फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Farmers of Raipur, Satpal and Surendra, two brothers increased their income by selling cucumber along with its seeds.

रायपुर के किसान सतपाल व सुरेंद्र दो भाइयों ने ककड़ी के साथ उसके बीज बेचकर बढ़ाई अपनी आमदनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
Farmers of Raipur, Satpal and Surendra, two brothers increased their income by selling cucumber along with its seeds.
चोपटा। गांव रायपुर के 2 किसान भाइयों सुरेंद्र व सतपाल बैनीवाल ने अपने खेत में 4 साल पहले 2 एकड़ खेत में नरमे की फसल के साथ ककड़ी लगाकर कमाई का जरिया खोजकर आत्मनिर्भर बन गए। इन्होंने नरमे की फसल के साथ-साथ उसी समय ककड़ी की भी बिजाई कर दी। विपरीत परिस्थितियों में कुछ करने के जज्बे ने किसानों को आसपास के गांवों में अलग पहचान भी दिलवाई। जिससे वे किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए। किसान अब हर वर्ष यही प्रक्रिया अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन

ककड़ी के साथ-साथ उसका बीज बेचकर ऐसे होती है कमाई
गांव रायपुर के किसान सतपाल बैनीवाल ने बताया कि परंपरागत कृषि के साथ-साथ कोई अन्य काम धंधा शुरू करने का मन बनाया। ऐसे में उन्होंने परंपरागत खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का जरिया खोजना शुरू किया। उन्होंने बताया कि परंपरागत खेती में खर्चा ज्यादा व बचत कम होने पर घाटा ही लगता। अपने भाई सुरेंद्र बैनीवाल के साथ मिलकर उन्होंने 4 साल पहले 2 एकड़ जमीन में नरमे की फसल में ककड़ी के बीज का छिड़काव कर दिया। जिससे ककड़ी की पैदावार भी शुरू हो गई। पहले साल उन्होंने ककड़ी बेची व उसका बीज निकालकर तैयार करना शुरू किया। इससे उन्हें करीब 40 हजार की अतिरिक्त आमदनी हुई। वहीं नरमे की फसल की पैदावार भी बेहतर हुई। इसके बाद उन्होंने हर वर्ष जब भी नरमे की फसल की बिजाई करते हैं, उसी समय ककड़ी के बीज भी लगा देते हैं। जिससे जब तक नरमे की फसल पकने के कगार पर आती है। तब तक ककड़ी की पैदावार भरपूर हो जाती है। ककड़ी के बीज बनाकर उन्नत किस्म के बीज बाजार में करीब 600 से 700 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकते हैं। हर साल करीब 50 किलोग्राम बीज से 35 हजार रुपये की कमाई हो जाती है और ककड़ी अलग से बेचकर करीब 50 हजार रुपये की कमाई 2 एकड़ में हो जाती है। नरमे की फसल भी अपने सीजन के अनुसार अच्छी होती है। उन्होंने बताया की एक साथ दो फसलों से डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ कमाई होने लगी। जिससे उनकी घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई। ककड़ी की बेल से जमीन में खाद भी अच्छी लगती है और नरमे की फसल का उत्पादन भी बेहतर होता है ।
विज्ञापन

आसपास के गांवों के लोग भी पहुंचते है बीच खरीदने
सतपाल ने बताया कि उनकी लगाई ककड़ी व उसके बीज आसपास के गांवों के लोग व सब्जी विक्रेता लेकर जाते हैं। सिरसा मंडी में सब्जी को ले जाकर बेचने में यातायात खर्च ज्यादा आता है तथा बचत कम होती है। उसका कहना है कि अगर सब्जियों व फलों की मंडी नाथूसरी चोपटा मे विकसित हो जाए तो यातायात खर्च कम होने से बचत ज्यादा हो जाएगी। इसके अलावा सरकार को अनुदान भी देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed