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चेयरपर्सन चुनाव के दौरान किसानों ने घेरा नप कार्यालय, पुलिस के साथ धक्कामुक्की
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सिरसा नगर परिषद की चेयरपर्सन का चुनाव बुधवार को नप कार्यालय में हुआ। हलोपा उम्मीदवार रीना सेठी ने भाजपा की सुमनलता बामनियां को दो मतों से हराकर चुनाव जीता। किसानों ने चुनावों में मतदान करने आईं भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल व हलोपा विधायक गोपाल कांडा के घेराव की घोषणा की हुई थी। ऐसे में किसानों ने नप कार्यालय की ओर पांच रास्तों पर घेरा डाल लिया। इस बीच प्रशासन ने एसडीएम जयबीर यादव की गाड़ी में गुपचुप सांसद को बैठाकर निकाला, जबकि डीसी प्रदीप कुमार ने अपनी गाड़ी में विधायक गोपाल कांडा को बैठाकर उनके निवास स्थान पर पहुंचाया। किसानों ने डीसी की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। हाथापाई के दौरान सिख किसानों की पगड़ियां उतर गईं और चोटें भी आईं।
चेयरपर्सन के चुनाव के लिए पार्षदों के पहुंचने का समय 11 बजे का था। किसानों ने मंगलवार रात को ही सांसद सुनीता दुग्गल व विधायक गोपाल कांडा के घेराव की घोषणा कर दी थी। पुलिस ने नप कार्यालय की ओर जाने वाले पांच रास्तों पर बैरिकेड लगाकर उन्हें बंद कर दिया। पुलिस ने नप कर्मचारियों के आई कार्ड देखकर ही इंट्री करवाई गई। सुबह विधायक गोपाल कांडा सुबह सवा दस बजे अपने पार्षदों के साथ नप कार्यालय पहुंचे। इसके बाद भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल पार्षदों के बीच में बैठकर करीब दस बजकर 40 मिनट पर नप कार्यालय पहुंचीं। चुनाव करीब 12 बजे खत्म हो गया। हालांकि पहले वोटिंग का समय एक बजे था।
गाड़ी के आगे लेट गए किसान
चुनाव खत्म होने के बाद सांसद सुनीता दुग्गल 12 बजकर दो मिनट पर गुपचुप तरीके से सिरसा के एसडीएम जयबीर यादव की गाड़ी में बैठीं। पुलिस प्रशासन ने सांसद सुनीता दुग्गल को बांसल कॉलोनी के रास्ते से निकाल कर हिसार रोड स्थित निजी रिसोर्ट में भेजा। साथ ही नवनियुक्त चेयरपर्सन रीना सेठी, महिला पार्षदों को साथ लेकर गाड़ी में निकलने लगीं तो किसानों ने गाड़ियों को घेर लिया। किसान गाड़ी के आगे लेट गए। किसान रीना सेठी और अन्य पार्षदों की गाड़ी को रोके हुए थे। गाड़ी में बैठीं पार्षद रेणु बरोड़ जोर-जोर से रोने लग गईं। अन्य महिला पार्षद उन्हें चुप कराने लगे। विधायक गोपाल कांडा के निजी सुरक्षा कर्मचारियों और पुलिस ने किसानों को धक्के देकर गाड़ी को निकाला।
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किसानों ने गाड़ी के बोनट पर मारे मुक्के
इसके बाद हलोपा विधायक गोपाल कांडा को डीसी प्रदीप कुमार ने अपनी गाड़ी में बैठाया, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला व गोबिंद कांडा को एसडीएम की गाड़ी में बैठाया गया। डीसी की गाड़ी के शीशों पर भी पर्दे उतार दिए गए। जैसे ही काफिला निकला तो किसानों ने डीसी की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीछे धकेल दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के रास्ते विधायक गोपाल कांडा को उसके निवास स्थान पर पहुंचाया गया। इसी बीच शोरशराबे के बीच एसडीएम की गाड़ी में बैठे भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला व गोबिंद कांडा को भी निकालने के दौरान किसानों ने गाड़ी के बोनट पर मुक्के मारे।
बैरिकेड पर हुई हाथापाई, सिख किसानों की पगड़ियां उतरीं
