फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Farmers raised slogans for one hour for not getting DAP fertilizer

Sirsa News: डीएपी खाद न मिलने पर किसानों ने एक घंटे तक की नारेबाजी, प्रशासन बोला - नहीं आने दी जाएगी कमी

Wed, 02 Oct 2024 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 02 Oct 2024 02:52 AM IST
विज्ञापन
Farmers raised slogans for one hour for not getting DAP fertilizer
सिरसा। अभी धान व ग्वार की कटाई व नरमा की चुगाई पूरी तरह से शुरू भी नहीं हुई है उससे पहले ही किसानों को गेहूं और सरसों के बिजाई के लिए डीएपी की चिंता सताने लगी है। डीएपी के लिए खाद केंद्रों पर किसान की भीड़ देखने को मिल रही है। खाद के लिए किसान कर्मचारियों से उलझ रहे हैं। मंगलवार को जनता भवन रोड पर बने इफको केंद्र पर बड़ी संख्या में किसानों ने खाद न मिलने से विरोध जताया। एक घंटे तक किसानों ने हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि डीएपी के लिए सोमवार को इफको केंद्र पर आए थे। सूचना मिली थी कि एक हजार बैग खाद केंद्र पर आई है। ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन में परेशानी आने के कारण कर्मचारियों ने उन्हें मंगलवार को बुलाया। वे मंगलवार सुबह छह बजे ही लाइन में लग गए। इसके बाद जब बिल कटवाने पहुंचे, तो पता चला कि मशीन में खाद ऑनलाइन शो नहीं कर रही। आज भी खाद नहीं मिल पाएगी। इस पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। एक घंटे की नारेबाजी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। किसानों को पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि आप लोगों को आज ही खाद दी जाएगी। थोड़ी देर में खाद को ऑनलाइन करके आवश्यकता अनुसार सब को दिया जाएगा। इसके बाद किसान शांत हुए।
विज्ञापन


आपसी सहमति के बाद हुआ वितरण
इफको केंद्र पर एक हजार बैग आए थे। लाइन में लगे किसानों की मांग चार हजार बैग की थी। पुलिस के समझाने और आपसी सहमति से प्रति किसान 10 बैग की जगह तीन बैग देना सुनिश्चित हुआ। ऐसे में किसानों को नंबर के अनुसार तीन बैग डीएपी के दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन






उपायुक्त बोले- नहीं आने दी जाएगी किसानों को दिक्कत

उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में जिले में उर्वरकों, विशेषकर यूरिया और डीएपी की खपत में तेजी आ सकती है। गांव स्तर पर उर्वरक के सुचारू और बेहतर वितरण के लिए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने निर्णय लिया है कि कुल आपूर्ति का 40 प्रतिशत हैफेड, पीएसी व सहकारी क्षेत्र के माध्यम से वितरित किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी एसडीएम, आरटीए, पंचायती राज विभाग राजस्व विभाग, डीएम हैफड, कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों में उर्वरकों की चोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाए। उर्वरकों के स्टॉक की नियमित तौर पर जांच की जाए। फर्टिलाइजर मैनेजिंग सिस्टम (एफएमएस) को अपडेट किया जाए। प्रत्येक आउटलेट पर स्टॉक और मूल्य का प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा भी संज्ञान में आया है कि कुछ डीलर, दुकानदार किसानों को उर्वरक के बदले नैनो-यूरिया, कीटनाशक आदि खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जो गलत है।


हम सुबह तीन बजे से लाइन में लगे हुए हैं। हमें दस बैग डीएपी की जरूरत है। अब तक एक बैग भी नहीं मिला है। हर बार ऐसा ही होता है, किसानों को जब जरूरत होती है, तब तो खाद मिलती ही नहीं है। बाद में गोदामों में खराब होती है। - राजेंद्र सिंह, किसान बुर्जभंगु।

दो दिन से खाद के लिए इफको केंद्र पर धक्के खा रहा हूं। खाद मिलने की कोई आशा नहीं है। ऐसे में आढ़तियों व अन्य दुकानदारों से महंगे दामों पर खाद खरीदने पर मजबूर होंगे। - पृथ्वी सिंह, किसान, फुलकां।


सरकार का हर बार का यही तरीका है। जब यूरिया की जरूरत होती है तो यूरिया नहीं मिलती है। जब डीएपी की जरुरत तो डीएपी नहीं मिलती है।
सुरजीत सिंह, किसान नेजाडेला कला।

इनके पास खाद है, लेकिन किसानों को देना नहीं चाहते हैं, ताकि व्यापारियों के साथ हाथ मिलाकर ब्लैक में बेच सकें। हमने देखा है कि तीन ट्रक डीएपी आई, परंतु अब तक हमें दो-दो बैग भी डीएपी नहीं मिली है। हरजेंद्र सिंह, किसान, नेजाडेला कला।

इफको का प्राइवेट रैंक लगा है। हमारे पास एक हजार बैग डीएपी आई है। ऑनलाइन होने के बाद किसानों की आपसी सहमति के बाद किसानों को तीन-तीन बैग डीएपी दी जा रही है। अभी किसानों को बिजाई के अनुसार जितनी जरूरत है। उसके हिसाब से डीएपी आ रही है, आगे के लिए हमने रैंक लगा रखा। - संजय सिंह, स्टोर कीपर, इफको केंद्र, हैफेड मार्केट सोसायटी।



डीएपी खाद की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। 10 हजार मीट्रिक टन खाद जिले में पहुंच चुकी है। 7 हजार मीट्रिक टन खाद बांटी जा चुकी है। तीन हजार मीट्रिक टन एक-दो दिन में बांट दी गई है। हमारा कुल टारगेट 41 हजार मीट्रिक टन है। जिले में किसानों को खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी। किसानाें से अपील है कि डीएपी खाद का स्टॉक न करें। - डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed