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एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने कक्षाएं छोड़ दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:52 AM IST
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एक्सटेंश्ान लेक्चरर्स
- फोटो : bureau
लंबित मांगों को लेकर सभी राजकीय महाविद्यालयों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स द्वारा वीरवार को भी धरना जारी रहा। सभी राजकीय कॉलेजों में चल रहे धरने के चौथे दिन इनेलो विधायक मक्खन लाल सिंगला, जिलाध्यक्ष पदम जैन धरनास्थल पर पहुंचे और उनका समर्थन किया। विधायक ने इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में उठाने का आश्वासन दिया।
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विधायक ने कहा कि अच्छे दिनों का वादा करके सत्ता में आई बीजेपी सरकार में उच्च शिक्षित वर्ग, देश के भविष्य के निर्माणकर्ताओं को धरने पर बैठना पड़ रहा है, जोकि निंदनीय है। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रोष जताया।
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जिला प्रधान डॉ. लखवीर ने धरने पर संबोधित किया कि प्रदेश सरकार एक्सटेंशन लेक्चरर्स के वेतन में बढ़ोतरी की पिछले तीन महीनों से बार-बार घोषणा कर रही है, लेकिन इस संबंध में कोई लेटर जारी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
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डॉ. लखवीर ने बताया कि पांच मई को कोर्ट ने एक्सटेंशन लेक्चरर्स के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आदेश जारी किए थे कि उन्हें कम-से-कम 25 हजार रुपये महीना या 1000 रुपये प्रति लेक्चर पढ़ाने का मेहनताना दिया जाए, जिसके चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री और वित्तमंत्री ने भी उनका वेतन बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन आठ महीने बाद भी अभी तक फिक्स सैलरी को लेकर संबंधित विभाग द्वारा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।
इसके कारण एक्सटेंशन लेक्चरर्स में सरकार के प्रति रोष है। डॉ. लखवीर ने बताया कि एक्सटेंशन लेक्चरर्स शुक्रवार को शिक्षामंत्री को ज्ञापन भी सौंपेंगे। इसी संघर्ष की कड़ी में शुक्रवार को छात्र संगठन 22 ग्रुप मांगों के लिए करेंगे रोष प्रदर्शन।
इसी प्रकार एनएसयूआई भी शुक्रवार को धरने के समर्थन करेगा और क्लास न लगने पर रोष प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सभी स्टूडेंट्स यूनियन, बुद्धिजीवी वर्ग, सामाजिक संगठन, विपक्षी नेताओं, सत्ताधारी नेताओं से शोषण के खिलाफ समर्थन देने की अपील।
सरकार तानाशाही रवैया छोड़कर जल्द उनकी मांगें पूरी करे, ताकि स्टूडेंट्स की कक्षाएं लग सके। इस अवसर पर डॉ. मनदीप, डॉ. शिवानी, डॉ. संगीता, डॉ. राज, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. सुषमा, डॉ. मुकेश, डॉ. गुरदेव, डॉ. राजकुमार, डॉ. मनोज, डॉ. सुनील, डॉ. दिनेश, डॉ. सतपाल, डॉ. इंद्रजीत, डॉ. राजेश आदि उपस्थित थे।