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भारत बंद : उपमुख्यमंत्री के घर का घेराव करने पहुंचे किसान, पुलिस ने मनाया
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डिप्टी सीएम के घर के सामने प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : Sirsa
केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों द्वारा शुक्रवार को भारत बंद का सिरसा शहर सहित जिले में पूरा असर देखने को मिला। बाजार में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं और लोगों ने खुलकर केंद्र सरकार की नीतियों का रोष जताया। कुछ किसान संगठन बंद के दौरान एकाएक डिप्टी सीएम के घर के आगे पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। पुलिस ने किसानों से मिन्नतें करके उन्हें वहां से उठाया। वहीं डबवाली में एकत्रित हुए किसानों ने भी बठिंडा गोल चौक पर करीब आधा घंटा धरना प्रदर्शन कर रोष जताया और सिल्वर जुबली चौक में लगे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के फ्लैक्स फाड़ दिए।
जानकारी के अनुसार किसान सुबह नौ बजे से सिरसा की अनाज मंडी में इकट्ठे होने शुरू हो गए। किसान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए कहा कि यह कानून देश की आन-बान-शान कहे जाने वाले किसान वर्ग को खत्म कर देगा। इस कानून से केवल उच्च पूंजीपतियों को ही फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस काले कानून से प्रदेश का अन्नदाता भीख मांगने को मजबूर हो जाएगा। उसकी फसल कौड़ियों के भाव बिकेगी और कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं होगा। किसान नेता भारूखेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार इन विधेयकों के खिलाफ उठी किसानों की आवाज को लाख कोशिश के बावजूद भी दबा नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आढ़ती-किसान के रिश्ते को खत्म करना चाहती है। यदि आढ़ती खत्म होता है तो देशभर में किसान खुले बाजार के नाम पर निजी कंपनियों के अधीन हो जाएगा। उन्होंने इस कानून को रद्द करने की मांग उठाई। आंदोलन में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन, अखिल भारतीय नौजवान सभा, आढ़ती एसोसिएशन और विभिन्न किसान संगठन शामिल थे। किसान अपने साथ लंगर की व्यवस्था करके लाए थे।
किसानों के रोष प्रदर्शन को लेकर जिले में 500 से ज्यादा जवान ड्यूटी पर तैनात थे, वहीं 25 ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए थे।
बुजुर्ग किसान भी ट्रैक्टर ट्राली और फीटर रेहड़े पर सवार होकर पहुंचे बाजार
इससे बाद किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों, फीटर रेहड़े व बाइक पर सवार होकर बाजारों की ओर निकले। सुभाष चौक पर एकत्रित होकर हरियाणा किसान मंच के पदाधिकारियों ने लोगों को संबोधित किया। विपक्षी दल कांग्रेस के नेता होशियारी लाल शर्मा ने भी किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया। वहीं हरियाणा रोडवेज कर्मियों का एक जत्था भी किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए सुभाष चौक पर पहुंचा। कृषि विधेयक पर गुरदीप सिंह झीड़ी, कामरेड सोहन सिंह विर्क, मनीष ढिल्लो, टाटा सिंह पंजुआना, तिलकराज, रोशन सुचान, बलबीर कौर गांधी, दयाराम फतेहपुरिया, पवन जोधपुरिया ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। भारत बंद को लेकर युवा किसान टोलियों में बाजार में पहुंची। जहां भी बाजार खुले मिले, किसानों के अनुरोध पर तुरंत दुकानदार अपने शटर डाउन करते दिखाई दिए। हालांकि किसानों ने मेडिकल स्टोर की दुकानें नहीं बंद करवाई।
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दोपहर पौने एक बजे डिप्टी सीएम के घर का किसान संगठनों ने किया घेराव
किसान संगठन अलग-अलग बाजारों में प्रदर्शन कर रहे थे। तभी कुछ किसान विरोध जताते हुए बरनाला रोड की ओर चल पड़े। किसानों को देखकर दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी। इसके बाद एकाएक किसानों का एक दल डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के घर के बाहर पहुंच गया। किसानों ने डिप्टी सीएम के घर के आगे जाम लगा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मचारी तुरंत हरकत में आई। पुलिस कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से किसानों को समझाकर और मिन्नतें करके वहां से वापस भेजा। करीब पांच मिनट तक किसान डिप्टी सीएम के घर का घेराव करके बैठे रहे। उनके वापस जाने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
मंडी में आढ़तियों ने दुकानें रखी बंद
भारत बंद में शुक्रवार को दि आढ़तियान एसोसिएशन सिरसा के नेतृत्व में अनाज मंडी बंद रही। कपास मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसोसिएशन अध्यक्ष हरदीप सरकारिया ने कहा कि कृषि विधेयक किसानों के हित में नहीं है। सरकार आढ़तियों व किसानों के बीच के तालुकात खत्म करना चाहती है जोकि उचित नहीं है। सरकार को चाहिए कि वे जनहित में निर्णय लें लेकिन सरकार जनभावनाओं को कुचलने में लगी है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आढ़ती पदाधिकारियों की हुई मुलाकात के बाद एक बार हड़ताल को स्थगित किया गया है और 10 दिन का समय मांगा गया है अगर सरकार 10 दिनों के भीतर आढ़ती-किसान हित में निर्णय नहीं लेती है तो आढ़ती पंजाब, हरियाणा व राजस्थान बंद करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। इससे पूर्व आढ़तियों ने कपास मंडी से शुरू कर एडिशनल मंडी से होते हुए सभी पांचों मंडियों में रोष मार्च भी निकाला।
