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किसानों ने 4 घंटे घेरे रखा लघु सचिवालय, उपमुख्यमंत्री के काफिले को दिखाए काले झंडे
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सिरसा। कृषि कानूनों के विरोध में किसान लगातार मंत्रियों का घेराव कर रहे हैं और काले झंडे दिखाकर उनका विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को लघु सचिवालय में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पहुंचने की सूचना पर किसान मौके पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान करीब चार घंटे लघु सचिवालय के दोनों प्रवेश द्वारों पर बैठे रहे। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सुरक्षा के एहतियातन पुलिस ने किसानों की घेराबंदी कर दी। दोपहर करीब ढाई बजे तक जब डिप्टी सीएम का काफिला निकला तो किसानों ने काले झंडे दिखाकर रोष जताया।
शनिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सुबह करीब साढ़े 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे थे। इसकी सूचना मिली तो किसान नेता लखविंद्र सिंह ओलख, गुरप्रीत सिंह व मैक्स साहुवाला की अध्यक्षता में किसान काले झंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। किसानों के लघु सचिवालय पहुंचने की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इस दौरान किसानों को सचिवालय के गेट के बाहर ही रोक दिया गया। इस र किसान मुख्य गेट पर दरी बिछाकर बैठ गए और नारेबाजी करते रहे। दोपहर डेढ़ बजे उपमुख्यमंत्री के काफिले को लघु सचिवालय के दूसरे गेट से निकालने की सूचना मिलने पर किसानों का एक जत्था सचिवालय के दूसरे गेट पर पहुंच गया और धरना देकर बैठ गया।
किसानों ने सचिवालय के अंदर जाने का किया प्रयास, पुलिस ने रोका
उपमुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के लिए किसानों ने चार घंटे तक लघु सचिवालय का घेराव किए रखा। काफी समय के इंतजार के बाद भी उपमुख्यमंत्री लघु सचिवालय से बाहर नहीं आए तो किसानों ने दोपहर दो बजे लघु सचिवालय के गेट को पार करके अंदर दाखिल हो गए। डीएसपी कुलदीप सिंह तुरंत अंदर भागे। किसानों को अंदर पकड़ लिया गया, साथ ही गेट पर पुलिस और किसानों में धक्का मुक्की हुई। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को पकड़ लिया। पुलिस बल अधिक होने के कारण किसान सचिवालय में नहीं पहुंच सके और फिर से दरी पर बैठ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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पुलिस कर्मी भी किसानों को देते रहे बार-बार चकमा
उप मुख्यमंत्री के काफिले को सचिवालय से बाहर निकालने के लिए पुलिस कर्मी भी किसानों को चकमा देते हुए नजर आए। उपमुख्यमंत्री के काफिले को निकालने के लिए अधिकारी कभी मुख्य गेट की तरफ जाते हुए दिखाई दिए तो कभी पिछले गेट का निरीक्षण करते नजर आए। इस दौरान पुलिस कर्मी द्वारा गाड़ियों को सचिवालय में ही एक चक्कर लगवा दिया गया। इस दौरान दोनों गेटों पर खड़े किसान असमंजस की स्थिति में पड़ गए। दोपहर करीब ढाई बजे उपमुख्यमंत्री का काफिला जब मुख्य गेट से निकलने लगा तो पुलिस ने पहले ही किसानों की घेराबंदी कर दी। सचिवालय के रास्ते और किसानों के धरने के बीच पुलिस कर्मी लाइन बनाकर खड़े हो गए। इस दौरान किसानों ने पुलिस की तैनाती में डिप्टी सीएम के काफिले को काले झंडे दिखाए।
प्रदेश-जिले में नहीं होने देंगे उपमुख्यमंत्री का कार्यक्रम : किसान नेता
किसान नेता गुरप्रीत सिंह, मैक्स साहुवाला, सुखी ने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध लगातार कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भाजपा-जजपा नेता गांवों और कार्यक्रमों के शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बीजेपी व जजपा नेता और मंत्री को गांवों में कार्यक्रम का आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री का जिले और प्रदेश में किसी भी जगह पर कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।
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शनिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सुबह करीब साढ़े 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे थे। इसकी सूचना मिली तो किसान नेता लखविंद्र सिंह ओलख, गुरप्रीत सिंह व मैक्स साहुवाला की अध्यक्षता में किसान काले झंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। किसानों के लघु सचिवालय पहुंचने की सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इस दौरान किसानों को सचिवालय के गेट के बाहर ही रोक दिया गया। इस र किसान मुख्य गेट पर दरी बिछाकर बैठ गए और नारेबाजी करते रहे। दोपहर डेढ़ बजे उपमुख्यमंत्री के काफिले को लघु सचिवालय के दूसरे गेट से निकालने की सूचना मिलने पर किसानों का एक जत्था सचिवालय के दूसरे गेट पर पहुंच गया और धरना देकर बैठ गया।
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किसानों ने सचिवालय के अंदर जाने का किया प्रयास, पुलिस ने रोका
उपमुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के लिए किसानों ने चार घंटे तक लघु सचिवालय का घेराव किए रखा। काफी समय के इंतजार के बाद भी उपमुख्यमंत्री लघु सचिवालय से बाहर नहीं आए तो किसानों ने दोपहर दो बजे लघु सचिवालय के गेट को पार करके अंदर दाखिल हो गए। डीएसपी कुलदीप सिंह तुरंत अंदर भागे। किसानों को अंदर पकड़ लिया गया, साथ ही गेट पर पुलिस और किसानों में धक्का मुक्की हुई। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को पकड़ लिया। पुलिस बल अधिक होने के कारण किसान सचिवालय में नहीं पहुंच सके और फिर से दरी पर बैठ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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पुलिस कर्मी भी किसानों को देते रहे बार-बार चकमा
उप मुख्यमंत्री के काफिले को सचिवालय से बाहर निकालने के लिए पुलिस कर्मी भी किसानों को चकमा देते हुए नजर आए। उपमुख्यमंत्री के काफिले को निकालने के लिए अधिकारी कभी मुख्य गेट की तरफ जाते हुए दिखाई दिए तो कभी पिछले गेट का निरीक्षण करते नजर आए। इस दौरान पुलिस कर्मी द्वारा गाड़ियों को सचिवालय में ही एक चक्कर लगवा दिया गया। इस दौरान दोनों गेटों पर खड़े किसान असमंजस की स्थिति में पड़ गए। दोपहर करीब ढाई बजे उपमुख्यमंत्री का काफिला जब मुख्य गेट से निकलने लगा तो पुलिस ने पहले ही किसानों की घेराबंदी कर दी। सचिवालय के रास्ते और किसानों के धरने के बीच पुलिस कर्मी लाइन बनाकर खड़े हो गए। इस दौरान किसानों ने पुलिस की तैनाती में डिप्टी सीएम के काफिले को काले झंडे दिखाए।
प्रदेश-जिले में नहीं होने देंगे उपमुख्यमंत्री का कार्यक्रम : किसान नेता
किसान नेता गुरप्रीत सिंह, मैक्स साहुवाला, सुखी ने कहा कि कृषि कानूनों का विरोध लगातार कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भाजपा-जजपा नेता गांवों और कार्यक्रमों के शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बीजेपी व जजपा नेता और मंत्री को गांवों में कार्यक्रम का आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री का जिले और प्रदेश में किसी भी जगह पर कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।