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Sirsa News: खरीफ चैनल का निर्माण न होने के विरोध में 15 गांवों के किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च
Tue, 05 Mar 2024 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 05 Mar 2024 10:32 PM IST
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सिरसा। नहरी पानी को लेकर धिंगतानियां व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त किसान संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को 15 गांवों के किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। किसानों के ट्रैक्टर मार्च की पूर्व घोषणा के चलते ट्रैफिक पुलिस पहले से मुस्तैद नजर आई। वहीं किसान गांव नटार से ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर किसानों ने मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी जताई।
लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर तीन घंटे तक प्रदर्शन करते हुए किसान उपायुक्त का इंतजार करते रहे। हालांकि दो बार किसानों से मिलने और उनका ज्ञापन लेने के लिए एडीएम उनके बीच पहुंचे। लेकिन किसानों से उन्हें ज्ञापन देने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद उपायुक्त से 30 सदस्यीय कमेटी ने मुलाकात की और अपना ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाया जाएगा।
बता दें कि धिंगतानियां व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल का निर्माण न होने के विरोध में 15 गांवों के किसान मंगलवार को गांव नटार में स्थित बाबा भूमण शाह गुरुद्वारा में एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने 150 ट्रैक्टर और 50 बाइकों पर सवार होकर मार्च निकालना शुरू किया। मार्च शहर के शिवपुरी रोड, शिव चौक, सांगवान चौक, सुरखाब चौक व बरनाला रोड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां किसानों ने गेट पर धरना देकर सरकार के खिलाफ पहले तो नारेबाजी की और इसके पश्चात मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सांसद सुनीता दुग्गल व गोपाल कांडा के पुतले फूंके। किसान उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की जिद्द पर अड़े रहे। उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों से बातचीत की। किसान नेताओं के अनुसार कोई स्थायी समाधान बैठक में नहीं निकला, पूर्व की तरह आश्वासन ही दिया गया है। जब तक स्थायी समाधान नहीं होता है हमारा धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर किसान नेता बलदेव सिंह, हमजिंद्र सिंह, जगदीश, भूपेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, धर्मचंद, सुखाराम, प्रीतम सिंह, नक्षतर सिंह व वीरुराम सहित करीब 300 किसान शामिल हुए।
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गीत व कविताओं के माध्यम से किसानों ने रखी अपनी व्यथा
ट्रैक्टर मार्च में शामिल बाजेंका धरना स्थल से किसान नेता भजन लाल ने गीत के माध्यम से बताया कि सावणियां भी गई तै हाड़ियां भी गई, किसानों की आज यही दशा बनी हुई है। वहीं किसान नेता स्वर्ण सिंह विर्क ने कहा कि तेजाखेड़ा व सुलतानपुरिया को जमजम बना दो हमें कोई एतराज नहीं है। परंतु हमारे क्षेत्र के साथ दोगला व्यवहार भी नहीं करना चाहिए। किसानों ने कहा कि हमारी मांग कोई नई नहीं है और पिछले 15 सालों से खरीफ चैनल की मांग उठाते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की और बजट भी पास हो गया लेकिन इसके बावजूद धिंगतानियां व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल का निर्माण नहीं हुआ।
20 कदम पर डीसी नहीं पहुंच सकते, चंडीगढ़ कैसे पहुंचेगी बात
जिला प्रधान हीरा सिंह औलख ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 38 दिन से लघु सचिवालय में धरना देकर बैठे हुए है। इस बीच 20 कदम की दूरी पर उपायुक्त कार्यालय है लेकिन डीसी साहब समस्या जानने नहीं पहुंचे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों के पास हमारी बात कहां से पहुंच पाएगी।
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लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर तीन घंटे तक प्रदर्शन करते हुए किसान उपायुक्त का इंतजार करते रहे। हालांकि दो बार किसानों से मिलने और उनका ज्ञापन लेने के लिए एडीएम उनके बीच पहुंचे। लेकिन किसानों से उन्हें ज्ञापन देने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद उपायुक्त से 30 सदस्यीय कमेटी ने मुलाकात की और अपना ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करवाया जाएगा।
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बता दें कि धिंगतानियां व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल का निर्माण न होने के विरोध में 15 गांवों के किसान मंगलवार को गांव नटार में स्थित बाबा भूमण शाह गुरुद्वारा में एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने 150 ट्रैक्टर और 50 बाइकों पर सवार होकर मार्च निकालना शुरू किया। मार्च शहर के शिवपुरी रोड, शिव चौक, सांगवान चौक, सुरखाब चौक व बरनाला रोड होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां किसानों ने गेट पर धरना देकर सरकार के खिलाफ पहले तो नारेबाजी की और इसके पश्चात मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सांसद सुनीता दुग्गल व गोपाल कांडा के पुतले फूंके। किसान उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की जिद्द पर अड़े रहे। उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों से बातचीत की। किसान नेताओं के अनुसार कोई स्थायी समाधान बैठक में नहीं निकला, पूर्व की तरह आश्वासन ही दिया गया है। जब तक स्थायी समाधान नहीं होता है हमारा धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर किसान नेता बलदेव सिंह, हमजिंद्र सिंह, जगदीश, भूपेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, धर्मचंद, सुखाराम, प्रीतम सिंह, नक्षतर सिंह व वीरुराम सहित करीब 300 किसान शामिल हुए।
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गीत व कविताओं के माध्यम से किसानों ने रखी अपनी व्यथा
ट्रैक्टर मार्च में शामिल बाजेंका धरना स्थल से किसान नेता भजन लाल ने गीत के माध्यम से बताया कि सावणियां भी गई तै हाड़ियां भी गई, किसानों की आज यही दशा बनी हुई है। वहीं किसान नेता स्वर्ण सिंह विर्क ने कहा कि तेजाखेड़ा व सुलतानपुरिया को जमजम बना दो हमें कोई एतराज नहीं है। परंतु हमारे क्षेत्र के साथ दोगला व्यवहार भी नहीं करना चाहिए। किसानों ने कहा कि हमारी मांग कोई नई नहीं है और पिछले 15 सालों से खरीफ चैनल की मांग उठाते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की और बजट भी पास हो गया लेकिन इसके बावजूद धिंगतानियां व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल का निर्माण नहीं हुआ।
20 कदम पर डीसी नहीं पहुंच सकते, चंडीगढ़ कैसे पहुंचेगी बात
जिला प्रधान हीरा सिंह औलख ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 38 दिन से लघु सचिवालय में धरना देकर बैठे हुए है। इस बीच 20 कदम की दूरी पर उपायुक्त कार्यालय है लेकिन डीसी साहब समस्या जानने नहीं पहुंचे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों के पास हमारी बात कहां से पहुंच पाएगी।