गोरीवाला। भारतमाला सड़क परियोजना के अंतर्गत आने वाले नौ गांव के प्रतिनिधियों से वार्ता के लिए वीरवार को कार्यालय में बुलाया गया। वार्ता में उपखंड अधिकारी राजेश पूनिया, डीआरओ चांदी राम व एनएचएआई से एसडीओ सुरेंद्र बौरा शमिल हुए। जानकारी के अनुसार जब वार्ता शुरू हुई तो हमेशा की भांति मुद्दे से हटकर डीआरओ किसानों के साथ बात कर रहे थे। जब किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने क्रम वाइज मांगे प्रशासन के सामने रखी तो सबसे पहले अवॉर्ड रिवाइज करके उचित मुआवजा दिया जाने की मांग रखी गई।
खेतों में सिंचाई पानी निकासी के लिए उचित व्यवस्था की जाए तो डीआरओ ने कहा इन मांगों को हम पूरा नहीं कर सकते तो किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा जब आप किसानों की जायज मांगों को पूरा नहीं कर सकते तो फिर आपके साथ वार्ता करने का कोई मतलब नहीं बनता। जिसके बाद वार्ता पूर्ण रूप से विफल हो गई। डीआरओ किसानों को बिना कोई संतोषजनक जवाब दिए जाने लगे तो किसानों का प्रतिनिधिमंडल राकेश फगोड़िया, दयाराम उलाणिया, बलकरण सरपंच, मोहन लाल भांभू डीआरओ की गाड़ी के आगे लेट गए। गाड़ी के आगे बैठकर जिला प्रशासन होश में आओ, हरियाणा सरकार होश में आओ के नारे लगाने लगे। वहीं किसानों ने मांग रखी की कि हमारी राज्य सरकार के साथ वार्ता करवाई जाए। क्योंकि जो अधिकारी वार्ता करने के लिए आते है। वह फैसला लेने में सक्षम नहीं होते। किसानों ने कहा कि अबकी बार प्रशासन के साथ वार्ता करने के लिए नहीं आएंगे। क्योंकि जब कई दौर की वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकला। अनेकों बार ज्ञापन दिए जाने पर आज तक सुनवाई नहीं हुई । इसलिए निश्चित रूप से खेतों में संघर्ष करेंगे। जब तक सरकार किसानों की मांगों को नहीं मानती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं किसी भी सूरत में एनएचआई को खेतों में नहीं घुसने दिया जाएगा।