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Sirsa News: सड़क दुर्घटना की जानकारी तुरंत और प्रभावी रूप से साझा करेगा ई-डार एप
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बैठक के दौरान एप्प और पोर्टल की जानकारी लेते हुए पुलिस के जवान।
सिरसा। सड़क दुर्घटना की जानकारी को तुरंत और प्रभावी रूप से साझा करने के लिए विकसित किए गए एकीकृत डिजिटल प्रणाली ई-डार एप के बारे में बुधवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डबवाली में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनआईसी के अधिकारियों ने थाना प्रबंधकों, जांच अधिकारियों और पुलिस विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर को इस एप और वेब पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एनआईसी से डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर संजय ने बताया कि इस एप और वेब पोर्टल का उद्देश्य दुर्घटनाओं की जानकारी को त्वरित और पारदर्शी बनाना, सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाना है। इससे सड़क दुर्घटना के मुआवजा दावों की प्रक्रिया तेज होने में भी मदद मिलेगी, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में पुलिस विभाग घटनास्थल पर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग व एनएचएआई आदि की भी सक्रिय भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एप के माध्यम से पुलिस को दुर्घटना के बारे में किस प्रकार और क्या-क्या विवरण दर्ज करना आवश्यक है, जिसमें फोटो और वीडियो भी शामिल हैं आदि के बारे में जानकारी दी गई है।
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डीआईओ सिंकदर ने बताया कि एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक पहल है। इसका उद्देश्य देश में सड़क सुरक्षा में और सुधार करना है। यह देशभर से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को एकत्रित करके एक डेटाबेस तैयार करती है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता करना और सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों को और बेहतर बनाने में सहायता करना है।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एनआईसी से डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर संजय ने बताया कि इस एप और वेब पोर्टल का उद्देश्य दुर्घटनाओं की जानकारी को त्वरित और पारदर्शी बनाना, सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाना है। इससे सड़क दुर्घटना के मुआवजा दावों की प्रक्रिया तेज होने में भी मदद मिलेगी, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।
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उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में पुलिस विभाग घटनास्थल पर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग व एनएचएआई आदि की भी सक्रिय भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एप के माध्यम से पुलिस को दुर्घटना के बारे में किस प्रकार और क्या-क्या विवरण दर्ज करना आवश्यक है, जिसमें फोटो और वीडियो भी शामिल हैं आदि के बारे में जानकारी दी गई है।
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डीआईओ सिंकदर ने बताया कि एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक पहल है। इसका उद्देश्य देश में सड़क सुरक्षा में और सुधार करना है। यह देशभर से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को एकत्रित करके एक डेटाबेस तैयार करती है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता करना और सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों को और बेहतर बनाने में सहायता करना है।