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Sirsa News: रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
Fri, 16 Oct 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:45 AM IST
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सिरसा। सीडीएलयू में आरपीएल और रोजगारपरक कौशल विकास पर आयोजित कार्यशाला एवं फैकल्टी डेवलपमेंट प्
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) में वीरवार को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सहयोग से रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) पर कार्यशाला और रोजगारपरक कौशल विकास विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया गया। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पूर्व अर्जित ज्ञान एवं अनुभव को शैक्षणिक मान्यता देने तथा विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरपर्सन प्रो. केसी शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगारपरक कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है। कौशल आधारित शिक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से ऐसी शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह ने आरपीएल की अवधारणा, पात्रता, क्रेडिट आवंटन, प्रासंगिकता और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्य अनुभव, प्रशिक्षण और अनौपचारिक माध्यमों से अर्जित ज्ञान एवं कौशल का निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन किया जा सकता है।
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के आईक्यूएसी निदेशक प्रो. बी. नरसिम्हन की अध्यक्षता में आयोजित सत्र में कौशल आधारित अधिगम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पूर्व अर्जित दक्षताओं को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने पर विचार-विमर्श हुआ।
इस दौराप कॅरिअर काउंसलिंग इंटर्नशिप एंड इंडस्ट्री सेल के निदेशक प्रो. कपिल चौधरी, डॉ. टिम्सी मेहता सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ, शिक्षक और प्रतिभागी मौजूद रहे।
संवाद, टीमवर्क और एआई आधारित कौशल पर जोर
रोजगारपरक कौशल विकास सत्र की अध्यक्षता चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की। वाधवानी फाउंडेशन के स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क की निदेशक प्रियंका ने प्रभावी संवाद, टीमवर्क, समस्या समाधान, नवाचार, आत्म-प्रबंधन, व्यावसायिक व्यवहार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को 21वीं सदी के प्रमुख रोजगारपरक कौशल बताया। सत्र में शिक्षकों के प्रमाणन, विद्यार्थियों के मूल्यांकन और एआई आधारित मॉक इंटरव्यू से रोजगार की तैयारी पर भी चर्चा हुई।
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हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरपर्सन प्रो. केसी शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगारपरक कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है। कौशल आधारित शिक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से ऐसी शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
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श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह ने आरपीएल की अवधारणा, पात्रता, क्रेडिट आवंटन, प्रासंगिकता और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्य अनुभव, प्रशिक्षण और अनौपचारिक माध्यमों से अर्जित ज्ञान एवं कौशल का निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन किया जा सकता है।
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के आईक्यूएसी निदेशक प्रो. बी. नरसिम्हन की अध्यक्षता में आयोजित सत्र में कौशल आधारित अधिगम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पूर्व अर्जित दक्षताओं को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने पर विचार-विमर्श हुआ।
इस दौराप कॅरिअर काउंसलिंग इंटर्नशिप एंड इंडस्ट्री सेल के निदेशक प्रो. कपिल चौधरी, डॉ. टिम्सी मेहता सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ, शिक्षक और प्रतिभागी मौजूद रहे।
संवाद, टीमवर्क और एआई आधारित कौशल पर जोर
रोजगारपरक कौशल विकास सत्र की अध्यक्षता चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की। वाधवानी फाउंडेशन के स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क की निदेशक प्रियंका ने प्रभावी संवाद, टीमवर्क, समस्या समाधान, नवाचार, आत्म-प्रबंधन, व्यावसायिक व्यवहार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को 21वीं सदी के प्रमुख रोजगारपरक कौशल बताया। सत्र में शिक्षकों के प्रमाणन, विद्यार्थियों के मूल्यांकन और एआई आधारित मॉक इंटरव्यू से रोजगार की तैयारी पर भी चर्चा हुई।