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Sirsa News: चौटाला में धरनारत किसानों ने बिजली घर के गेट पर की तालाबंदी

Thu, 25 Jul 2024 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 25 Jul 2024 01:21 AM IST
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Farmers protesting in Chautala locked the gate of the power house
गांव चौटाला में बिजली निगम कार्यालय के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन करते किसान।   संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। खेतों में नलकूपों के खराब ट्रांसफार्मर बदलने की मांग को लेकर गांव चौटाला बिजली घर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों ने दूसरे दिन बुधवार को बिजली घर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। किसानों ने यह कदम तब उठाया जब कोई भी अधिकारी उनकी समस्या सुनने के लिए धरनास्थल पर नहीं पहुंचा।
इसके बाद अधिकारी हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर धरनारत्त किसानों से बात की। लेकिन समझौता वार्ता सिरे नहीं चढ़ सकी और किसानों ने धरना व तालाबंदी जारी रखने का निर्णय लिया। किसान नेता राकेश फगोड़िया ने बताया कि बिजली विभाग और निजी कंपनी की मनमानी के चलते किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं फिर भी बिजली विभाग के कर्मचारी, अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इसी वजह से किसानों को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए भी आंदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब कोई अधिकार दोपहर तक भी नहीं आया तो उन्हें मजबूरन गेट पर ताला लगाकर आंदोलन को तेज करना पड़ा।
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इसके बाद ही अधिकारियों की नींद टूटी। डबवाली से विद्युत निगम के एसडीओ बाना राम ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों से बात की। उन्होंने तुंरत ठेकेदार फर्म के संचालकों को भी फोन लगाया। उन्होंने कहा कि अबूबशहर के किसान को 15 दिन से ट्रांसफार्मर नहीं मिलने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि उनके पास ट्रांसफार्मर की सप्लाई के लिए 15 दिन का समय होता है। इस पर राकेश फगोड़िया ने कहा कि यदि 45-45 दिन ट्रांसफार्मर नहीं बदला जाए तो किसानों की फसलों को बर्बाद होने से कैसे बचा पाएंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में ट्रांसफार्मर जल्दी बदलने का आश्वासन तो दिया, मगर गलती होने के बावजूद संबंधित किसान को खराब हुई फसल का मुआवजा देने की हामी अधिकारियों व ठेकेदार फर्म ने नहीं भरी।
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राकेश फगोड़िया ने तालाबंदी के दौरान निगम के एक कर्मचारी पर किसानों से दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगाए और उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिन-रात के धरने के बावजूद भी किसानों को न्याय देने वाला कोई नहीं है। इस तानाशाही को किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।
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