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Sirsa News: किसानों ने मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
Wed, 05 Aug 2026 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:40 PM IST
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किसास यूनियन प्रदर्शन करते हुए । संवाद
किसानों ने राष्ट्रीय व स्थानीय मांगों पर लघु सचिवालय में अलग-अलग मांग पत्र दिए
फोटो - 4,5
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी राष्ट्रीय व स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को ज्ञापन सौंपे। संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक भारत और भारतीय किसान एकता के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ। उन्होंने लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन को अलग-अलग मांग पत्र दिए।
संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। भारतीय किसान एकता ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को मांग पत्र प्रेषित किया। बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि इससे पहले जाट धर्मशाला में संयुक्त बैठक हुई।
इसके बाद किसान पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जिला उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की मांगें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। दर्जनों गांवों से किसान इस मौके पर उपस्थित थे।
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प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने को कहा। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली व बीज विधेयक वापस लेने की मांग की। प्राकृतिक आपदाओं के मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की भी बात उठाई। भारतीय किसान एकता ने अल्प वर्षा से खराब फसलों के लिए विशेष राहत पैकेज मांगा। उन्होंने पर्याप्त मुआवजा, नहरी पानी, निर्बाध बिजली और डीएपी व यूरिया की कालाबाजारी रोकने की मांग की।
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फोटो - 4,5
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी राष्ट्रीय व स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को ज्ञापन सौंपे। संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक भारत और भारतीय किसान एकता के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ। उन्होंने लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन को अलग-अलग मांग पत्र दिए।
संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। भारतीय किसान एकता ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को मांग पत्र प्रेषित किया। बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि इससे पहले जाट धर्मशाला में संयुक्त बैठक हुई।
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इसके बाद किसान पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जिला उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की मांगें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। दर्जनों गांवों से किसान इस मौके पर उपस्थित थे।
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प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने को कहा। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने, बिजली व बीज विधेयक वापस लेने की मांग की। प्राकृतिक आपदाओं के मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधार की भी बात उठाई। भारतीय किसान एकता ने अल्प वर्षा से खराब फसलों के लिए विशेष राहत पैकेज मांगा। उन्होंने पर्याप्त मुआवजा, नहरी पानी, निर्बाध बिजली और डीएपी व यूरिया की कालाबाजारी रोकने की मांग की।