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Sirsa News: ग्रीन बेल्ट को छोड़कर 72 पार्क कल दिए जाएंगे गोद, 66 आवेदन आए
Tue, 19 Nov 2024 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 19 Nov 2024 11:16 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद की नई पहल रंग लाती हुई नजर आ रही है। नए नियमों के साथ शहरवासियों ने समितियां बनाकर अपने आस पास के पार्कों को गोद लेने को आवेदन किया है। प्रशासन ने भी समितियों को राहत देते हुए छोटे पार्कों के क्लस्टर बना दिए हैं। जिससे पांच से दस पार्कों को एक ही समिति संभाल सके।
इसी का परिणाम है कि 72 पार्कों को गोद लेने के लिए 66 आवेदन समितियों के आए हैं। 21 नवंबर तक सभी समितियों को नियमानुसार पार्क सौंप दिए जाएंगे। नगर परिषद प्रशासन ने निर्णय लिया है कि ग्रीन बेल्ट को दुरुस्त किया जाएगा। इसलिए इन्हें गोद नहीं दिया जाएगा।
नगर परिषद के अधीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर परिषद के 82 पार्क हैं। जिला नगर आयुक्त ने पार्कों को गोद देने की प्रक्रिया की जांच की तो कई प्रकार की कमियां सामने आईं। अधिकतर पार्कों को एजेंसियों और बाहरी समितियों को गोद दिया गया था। जिनका उस क्षेत्र से कोई लेना-देना नहीं था। ऐसे में पार्कों को बेहतर बनाने में उन्होंने कोई रुचि नहीं दिखाई और पार्कों की हालत बदतर बनी हुई है। इसी कारण जिला नगर आयुक्त ने पार्कों को नए नियम के साथ गोद देने की प्रक्रिया पर काम करने के आदेश दिए थे। चुनाव के बाद अब नए नियमों के अनुसार पार्कों को गोद दिया जाएगा।
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इस प्रकार हुए हैं आवेदन
कुल पार्क - 76
क्लस्टर बनाए - 18
क्लस्टर में पार्कों की संख्या - 4 से 10
समितियों ने किए आवेदन-- 66
समितियों को पार्क देने हे - 21 नवंबर तक
ग्रीन बेल्ट - 6
-- -
बॉक्स
एजेंसियां और सोसायटी पूर्व में कमा रही थी पैसा
नगर परिषद 4 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से पार्कों के लिए पैसा जारी करती है। पूर्व में सफाई एजेंसियों से लेकर रानियां में काम करने वालीं एजेंसियों को पार्क गोद दिए गए थे। एजेंसियों और सोसायटियों के पास 10 से 12 तक पार्क गोद थे। इनको लेकर बड़े स्तर पर शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई थीं। इतना ही नहीं, पूर्व निकाय मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता के सामने भी यह मामला उठा था। इसके अतिरिक्त, जिला नगर आयुक्त को भी लोगों ने लिखित में शिकायत दी थी।
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बॉक्स
यह बनाए नए नियम
1 जिस क्षेत्र में पार्क है। वहां के लोगों की सोसायटी होना अनिवार्य है।
2 एक पार्क के लिए एक से अधिक सोसायटियों के आवेदन करने पर ड्राॅ निकाला जाएगा।
3 एजेंसियों को पार्क गोद नहीं दिए जाएंगे।
4 शहर से बाहर की सोसायटियों को पार्क गोद नहीं दिए जाएंगे।
5 पार्क जिस कॉलोनी में है, उस कॉलोनी से बाहर की सोसायटी को पार्क देना प्राथमिकता नहीं होगी।
6 पार्कों का प्रतिमाह निरीक्षण किया जाएगा।
--
कोट्स
पार्कों को गोद लेने के लिए सकारात्मक रुझान शहरवासियों का देखने को मिला है। 76 पार्कों को गोद दिया जाएगा। ग्रीन बेल्ट को नगर परिषद विकसित करेगी। पार्कों के लिए 66 के आस पास आवेदन आए हैं। पार्क के आस-पास के लोग ही पार्कों की देखभाल करें। यही हमारी प्राथमिकता है। -सुरेंद्र बैनीवाल, जिला नगर आयुक्त।
