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Sirsa News: केवल नाम की ईएसआई डिस्पेंसरी, उपचार तो दूर मरीजों को रेफर करने के लिए भी नहीं है स्थायी डॉक्टर
Sun, 08 Oct 2023 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 08 Oct 2023 11:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से सिरसा के खैरपुर में चलाए जा रहे कर्मचारी राजकीय बीमा औषधालय (ईएसआई डिस्पेंसरी) में सुविधाओं की दरकार है। बीमाकृत लोगों को अगर डिस्पेंसरी में उचित उपचार नहीं मिल रहा है तो उन्हें रेफर करने के लिए स्थायी डॉक्टर तक नहीं है। मरीजों को बार-बार केंद्र में चक्कर काटने तक को मजबूर होना पड़ता है। डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने, कर्मचारियों की नियुक्ति व पोस्ट स्वीकृति के लिए लंबे समय से मांग उठाई जा रही है, लेकिन संबंधित मंत्रालय की ओर से इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बता दें कि ईएसआई सेंटर में जिले के 17 हजार लोग बीमाकृत और उनके परिवार के सदस्यों की संख्या 15 हजार के करीब है, लेकिन दवाइयों, विशेषज्ञ व सैंपल जांच के लिए यहां पर कोई विशेष सुविधा नहीं है। इसके कारण नाममात्र ही मरीज जांच व इलाज लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। केंद्र में लैब की व्यवस्था है लेकिन जांच करने के लिए तकनीशियन तक नहीं है। सेंटर में दो मेडिकल ऑफिसरों की पोस्ट स्वीकृत है, लेकिन यहां पर स्थायी एक भी नहीं है।
मंत्रालय की ओर से जींद के एमओ को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। यहां पर मेडिकल ऑफिसरों के न होने के इमरजेंसी में मजबूरन बीमाकृत लोगों को निजी अस्पतालों में खुद के खर्च पर इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ता है। जिससे उन्हें आर्थिक भार पड़ता है।
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शहर के तीन निजी अस्पतालों में मरीज होते हैं रेफर
बीमाकृत लोगों के इलाज से पहले ईएसआई सेंटर से दस्तावेज लेकर उन्हें पूरा करवाना और इसके बाद डिस्पेंसरी से रेफर करवाना अनिवार्य है। इसके बाद ही मरीजों को केशलेस सुविधा मिल पाती है। बता दें कि ईएसआई सेंटर के साथ शहर के तीन बड़े निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं। इसमें बीमाकृत लोग इलाज के लिए रेफर सर्टिफिकेट तैयार करवाते हैं। इसके बाद ही उन्हें बीमा का लाभ मिल पाता है।
लैब तकनीशियन का भी हिसार में किया ट्रांसफर, निजी सेंटरों से टेस्ट करवाने को मजबूर हैं मरीज
करीब दो माह पहले ईएसआई सेंटर में तैनात लैब तकनीशियन की मंत्रालय ने हिसार में तबादला कर दिया था। इसके बाद यहां पर किसी भी कर्मचारी को तैनात नहीं किया गया है। लैब में सैंपल लेने और जांच करने के लिए उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन कर्मचारी के न होने के कारण मरीजों को बाहर से ही रिपोर्ट करवाने की जानकारी देकर भेज दिया जाता है।
अपग्रेड करने को लेकर उठाई गई कई बार मांग
ईएसआई डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने, कर्मचारियों की नियुक्ति करने, दवाइयां उपलब्ध करवाने सहित अन्य सुविधा मुहैया करवाने को लेकर भी कई बार सेंटर के कर्मचारी मांग उठा चुके हैं। इसके बाद भी मंत्रालय की ओर से कोई भी सुध नहीं ली गई है। डिस्पेंसरी में हर रोज 20 के करीब मरीजों की ओपीडी होती है।
यह पद है स्वीकृत
पद, स्वीकृत, खाली
एलटी, 01, 01
एमओ, 02, 02, अस्थायी डॉक्टर तैनात
एएनएम, 01, 00
क्लर्क, 02, 01
नोट : नर्स, असिस्टेंट, ड्रेसर की पोस्ट ही स्वीकृत नहीं है।
वर्जन
डिस्पेंसरी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन है। लेकिन इसकी लेबर कमिश्नर की ओर से ही देखरेख की जाती है। इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है।
