{"_id":"671fdadad5f3c3aa1805c7d4","slug":"even-after-nine-years-the-civil-hospital-did-not-get-a-dermatologist-sirsa-news-c-128-1-slko1008-127800-2024-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: नौ साल गुजर जाने के बाद भी नागरिक अस्पताल को नहीं मिला चर्म रोग विशेषज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: नौ साल गुजर जाने के बाद भी नागरिक अस्पताल को नहीं मिला चर्म रोग विशेषज्ञ
Tue, 29 Oct 2024 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 29 Oct 2024 12:11 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा।
जिला नागरिक अस्पताल में शहरवासी पिछली 9 नौ साल से चर्म रोग विशेषज्ञ के आने का इंतजार कर रहे हैं। आज तक यहां पर चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अस्पताल को उपचार के लिए अग्रोहा या बठिंडा रेफर करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले 9 सालों से पत्राचार का सिलसिला जारी है। कई बार मुख्यालय से मांग की गई है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
-- -
चर्मरोग विशेषज्ञ की होती है विशेष ड्यूटी
दिवाली के दिन नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में चर्मरोग विशेषज्ञ की विशेष ड्यूटी रहती है, क्योंकि पटाखे जलाने व अन्य आगजनी के कारण जलने के मरीज आते हैं। पटाखों से जलने के मरीजों को त्वरित रूप उपचार मिल सके और उनकी जान को बचाया जा सके। इस बार की दिवाली को मिलाए तो दस दिवाली ऐसी होगी, चर्मरोग का चिकित्सक नहीं होगा। मजबूर मरीजों को अग्रोहा मेडिकल व बठिंडा जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
-- --
सिरसा में रही सरकार तो भी नहीं हुआ समाधान
सिरसा में भारतीय जनता पार्टी व उनकी सहयोगी पार्टियों के सांसद, मंत्री और उपमुख्यमंत्री तक रहे हैं, जो कई बार नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करते हुए देखे गए। यहां तक की विकास कार्य करवाने का कुछ नेताओं ने दावा तक कर दिया, लेकिन अस्पताल में चर्मरोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं करवा पाए।
--
महंगा पड़ रहा निजी अस्पताल में उपचार
निजी अस्पताल में ओपीडी से लेकर चर्म रोग की दवा लेने तक प्रति मरीज को 1000 से 2000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों की जेब पर यह भारी पड़ता है। नागरिक अस्पताल में इसी उपचार के लिए पांच रुपये की ही पर्ची कटवानी होती है और चिकित्सक के परामर्श के साथ निशुल्क दवा मिल जाती है।
-- -
कोट्स
नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी को लेकर मुख्यालय से कई बार पत्राचार किया गया है। अभी तक चिकित्सक नहीं मिल पाया है। दिवाली के मौके पर आगजनी के केसों में मरीजों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या फिर बठिंडा एम्स में रेफर कर दिया जाता है।
- डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, सिरसा।
विज्ञापन
सिरसा।
जिला नागरिक अस्पताल में शहरवासी पिछली 9 नौ साल से चर्म रोग विशेषज्ञ के आने का इंतजार कर रहे हैं। आज तक यहां पर चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अस्पताल को उपचार के लिए अग्रोहा या बठिंडा रेफर करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले 9 सालों से पत्राचार का सिलसिला जारी है। कई बार मुख्यालय से मांग की गई है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
चर्मरोग विशेषज्ञ की होती है विशेष ड्यूटी
दिवाली के दिन नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में चर्मरोग विशेषज्ञ की विशेष ड्यूटी रहती है, क्योंकि पटाखे जलाने व अन्य आगजनी के कारण जलने के मरीज आते हैं। पटाखों से जलने के मरीजों को त्वरित रूप उपचार मिल सके और उनकी जान को बचाया जा सके। इस बार की दिवाली को मिलाए तो दस दिवाली ऐसी होगी, चर्मरोग का चिकित्सक नहीं होगा। मजबूर मरीजों को अग्रोहा मेडिकल व बठिंडा जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
सिरसा में रही सरकार तो भी नहीं हुआ समाधान
सिरसा में भारतीय जनता पार्टी व उनकी सहयोगी पार्टियों के सांसद, मंत्री और उपमुख्यमंत्री तक रहे हैं, जो कई बार नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करते हुए देखे गए। यहां तक की विकास कार्य करवाने का कुछ नेताओं ने दावा तक कर दिया, लेकिन अस्पताल में चर्मरोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं करवा पाए।
महंगा पड़ रहा निजी अस्पताल में उपचार
निजी अस्पताल में ओपीडी से लेकर चर्म रोग की दवा लेने तक प्रति मरीज को 1000 से 2000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों की जेब पर यह भारी पड़ता है। नागरिक अस्पताल में इसी उपचार के लिए पांच रुपये की ही पर्ची कटवानी होती है और चिकित्सक के परामर्श के साथ निशुल्क दवा मिल जाती है।
कोट्स
नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी को लेकर मुख्यालय से कई बार पत्राचार किया गया है। अभी तक चिकित्सक नहीं मिल पाया है। दिवाली के मौके पर आगजनी के केसों में मरीजों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या फिर बठिंडा एम्स में रेफर कर दिया जाता है।
- डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, सिरसा।