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Sirsa News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरप्लस भूमि पर प्रशासन ने शुरू की कब्जा कार्रवाई
Tue, 04 Aug 2026 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:53 PM IST
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कब्जा कार्रवाई के दौरान पुलिस फोर्स व अधिकारी । ग्रामीण
11 एकड़ चार कनाल भूमि में से सात एकड़ पर देर शाम तक लिया गया कब्जा, किसानों ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल
फोटो - 42,43
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। नाथूसरी चोपटा के माखोसरानी रोड स्थित सरप्लस घोषित भूमि पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कब्जा कार्रवाई शुरू की। प्रशासन की निगरानी में 11 एकड़ चार कनाल भूमि पर खड़ी नरमा, ग्वार और बाजरा की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जा लिया गया।
कब्जा कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार अशोक कुमार की देखरेख में की गई। इस दौरान हलका कानूनगो राजपाल, पटवारी दलबीर बिश्नोई तथा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
अधिकारियों के अनुसार, नाथूसरी कलां की 11 एकड़ चार कनाल भूमि सरप्लस घोषित होने के बाद मंगतू राम सहित अन्य पात्र व्यक्तियों के नाम आवंटित की गई थी। हालांकि, भूमि का वास्तविक कब्जा नारायणा राम कासनियां और हरलाल कासनियां के परिवार के पास बना हुआ था जबकि राजस्व अभिलेखों में नाम और गिरदावरी आवंटित लाभार्थियों के नाम दर्ज थी।
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मामले को लेकर मंगतू राम एवं अन्य ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सर्वोच्च न्यायालय ने 28 जनवरी 2026 को आदेश पारित करते हुए प्रशासन को निर्धारित अवधि के भीतर भूमि का कब्जा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। बताया गया कि भूमि पर लगभग पांच एकड़ में नरमा, एक एकड़ में ग्वार तथा शेष क्षेत्र में बाजरा की फसल खड़ी थी। कब्जा कार्रवाई के लिए चार ट्रैक्टर लगाए गए।
किसान रविंद्र कासनियां ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने न तो उन्हें आवश्यक दस्तावेज दिखाए और न ही भूमि की पैमाइश कराई। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया। कासनियां परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने कहा कि कोर्ट के आदेशों पर कार्रवाई की गई है।
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चोपटा। नाथूसरी चोपटा के माखोसरानी रोड स्थित सरप्लस घोषित भूमि पर मंगलवार को जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कब्जा कार्रवाई शुरू की। प्रशासन की निगरानी में 11 एकड़ चार कनाल भूमि पर खड़ी नरमा, ग्वार और बाजरा की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जा लिया गया।
कब्जा कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार अशोक कुमार की देखरेख में की गई। इस दौरान हलका कानूनगो राजपाल, पटवारी दलबीर बिश्नोई तथा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
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अधिकारियों के अनुसार, नाथूसरी कलां की 11 एकड़ चार कनाल भूमि सरप्लस घोषित होने के बाद मंगतू राम सहित अन्य पात्र व्यक्तियों के नाम आवंटित की गई थी। हालांकि, भूमि का वास्तविक कब्जा नारायणा राम कासनियां और हरलाल कासनियां के परिवार के पास बना हुआ था जबकि राजस्व अभिलेखों में नाम और गिरदावरी आवंटित लाभार्थियों के नाम दर्ज थी।
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मामले को लेकर मंगतू राम एवं अन्य ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सर्वोच्च न्यायालय ने 28 जनवरी 2026 को आदेश पारित करते हुए प्रशासन को निर्धारित अवधि के भीतर भूमि का कब्जा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। बताया गया कि भूमि पर लगभग पांच एकड़ में नरमा, एक एकड़ में ग्वार तथा शेष क्षेत्र में बाजरा की फसल खड़ी थी। कब्जा कार्रवाई के लिए चार ट्रैक्टर लगाए गए।
किसान रविंद्र कासनियां ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने न तो उन्हें आवश्यक दस्तावेज दिखाए और न ही भूमि की पैमाइश कराई। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण कार्रवाई बताया। कासनियां परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने कहा कि कोर्ट के आदेशों पर कार्रवाई की गई है।