-धर्मवीर शर्मा, असिस्टेंट, श्रम विभाग, सिरसा।
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सिरसा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से सिरसा के खैरपुर में चलाए जा रहे कर्मचारी राजकीय बीमा औषधालय (ईएसआई डिस्पेंसरी) में सुविधाओं की दरकार है। बीमाकृत लोगों को अगर डिस्पेंसरी में उचित उपचार नहीं मिल रहा है तो उन्हें रेफर करने के लिए स्थायी डॉक्टर तक नहीं है। मरीजों को बार-बार केंद्र में चक्कर काटने तक को मजबूर होना पड़ता है। डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने, कर्मचारियों की नियुक्ति व पोस्ट स्वीकृति के लिए लंबे समय से मांग उठाई जा रही है, लेकिन संबंधित मंत्रालय की ओर से इस पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बता दें कि ईएसआई सेंटर में जिले के 17 हजार लोग बीमाकृत और उनके परिवार के सदस्यों की संख्या 15 हजार के करीब है, लेकिन दवाइयों, विशेषज्ञ व सैंपल जांच के लिए यहां पर कोई विशेष सुविधा नहीं है। इसके कारण नाममात्र ही मरीज जांच व इलाज लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। केंद्र में लैब की व्यवस्था है लेकिन जांच करने के लिए तकनीशियन तक नहीं है। सेंटर में दो मेडिकल ऑफिसरों की पोस्ट स्वीकृत है, लेकिन यहां पर स्थायी एक भी नहीं है।
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मंत्रालय की ओर से जींद के एमओ को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। यहां पर मेडिकल ऑफिसरों के न होने के इमरजेंसी में मजबूरन बीमाकृत लोगों को निजी अस्पतालों में खुद के खर्च पर इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ता है। जिससे उन्हें आर्थिक भार पड़ता है।
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शहर के तीन निजी अस्पतालों में मरीज होते हैं रेफर
बीमाकृत लोगों के इलाज से पहले ईएसआई सेंटर से दस्तावेज लेकर उन्हें पूरा करवाना और इसके बाद डिस्पेंसरी से रेफर करवाना अनिवार्य है। इसके बाद ही मरीजों को केशलेस सुविधा मिल पाती है। बता दें कि ईएसआई सेंटर के साथ शहर के तीन बड़े निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं। इसमें बीमाकृत लोग इलाज के लिए रेफर सर्टिफिकेट तैयार करवाते हैं। इसके बाद ही उन्हें बीमा का लाभ मिल पाता है।
लैब तकनीशियन का भी हिसार में किया ट्रांसफर, निजी सेंटरों से टेस्ट करवाने को मजबूर हैं मरीज
करीब दो माह पहले ईएसआई सेंटर में तैनात लैब तकनीशियन की मंत्रालय ने हिसार में तबादला कर दिया था। इसके बाद यहां पर किसी भी कर्मचारी को तैनात नहीं किया गया है। लैब में सैंपल लेने और जांच करने के लिए उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन कर्मचारी के न होने के कारण मरीजों को बाहर से ही रिपोर्ट करवाने की जानकारी देकर भेज दिया जाता है।
अपग्रेड करने को लेकर उठाई गई कई बार मांग
ईएसआई डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने, कर्मचारियों की नियुक्ति करने, दवाइयां उपलब्ध करवाने सहित अन्य सुविधा मुहैया करवाने को लेकर भी कई बार सेंटर के कर्मचारी मांग उठा चुके हैं। इसके बाद भी मंत्रालय की ओर से कोई भी सुध नहीं ली गई है। डिस्पेंसरी में हर रोज 20 के करीब मरीजों की ओपीडी होती है।
यह पद है स्वीकृत
पद, स्वीकृत, खाली
एलटी, 01, 01
एमओ, 02, 02, अस्थायी डॉक्टर तैनात
एएनएम, 01, 00
क्लर्क, 02, 01
नोट : नर्स, असिस्टेंट, ड्रेसर की पोस्ट ही स्वीकृत नहीं है।
वर्जन
डिस्पेंसरी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन है। लेकिन इसकी लेबर कमिश्नर की ओर से ही देखरेख की जाती है। इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है।
-धर्मवीर शर्मा, असिस्टेंट, श्रम विभाग, सिरसा।