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जिले के 725 स्कूल में लगाई जाएगी विज्ञान प्रर्दशनी
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समग्र शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चों की विज्ञान विषय में रूचि को बढ़ाने के लिए और अविष्कार करने के लिए स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें जिले के 725 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी इसमें भाग लेंगे। जिसका आयोजन 15 से 20 जनवरी तक किया जाएगा। प्रर्दशनी में तीसरी से दसवीं कक्षा तक के बच्चे तीन ग्रुप में भाग लेंग। जो प्रर्दशनी के चार विषयों पर अपनी प्रस्तुति देंगे। प्रर्दशनी के दौरान आने वाले खर्च का भुगतान सीडब्लूएफ चाइल्ड वेल्फेयर फंड में से किया जाएगा।
स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी को मुख्य चार भागों में बांटा गया है, जिसमें साइंस शिक्षा, साइंस ड्रामा, बेस्ट ऑउट ऑफ वेस्ट और खाने की वस्तुओं को बनाना सिखाया जाएगा। इन चार विषयों में से प्रर्दशनी के दौरान बेस्ट ऑउट ऑफ वेस्ट और खाद्य पदार्थों की स्टालें भी लगाई जाएगी। प्रर्दशनी के दौरान कोई भी व्यक्ति इन चीजों को खरीद सकता है। इन चार विषयों से संबंधित आने वाले खर्च के लिए स्कूल प्रिंसीपल की ओर से 5 हजार रुपये खर्च किए जा सकते हैं।
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सहायक परियोजना अधिकारी रामगोपाल शुक्ला ने बताया कि स्कूलों में स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों को विज्ञान के बारे में जागरूक करने और विज्ञान की सहायता से बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट में से अच्छा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विज्ञान विषय में कुछ अच्छा करने के लिए प्रतिस्पर्धा करवाई जाएगी। प्रतिस्पर्धा की भावना उन्हें प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए प्रेरित करेगी। प्रदर्शन हमेशा पुरस्कार जीतने के बारे में नहीं होता है। विज्ञान प्रतियोगिताएं छात्रों की कड़ी मेहनत और प्रयासों की सर्वश्रेष्ठ स्वीकृति और सराहना प्रदान करती है।
विज्ञान प्रतियोगिता में चुनौतियों का एक मंच होता है, जिसके लिए छात्र शोध करके समाधान चाहते हैं। स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी के माध्यम से बच्चों को वह अवसर मिल रहा है।
पवर सुथार, जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा विभाग।
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इसमें जिले के 725 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी इसमें भाग लेंगे। जिसका आयोजन 15 से 20 जनवरी तक किया जाएगा। प्रर्दशनी में तीसरी से दसवीं कक्षा तक के बच्चे तीन ग्रुप में भाग लेंग। जो प्रर्दशनी के चार विषयों पर अपनी प्रस्तुति देंगे। प्रर्दशनी के दौरान आने वाले खर्च का भुगतान सीडब्लूएफ चाइल्ड वेल्फेयर फंड में से किया जाएगा।
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स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी को मुख्य चार भागों में बांटा गया है, जिसमें साइंस शिक्षा, साइंस ड्रामा, बेस्ट ऑउट ऑफ वेस्ट और खाने की वस्तुओं को बनाना सिखाया जाएगा। इन चार विषयों में से प्रर्दशनी के दौरान बेस्ट ऑउट ऑफ वेस्ट और खाद्य पदार्थों की स्टालें भी लगाई जाएगी। प्रर्दशनी के दौरान कोई भी व्यक्ति इन चीजों को खरीद सकता है। इन चार विषयों से संबंधित आने वाले खर्च के लिए स्कूल प्रिंसीपल की ओर से 5 हजार रुपये खर्च किए जा सकते हैं।
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सहायक परियोजना अधिकारी रामगोपाल शुक्ला ने बताया कि स्कूलों में स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों को विज्ञान के बारे में जागरूक करने और विज्ञान की सहायता से बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट में से अच्छा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विज्ञान विषय में कुछ अच्छा करने के लिए प्रतिस्पर्धा करवाई जाएगी। प्रतिस्पर्धा की भावना उन्हें प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए प्रेरित करेगी। प्रदर्शन हमेशा पुरस्कार जीतने के बारे में नहीं होता है। विज्ञान प्रतियोगिताएं छात्रों की कड़ी मेहनत और प्रयासों की सर्वश्रेष्ठ स्वीकृति और सराहना प्रदान करती है।
विज्ञान प्रतियोगिता में चुनौतियों का एक मंच होता है, जिसके लिए छात्र शोध करके समाधान चाहते हैं। स्कूल स्तरीय विज्ञान प्रर्दशनी के माध्यम से बच्चों को वह अवसर मिल रहा है।
पवर सुथार, जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा विभाग।