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Sirsa News: पन्नीवाला मोटा में ढाई साल से ई-लाइब्रेरी बंद, युवाओं ने की खोलने की मांग
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पन्नीवाला मोटा की ई-लाइब्रेरी।
ओढां। गांव पन्नीवाला मोटा के युवाओं ने पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ढाई वर्ष से बंद सरदार पटेल ई-लाइब्रेरी को खोलने की मांग की है। युवाओं ने इस बारे में मुख्यमंत्री को ट्वीट किया था, वहीं गांव में अधिकारियों के रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त को भी इस बारे में शिकायत दी।
शिकायत पर उपायुक्त ने बीडीपीओ ओढां को शीघ्र ही समाधान के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता संदीप बादल ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से एक योजना के तहत करीब 20 लाख रुपये की लागत से 30 अगस्त 2022 को गांव में ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया था। ई-लाइब्रेरी में कंप्यूटर, इंटरनेट व पुस्तकों सहित तमाम सुविधाएं प्रदान की गई थीं। लेकिन उद्घाटन के बाद से ये लाइब्रेरी बंद पड़ी है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा लाइब्रेरी को बंद रखा जाता है।
कंप्यूटरों व किताबों पर धूल जमी हुई है। हालांकि स्कूल की अपनी अलग से लाइब्रेरी है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जब ये लाइब्रेरी गांव के युवाओं के लिए खोली गई थी तो इसका उन्हें लाभ भी मिलना चाहिए था, लेकिन अनदेखी की वजह से पिछले करीब ढाई साल से कंप्यूटर व सभी व्यवस्थाएं धूल फांक रही हैं। लाइब्रेरी का चार्ज विद्यालय के एक अध्यापक के पास है। अध्यापक ने माना था कि इसे काफी समय से नहीं खोला गया। ग्राम सरपंच मंजूबाला बैनीवाल का कहना है कि ये लाइब्रेरी उनके कार्यकाल से पहले की है। लाइब्रेरी अगर गांव के युवाओं के लिए खोली गई है तो इसका उन्हें लाभ भी मिलना चाहिए।
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ये ई-लाइब्रेरी गांव के युवाओं के लिए ही बनाई गई है। सवाल ये है कि विद्यालय में स्वीपर या चौकीदार न होने की वजह से इसकी देखरेख का जिम्मा किसका हो। हम तो इस विषय में एसएमसी कमेटी व पंचायत से भी बात कर चुके हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं कि गांव के युवा यहां आकर पढ़ाई करें। लेकिन किसी के पास इसकी जिम्मेदारी तो होनी ही चाहिए।--
मंजीत कुमार, प्राचार्य (पीएमश्री रा.व.मा. विद्यालय)
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शिकायत पर उपायुक्त ने बीडीपीओ ओढां को शीघ्र ही समाधान के निर्देश दिए थे। शिकायतकर्ता संदीप बादल ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से एक योजना के तहत करीब 20 लाख रुपये की लागत से 30 अगस्त 2022 को गांव में ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया था। ई-लाइब्रेरी में कंप्यूटर, इंटरनेट व पुस्तकों सहित तमाम सुविधाएं प्रदान की गई थीं। लेकिन उद्घाटन के बाद से ये लाइब्रेरी बंद पड़ी है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा लाइब्रेरी को बंद रखा जाता है।
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कंप्यूटरों व किताबों पर धूल जमी हुई है। हालांकि स्कूल की अपनी अलग से लाइब्रेरी है। शिकायतकर्ता ने कहा कि जब ये लाइब्रेरी गांव के युवाओं के लिए खोली गई थी तो इसका उन्हें लाभ भी मिलना चाहिए था, लेकिन अनदेखी की वजह से पिछले करीब ढाई साल से कंप्यूटर व सभी व्यवस्थाएं धूल फांक रही हैं। लाइब्रेरी का चार्ज विद्यालय के एक अध्यापक के पास है। अध्यापक ने माना था कि इसे काफी समय से नहीं खोला गया। ग्राम सरपंच मंजूबाला बैनीवाल का कहना है कि ये लाइब्रेरी उनके कार्यकाल से पहले की है। लाइब्रेरी अगर गांव के युवाओं के लिए खोली गई है तो इसका उन्हें लाभ भी मिलना चाहिए।
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ये ई-लाइब्रेरी गांव के युवाओं के लिए ही बनाई गई है। सवाल ये है कि विद्यालय में स्वीपर या चौकीदार न होने की वजह से इसकी देखरेख का जिम्मा किसका हो। हम तो इस विषय में एसएमसी कमेटी व पंचायत से भी बात कर चुके हैं। हमें इससे कोई दिक्कत नहीं कि गांव के युवा यहां आकर पढ़ाई करें। लेकिन किसी के पास इसकी जिम्मेदारी तो होनी ही चाहिए।
मंजीत कुमार, प्राचार्य (पीएमश्री रा.व.मा. विद्यालय)