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सिरसा। नगर परिषद की नई पहल रंग लाती हुई नजर आ रही है। नए नियमों के साथ शहरवासियों ने समितियां बनाकर अपने आस पास के पार्कों को गोद लेने को आवेदन किया है। प्रशासन ने भी समितियों को राहत देते हुए छोटे पार्कों के क्लस्टर बना दिए हैं। जिससे पांच से दस पार्कों को एक ही समिति संभाल सके।
इसी का परिणाम है कि 72 पार्कों को गोद लेने के लिए 66 आवेदन समितियों के आए हैं। 21 नवंबर तक सभी समितियों को नियमानुसार पार्क सौंप दिए जाएंगे। नगर परिषद प्रशासन ने निर्णय लिया है कि ग्रीन बेल्ट को दुरुस्त किया जाएगा। इसलिए इन्हें गोद नहीं दिया जाएगा।
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नगर परिषद के अधीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर परिषद के 82 पार्क हैं। जिला नगर आयुक्त ने पार्कों को गोद देने की प्रक्रिया की जांच की तो कई प्रकार की कमियां सामने आईं। अधिकतर पार्कों को एजेंसियों और बाहरी समितियों को गोद दिया गया था। जिनका उस क्षेत्र से कोई लेना-देना नहीं था। ऐसे में पार्कों को बेहतर बनाने में उन्होंने कोई रुचि नहीं दिखाई और पार्कों की हालत बदतर बनी हुई है। इसी कारण जिला नगर आयुक्त ने पार्कों को नए नियम के साथ गोद देने की प्रक्रिया पर काम करने के आदेश दिए थे। चुनाव के बाद अब नए नियमों के अनुसार पार्कों को गोद दिया जाएगा।
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इस प्रकार हुए हैं आवेदन
कुल पार्क - 76
क्लस्टर बनाए - 18
क्लस्टर में पार्कों की संख्या - 4 से 10
समितियों ने किए आवेदन
समितियों को पार्क देने हे - 21 नवंबर तक
ग्रीन बेल्ट - 6
बॉक्स
एजेंसियां और सोसायटी पूर्व में कमा रही थी पैसा
नगर परिषद 4 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से पार्कों के लिए पैसा जारी करती है। पूर्व में सफाई एजेंसियों से लेकर रानियां में काम करने वालीं एजेंसियों को पार्क गोद दिए गए थे। एजेंसियों और सोसायटियों के पास 10 से 12 तक पार्क गोद थे। इनको लेकर बड़े स्तर पर शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई थीं। इतना ही नहीं, पूर्व निकाय मंत्री डाॅ. कमल गुप्ता के सामने भी यह मामला उठा था। इसके अतिरिक्त, जिला नगर आयुक्त को भी लोगों ने लिखित में शिकायत दी थी।
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यह बनाए नए नियम
1 जिस क्षेत्र में पार्क है। वहां के लोगों की सोसायटी होना अनिवार्य है।
2 एक पार्क के लिए एक से अधिक सोसायटियों के आवेदन करने पर ड्राॅ निकाला जाएगा।
3 एजेंसियों को पार्क गोद नहीं दिए जाएंगे।
4 शहर से बाहर की सोसायटियों को पार्क गोद नहीं दिए जाएंगे।
5 पार्क जिस कॉलोनी में है, उस कॉलोनी से बाहर की सोसायटी को पार्क देना प्राथमिकता नहीं होगी।
6 पार्कों का प्रतिमाह निरीक्षण किया जाएगा।
कोट्स
पार्कों को गोद लेने के लिए सकारात्मक रुझान शहरवासियों का देखने को मिला है। 76 पार्कों को गोद दिया जाएगा। ग्रीन बेल्ट को नगर परिषद विकसित करेगी। पार्कों के लिए 66 के आस पास आवेदन आए हैं। पार्क के आस-पास के लोग ही पार्कों की देखभाल करें। यही हमारी प्राथमिकता है। -सुरेंद्र बैनीवाल, जिला नगर आयुक्त।