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सिरसा में आठ और पंजुआना में हुई छह एमएम बारिश,
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मौसम बदलाव के बाद आसमान में छाई बादलों की घटा । संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। मौसम में बदलाव होने के साथ ही बीते दो दिनों से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश हो रही है। रविवार देर रात को भी तेज आंधी के साथ सिरसा में आठ, पंजुआना में छह और कालांवाली में दो एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके चलते अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की।
रविवार देर रात और सोमवार अलसुबह तेज आंधी के साथ बारिश से मौसम अब सुहावना हो गया है। दिनभर ठंडी हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बता दे कि मई माह में अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया था। जिसकी वजह से आम जनजीवन पर काफी प्रभाव दिखा, अत्यधिक गर्मी से लोगों में बीमारी की चपेट में आने लगे। वहीं किसानों के लिए भी गर्मी का प्रकोप नुकसान दायिक साबित हो रहा था। नहरों में पानी न आने से खरीफ फसलों की बिजाई समय पर नहीं हो पा रही थी। इसके अलावा पहले से बोई गई नरमा व कपास की फसलें भी गर्मी के कारण जल रहे थे। लेकिन सोमवार अल सुबह हुई बारिश से तापमान में गिरावट आने के बाद बिजली किल्लत की समस्या भी दूर हो रही है और फसलों में नुकसान भी घटने लगा है।
1 लाख 90 हजार हेक्टेयर में नरमा व कपास की बिजाई
जिले में इस बार 1 लाख 90 हजार हेक्टेयर में नरमे व कपास की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 95 प्रतिशत नरमे व कपास की बिजाई की जा चुकी है। वैसे भी सप्ताह भर तक तापमान में गिरावट रहने के आसार है, ऐसे में हाल ही में की गई बिजाई से फसल अंकुरित होने पर गर्मी के प्रकोप से बची रहेगी। जिससे किसानों को दोबारा बिजाई नहीं करनी पड़ेेगी और आर्थिक नुकसान भी कम होगा।
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19 मई से 23 के अंतराल में हुुआ तापमान परिवर्तन
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
19 मई 43.8 27.5
20 मई 45.8 28.4
21 मई 42.0 25.4
22 मई 41.4 23.4
23 मई 40.0 20.0
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रविवार देर रात और सोमवार अलसुबह तेज आंधी के साथ बारिश से मौसम अब सुहावना हो गया है। दिनभर ठंडी हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बता दे कि मई माह में अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंच गया था। जिसकी वजह से आम जनजीवन पर काफी प्रभाव दिखा, अत्यधिक गर्मी से लोगों में बीमारी की चपेट में आने लगे। वहीं किसानों के लिए भी गर्मी का प्रकोप नुकसान दायिक साबित हो रहा था। नहरों में पानी न आने से खरीफ फसलों की बिजाई समय पर नहीं हो पा रही थी। इसके अलावा पहले से बोई गई नरमा व कपास की फसलें भी गर्मी के कारण जल रहे थे। लेकिन सोमवार अल सुबह हुई बारिश से तापमान में गिरावट आने के बाद बिजली किल्लत की समस्या भी दूर हो रही है और फसलों में नुकसान भी घटने लगा है।
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1 लाख 90 हजार हेक्टेयर में नरमा व कपास की बिजाई
जिले में इस बार 1 लाख 90 हजार हेक्टेयर में नरमे व कपास की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 95 प्रतिशत नरमे व कपास की बिजाई की जा चुकी है। वैसे भी सप्ताह भर तक तापमान में गिरावट रहने के आसार है, ऐसे में हाल ही में की गई बिजाई से फसल अंकुरित होने पर गर्मी के प्रकोप से बची रहेगी। जिससे किसानों को दोबारा बिजाई नहीं करनी पड़ेेगी और आर्थिक नुकसान भी कम होगा।
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19 मई से 23 के अंतराल में हुुआ तापमान परिवर्तन
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
19 मई 43.8 27.5
20 मई 45.8 28.4
21 मई 42.0 25.4
22 मई 41.4 23.4
23 मई 40.0 20.0