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जानकारी के अनुसार किसान सुबह नौ बजे से सिरसा की अनाज मंडी में इकट्ठे होने शुरू हो गए। किसान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए कहा कि यह कानून देश की आन-बान-शान कहे जाने वाले किसान वर्ग को खत्म कर देगा। इस कानून से केवल उच्च पूंजीपतियों को ही फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस काले कानून से प्रदेश का अन्नदाता भीख मांगने को मजबूर हो जाएगा। उसकी फसल कौड़ियों के भाव बिकेगी और कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं होगा। किसान नेता भारूखेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार इन विधेयकों के खिलाफ उठी किसानों की आवाज को लाख कोशिश के बावजूद भी दबा नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आढ़ती-किसान के रिश्ते को खत्म करना चाहती है। यदि आढ़ती खत्म होता है तो देशभर में किसान खुले बाजार के नाम पर निजी कंपनियों के अधीन हो जाएगा। उन्होंने इस कानून को रद्द करने की मांग उठाई। आंदोलन में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन, अखिल भारतीय नौजवान सभा, आढ़ती एसोसिएशन और विभिन्न किसान संगठन शामिल थे। किसान अपने साथ लंगर की व्यवस्था करके लाए थे।
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किसानों के रोष प्रदर्शन को लेकर जिले में 500 से ज्यादा जवान ड्यूटी पर तैनात थे, वहीं 25 ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए थे।
बुजुर्ग किसान भी ट्रैक्टर ट्राली और फीटर रेहड़े पर सवार होकर पहुंचे बाजार
इससे बाद किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों, फीटर रेहड़े व बाइक पर सवार होकर बाजारों की ओर निकले। सुभाष चौक पर एकत्रित होकर हरियाणा किसान मंच के पदाधिकारियों ने लोगों को संबोधित किया। विपक्षी दल कांग्रेस के नेता होशियारी लाल शर्मा ने भी किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया। वहीं हरियाणा रोडवेज कर्मियों का एक जत्था भी किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए सुभाष चौक पर पहुंचा। कृषि विधेयक पर गुरदीप सिंह झीड़ी, कामरेड सोहन सिंह विर्क, मनीष ढिल्लो, टाटा सिंह पंजुआना, तिलकराज, रोशन सुचान, बलबीर कौर गांधी, दयाराम फतेहपुरिया, पवन जोधपुरिया ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। भारत बंद को लेकर युवा किसान टोलियों में बाजार में पहुंची। जहां भी बाजार खुले मिले, किसानों के अनुरोध पर तुरंत दुकानदार अपने शटर डाउन करते दिखाई दिए। हालांकि किसानों ने मेडिकल स्टोर की दुकानें नहीं बंद करवाई।
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दोपहर पौने एक बजे डिप्टी सीएम के घर का किसान संगठनों ने किया घेराव
किसान संगठन अलग-अलग बाजारों में प्रदर्शन कर रहे थे। तभी कुछ किसान विरोध जताते हुए बरनाला रोड की ओर चल पड़े। किसानों को देखकर दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी। इसके बाद एकाएक किसानों का एक दल डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के घर के बाहर पहुंच गया। किसानों ने डिप्टी सीएम के घर के आगे जाम लगा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मचारी तुरंत हरकत में आई। पुलिस कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से किसानों को समझाकर और मिन्नतें करके वहां से वापस भेजा। करीब पांच मिनट तक किसान डिप्टी सीएम के घर का घेराव करके बैठे रहे। उनके वापस जाने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
मंडी में आढ़तियों ने दुकानें रखी बंद
भारत बंद में शुक्रवार को दि आढ़तियान एसोसिएशन सिरसा के नेतृत्व में अनाज मंडी बंद रही। कपास मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसोसिएशन अध्यक्ष हरदीप सरकारिया ने कहा कि कृषि विधेयक किसानों के हित में नहीं है। सरकार आढ़तियों व किसानों के बीच के तालुकात खत्म करना चाहती है जोकि उचित नहीं है। सरकार को चाहिए कि वे जनहित में निर्णय लें लेकिन सरकार जनभावनाओं को कुचलने में लगी है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आढ़ती पदाधिकारियों की हुई मुलाकात के बाद एक बार हड़ताल को स्थगित किया गया है और 10 दिन का समय मांगा गया है अगर सरकार 10 दिनों के भीतर आढ़ती-किसान हित में निर्णय नहीं लेती है तो आढ़ती पंजाब, हरियाणा व राजस्थान बंद करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। इससे पूर्व आढ़तियों ने कपास मंडी से शुरू कर एडिशनल मंडी से होते हुए सभी पांचों मंडियों में रोष मार्च भी निकाला।