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Sirsa News: राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला कालांवाली में शिक्षकों की कमी पर शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान, प्रतिनियुक्ति को किया रद्द, दोनों शिक्षकों ने संभाला कार्यभार
Thu, 23 Jan 2025 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 23 Jan 2025 11:47 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला कालांवाली में शिक्षकों की कमी के मामले पर शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। विभाग ने दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर तुरंत प्रभाव से पाठशाला में ज्वाइन करने के आदेश दिए। वीरवार को दोनों शिक्षकों ने कार्यभार भी संभाल लिया।
राजकीय कन्या पाठशाला में 96 छात्राएं पढ़ती हैं। इनको सिर्फ एक गेस्ट टीचर वीरा कौर ही सभी विषयों की पढ़ाई करवाती हैं। स्कूल में शिक्षक के चार पद स्वीकृत हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल की दो शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेज दिया था, जबकि एक का तबादला हो गया था। ऐसे में गेस्ट टीचर वीरा कौर के बीमार होने या घर का काम होने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती थी। स्कूल में शिक्षकों की कमी और बच्चों की प्रभावित होती पढ़ाई को देखते हुए ग्रामीण व पंचायत ने उपायुक्त को भेजा पत्र था। इस मामले को अमर उजाला ने 23 जनवरी के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी ने इस मामले में संज्ञान लिया है। विभाग ने दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर तुरंत प्रभाव से पाठशाला में ज्वाइन करने के आदेश दिए। वीरवार को दोनों शिक्षकों ने कार्यभार भी संभाल लिया।
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इस पर ग्राम पंचायत कालांवाली के सरपंच अजैब सिंह, समाजसेवी गुरतेज सिंह सोढी और एसएमसी कमेटी के सदस्यों ने सरकार, उपायुक्त और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन से मांग है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की डेपुटेशन दोबारा न की जाए।
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स्कूल में शिक्षक के चार पद स्वीकृत
राजकीय स्कूल में सत्र 2024-25 में कुल 96 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। एक मात्र शिक्षक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार स्कूल में जेबीटी के चार पद स्वीकृत हैं। स्कूल में तैनात एक शिक्षक दिसंबर माह में पदोन्नत होने के कारण चले गए थे। दो टीचर डेपुटेशन पर चले गए थे।
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राजकीय स्कूल में जेबीटी के 4 पद स्वीकृत
राजकीय स्कूल में शिक्षा विभाग द्वारा जेबीटी के 4 पद स्वीकृत है। स्कूल में तैनात एक शिक्षक दिसंबर माह में प्रमोट होने के कारण चले गए थे, जबकि दो शिक्षक डेपुटेशन पर थी। एक टीचर सुनीता रानी 31 मार्च तक बडागुढ़ा में और एक टीचर रितु रानी आगामी आदेश तक रोड़ी में डेपुटेशन पर थीं। ऐसे में सत्र 2024-25 में पढ़ाई कर रहीं 96 छात्राओं को अकेली गेस्ट टीचर वीरा कौर संभाल रही थी। गेस्ट टीचर को भी यदि किसी दिन आवश्यक कार्य अथवा बीमारी के कारण छुट्टी लेनी पड़ती तो ऐसे में उस दिन स्कूल को बंद करने की नौबत आ जाती थी।
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सरकारी स्कूलों में छात्राओं के बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। उपायुक्त व शिक्षा विभाग ने दोनों महिला शिक्षक को पुन: भेजकर अच्छा कार्य किया है। इससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। अधिकारियों से अपील है कि एडीसी व डीसी स्तर के अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करें ताकि उन्हें हकीकत का पता रहे। - समाजसेवी गुरतेज सोढ़ी, कालांवाली। फोटो - 23
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सरकारी स्कूल में शिक्षक दोबारा भेजने के लिए प्रशासन को आभार जताते हैं। अधिकारियों से अपील करते है कि जिन स्कूलों में पहले ही शिक्षक कम है, वहां के शिक्षकों को डेपुटेशन पर तब तक न भेजा जाए, जब तक कोई ओर शिक्षक न आएं। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। - एडवोकेट गुरमीत सिंह, कालांवाली। फोटो - 24
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उक्त मामले में दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर दिया गया है। इनकी स्कूल में ही ड्यूटी लगा दी है। अब स्कूल में बच्चों को पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। - विनोद कुमार, बीईओ, खंड ओढां।
