सामग्री को देखकर ऐसा लगता है कि दिल्ली पहुंचने के बाद किसान लंबा पड़ाव डालेंगे।
प्रशासन ने शाम को पुल से हटाए अवरोधक
किसानों के जाने के बाद प्रशासन ने खुद ने शाम चार बजे घग्गर पुल पर दोनों ओर बनाए गए अवरोधकों को हटाना शुरू कर दिया। करीब सात बजे तक घग्गर पुल से पूरी तरह से अवरोधक हटा दिए गए और आमजन के हाईवे खोल दिया गया। इससे पहले सुबह आमजन को लिंक रास्तों से निकलना पड़ा।

घग्गर पुल पर प्रशासन द्वारा लगाए गए सीमेंट बैरिकेड हटाते किसान।- फोटो : Sirsa

रास्ता खोलने के बाद दिल्ली के लिए रवाना होते किसान- फोटो : Sirsa