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Sirsa News: पहले खुद जलाते थे पराली, जागरूक हुए तो प्रबंधन कर कमा रहे लाखों

Sat, 23 Sep 2023 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 23 Sep 2023 10:33 PM IST
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Earlier they used to burn stubble themselves, when they became aware then they are earning lakhs by managing it
खेत से पराली की गांठ को मशीन से उठाते हुए
सिरसा। जागरूकता व संसाधन के अभाव में गांव पनिहारी के किसान रणजीत सिंह वर्ष 2014 में स्वयं पराली जलाते थे। इसके बाद वे पंजाब की एक एजेंसी के संपर्क में आए और कंपनी ने उन्हें जागरूक किया। इसके बाद रणजीत सिंह पराली का प्रबंधन करने लगे। अब वे बस पराली प्रबंधन करके ही लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि पर्यावरण प्रदूषण न हो।
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किसान रणजीत सिंह ने बताया कि साल 2014 के बाद से पराली प्रबंधन का काम जारी है। खेतों से पराली की गांठें बनाकर पंजाब, राजस्थान में बेचते हैं। इस पराली से प्लांटों से बिजली बनाई जाती है। इस काम से किसान को लाखों का मुनाफा हुआ है। रणजीत ने बताया कि वे आसपास के गांवों से पराली का उठान करते हैं। 2016 में प्रशासन के सहयोग से बेलर खरीद काम को ओर तेज किया। अब किसान जागरूक हो चुके हैं और पराली जलाने से हिचकिचाते हैं। वे खेत में पराली को मिला रहे हें। इससे भूमि में उपजाऊ शक्ति बनी रहती है, वहीं प्रदूषण भी नहीं फैलता।
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2014 में शुरू किया था काम, पहले सीजन में हुआ 13 लाख रुपये का मुनाफा
किसान रणजीत सिंह ने बताया कि 2014 में पंजाब से एक कंपनी आई थी। जिसने उन्हें पराली प्रबंधन को लेकर जागरूक किया। इसी के चलते 2014 में चंदू प्लांट से डील कर उन्होंने पराली प्रबंधन का काम शुरू किया। काम शुरू किए जाने के पहले सीजन में किसान ने 23 लाख रुपये का काम किया। 10 लाख खर्च निकालकर बाकी 13 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। उनहोंने बताया कि वह एक सीजन में एक लाख क्विंटल पराली का स्टॉक कर उसे राजस्थान व अलग अलग क्षेत्रों में बेचते हैं। इससे अच्छी कमाई हो जाती है।
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किसानों को सरकार की तरफ से मिलती है प्रोत्साहन राशि

रणजीत सिंह ने बताया कि धान की कटाई के बाद उसमें रीपर चला देते हैं। इसके बाद वे खेत में बैलर मशीन से पराली का गांठें बनाकर उठा लेते हैं। इस पर सरकार किसानों को प्रोत्साहन राशि देती है। इससे किसान अपने खेत में पड़ी पराली का प्रबंधन कर सके।
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