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कालांवाली। राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला कालांवाली में शिक्षकों की कमी के मामले पर शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। विभाग ने दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर तुरंत प्रभाव से पाठशाला में ज्वाइन करने के आदेश दिए। वीरवार को दोनों शिक्षकों ने कार्यभार भी संभाल लिया।
राजकीय कन्या पाठशाला में 96 छात्राएं पढ़ती हैं। इनको सिर्फ एक गेस्ट टीचर वीरा कौर ही सभी विषयों की पढ़ाई करवाती हैं। स्कूल में शिक्षक के चार पद स्वीकृत हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल की दो शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेज दिया था, जबकि एक का तबादला हो गया था। ऐसे में गेस्ट टीचर वीरा कौर के बीमार होने या घर का काम होने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती थी। स्कूल में शिक्षकों की कमी और बच्चों की प्रभावित होती पढ़ाई को देखते हुए ग्रामीण व पंचायत ने उपायुक्त को भेजा पत्र था। इस मामले को अमर उजाला ने 23 जनवरी के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था।
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इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी ने इस मामले में संज्ञान लिया है। विभाग ने दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर तुरंत प्रभाव से पाठशाला में ज्वाइन करने के आदेश दिए। वीरवार को दोनों शिक्षकों ने कार्यभार भी संभाल लिया।
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इस पर ग्राम पंचायत कालांवाली के सरपंच अजैब सिंह, समाजसेवी गुरतेज सिंह सोढी और एसएमसी कमेटी के सदस्यों ने सरकार, उपायुक्त और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन से मांग है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की डेपुटेशन दोबारा न की जाए।
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स्कूल में शिक्षक के चार पद स्वीकृत
राजकीय स्कूल में सत्र 2024-25 में कुल 96 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। एक मात्र शिक्षक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार स्कूल में जेबीटी के चार पद स्वीकृत हैं। स्कूल में तैनात एक शिक्षक दिसंबर माह में पदोन्नत होने के कारण चले गए थे। दो टीचर डेपुटेशन पर चले गए थे।
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राजकीय स्कूल में जेबीटी के 4 पद स्वीकृत
राजकीय स्कूल में शिक्षा विभाग द्वारा जेबीटी के 4 पद स्वीकृत है। स्कूल में तैनात एक शिक्षक दिसंबर माह में प्रमोट होने के कारण चले गए थे, जबकि दो शिक्षक डेपुटेशन पर थी। एक टीचर सुनीता रानी 31 मार्च तक बडागुढ़ा में और एक टीचर रितु रानी आगामी आदेश तक रोड़ी में डेपुटेशन पर थीं। ऐसे में सत्र 2024-25 में पढ़ाई कर रहीं 96 छात्राओं को अकेली गेस्ट टीचर वीरा कौर संभाल रही थी। गेस्ट टीचर को भी यदि किसी दिन आवश्यक कार्य अथवा बीमारी के कारण छुट्टी लेनी पड़ती तो ऐसे में उस दिन स्कूल को बंद करने की नौबत आ जाती थी।
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सरकारी स्कूलों में छात्राओं के बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। उपायुक्त व शिक्षा विभाग ने दोनों महिला शिक्षक को पुन: भेजकर अच्छा कार्य किया है। इससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। अधिकारियों से अपील है कि एडीसी व डीसी स्तर के अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करें ताकि उन्हें हकीकत का पता रहे। - समाजसेवी गुरतेज सोढ़ी, कालांवाली। फोटो - 23
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सरकारी स्कूल में शिक्षक दोबारा भेजने के लिए प्रशासन को आभार जताते हैं। अधिकारियों से अपील करते है कि जिन स्कूलों में पहले ही शिक्षक कम है, वहां के शिक्षकों को डेपुटेशन पर तब तक न भेजा जाए, जब तक कोई ओर शिक्षक न आएं। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। - एडवोकेट गुरमीत सिंह, कालांवाली। फोटो - 24
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उक्त मामले में दोनों शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को रद्द कर दिया गया है। इनकी स्कूल में ही ड्यूटी लगा दी है। अब स्कूल में बच्चों को पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। - विनोद कुमार, बीईओ, खंड ओढां।