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शिक्षामंत्री की घोषणा के बाद भी खातों में नहीं आया बढ़ा वेतन
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:12 AM IST
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नारेबाजी
- फोटो : bureau
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लंबित मांगों को लेकर सभी राजकीय महाविद्यालयों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स द्वारा शुक्रवार को पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। उधर, शिक्षामंत्री के मांगें मान लेने के आश्वासन पर एक्सटेंशन लेक्चरर्स बोले कि पहले भी शिक्षामंत्री ने वेतन बढ़ाने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ।
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लेक्चरर्स बोले कि जब तक उन्हें लेटर नहीं मिलता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। शुक्रवार को चार शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे। डॉ. इंद्रजीत, डॉ. गुरदेव, डॉ. संगीता और डॉ. मनजीत ने भूख हड़ताल रखी। वहीं जिला प्रधान डॉ. लखवीर ने बताया कि शिक्षामंत्री की घोषणा के बाद जब शाम को खाते चेक किए गए तो उनमें बढ़ा हुआ वेतन नहीं आया। उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
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सभी राजकीय कॉलेजों में चल रहे धरने के पांचवें दिन भी कक्षाएं नहीं लगाईं और शिक्षक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। जिला प्रधान डॉ. लखवीर ने कहा कि प्रदेश सरकार एक्सटेंशन लेक्चरर्स के वेतन में बढ़ोतरी की पिछले तीन महीनों से बार-बार घोषणा कर रही है, लेकिन इस संबंध में कोई लेटर जारी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन भी नहीं मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि हम गत 10 अक्तूबर को शिक्षामंत्री से मिले थे। उन्होंने जब मांगें मान लेने की घोषणा की और प्रेस नोट जारी किया। उन्होंने बताया कि आज सिरसा में वे फिर शिक्षामंत्री से मिले तो उन्होंने उसी प्रकार मांगें मान लेने की घोषणा की और वही प्रेस नोट, जो 10 अक्तूबर को जारी किया था, हमें फैक्स के माध्यम से भेज दिया।
इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि हमारी हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक हमें सरकार का लेटर नहीं मिल जाता। बढ़े हुए वेतन की राशि आज खातों में आने की बात पर भी एक्सटेंशन लेक्चरर्स को भरोसा नहीं है और उन्होंने फिर भी आज अपने खातों में बैलेंस चेक किया तो किसी के खाते में राशि नहीं आई मिली।
जिला प्रधान डॉ. लखवीर ने ने बताया कि पांच मई 2016 को कोर्ट ने एक्सटेंशन लेक्चरर्स के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आदेश जारी किए थे कि उन्हें कम-से-कम 25 हजार रुपये महीना या 1000 रुपये प्रति लेक्चर पढ़ाने का मेहनताना दिया जाए, जिसके चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, वित्तमंत्री ने भी उनका वेतन बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन आठ महीने बाद भी अभी तक फिक्स सैलरी को लेकर संबंधित विभाग द्वारा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।
इसके कारण एक्सटेंशन लेक्चरर्स में सरकार के प्रति रोष है। इस अवसर पर डॉ. मनदीप, डॉ. शिवानी, डॉ. संगीता, डॉ. राज, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. सुषमा, डॉ. मुकेश, डॉ. गुरदेव, डॉ. राजकुमार, डॉ. मनोज, डॉ. सुनील, डॉ. दिनेश, डॉ. सतपाल, डॉ. इंद्रजीत, डॉ. राजेश आदि उपस्थित थे।
पांच दिनों से नहीं लग रहीं कक्षाएं, एनएसयूआई ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
एक्सटेंशन लेक्चरर्स द्वारा की गई हड़ताल से बाधित हो रही पढ़ाई से चिंतित एनएसयूआई ने शुक्रवार को डीसी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारु रखने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने राजकीय नेशनल कॉलेज में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद ज्ञापन सौंपने लघु सचिवालय पहुंचे।
एनएसयूआई के जिला प्रधान विकास पुलियां, रमेश कुलड़िया, सुरजीत गोदारा, हैप्पी, विजय सहारण, अजय राकेश, पंकज चौहान, रमेश, गुलशन, प्रह्लाद, योगेश, मनीराम, कृष्ण आदि ने बताया कि पिछले पांच दिनों से कॉलेजों में कक्षाएं नहीं लग रही हैं और सरकार को इसकी चिंता नहीं है।
उन्होंने बताया कि यदि सोमवार से कक्षाएं नहीं लगीं तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे। उन्होंने मांग की है कि एक्सटेंशन लेक्चरर्स की मांगें तुरंत पूरी की जाएं। उन्होंने उक्त मांगों को लेकर डीसी के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। राजकीय नेशनल कॉलेज और उसके बाद लघु सचिवालय तक विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।