सुबह दस बजे ही किसान सभी बैरिकेड पर विरोध जताने के लिए इकट्ठे हुए। पहले सिविल लाइन थाने के सामने बने बैरिकेड पर किसानों की संख्या कम थी। सिविल लाइन थाने के सामने लगाए गए बैरिकेड पर किसानों ने अंदर जाने का प्रयास किया। इसको लेकर किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। कुछ सिख किसानों की पगड़ियां उतर गईं। किसान गुरप्रीत सिंह के सिर पर डंडा लगा तो वह भी नीचे गिर गया। किसान एक बार बैरिकेड पार कर गए। पुलिस ने उन्हें खींचकर पीछे हटा दिया। दोनों ओर से धक्कामुक्की हुई। इसी बीच किसानों पर डंडा लगने पर वे एक पुलिस कर्मचारी को खींचकर अपनी ओर ले आए। कालांवाली के एएसपी नितिन अग्रवाल व सिविल थाना एसएचओ जितेंद्र सिंह ने कर्मचारी को किसानों से छुड़वाया।
किसान नेता गुरनाम झब्बर और रणधीर जोधकां पहुंचे नप कार्यालय के पास
किसान नेता गुरनाम झब्बर व रणधीर जोधकां पुलिस को चकमा देकर अपने साथियों के साथ नप कार्यालय के नजदीक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद डीसी प्रदीप कुमार व एसपी भूपेंद्र सिंह पुलिस कर्मचारियों के साथ चौराहे पर पहुंचे। दोनों ने किसानों को पीछे जाने के लिए कहा और सहयोग की अपील की। किसान बोले कि वे यहीं रहेंगे। इसके बाद डीसी और एसपी सिविल लाइन थाने के बाहर लगे बैरिकेड वाली जगह पर पहुंचे। किसानों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। खुद डीसी और एसपी किसानों को पकड़ते नजर आए।
डीएसपी के रीडर ने किसानों को निकाली गाली तो हुई हाथापाई : लखविंद्र सिंह
डीसी की गाड़ी के जाने के बाद किसानों की एक डीएसपी के रीडर से कहासुनी हो गई। किसान नेता लखविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि डीएसपी के रीडर ने किसानों को गाली निकाल दी और डंडा मार दिया। इससे गुस्साए किसानों ने रीडर को पकड़ लिया। पुलिस कर्मचारियों और किसान नेताओं ने बड़ी मुश्किल से रीडर व सिविल वर्दी में तैनात कर्मचारी को किसानों के कब्जे से छुड़वाया। किसानों को शांत किया गया। आरोप है कि वहीं सिविल थाने के बाहर बैरिकेड पर सिविल वर्दी में पुलिस कर्मचारी ने किसानों को गाली निकाली तो किसानों ने उसे खींच लिया। लखविंद्र सिंह ने कहा कि दोनों की शिकायत एसपी से की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की लाठी से गुरप्रीत गिल, गुरी सेखों, अरविंद्र सिंह घायल हुए हैं।
कोट
चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गए। पुलिस ने संयम से काम लिया। किसानों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया।
- भूपेंद्र सिंह, एसपी, सिरसा।
फोटो 11 से 20
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चेयरपर्सन के चुनाव के लिए पार्षदों के पहुंचने का समय 11 बजे का था। किसानों ने मंगलवार रात को ही सांसद सुनीता दुग्गल व विधायक गोपाल कांडा के घेराव की घोषणा कर दी थी। पुलिस ने नप कार्यालय की ओर जाने वाले पांच रास्तों पर बैरिकेड लगाकर उन्हें बंद कर दिया। पुलिस ने नप कर्मचारियों के आई कार्ड देखकर ही इंट्री करवाई गई। सुबह विधायक गोपाल कांडा सुबह सवा दस बजे अपने पार्षदों के साथ नप कार्यालय पहुंचे। इसके बाद भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल पार्षदों के बीच में बैठकर करीब दस बजकर 40 मिनट पर नप कार्यालय पहुंचीं। चुनाव करीब 12 बजे खत्म हो गया। हालांकि पहले वोटिंग का समय एक बजे था।
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गाड़ी के आगे लेट गए किसान
चुनाव खत्म होने के बाद सांसद सुनीता दुग्गल 12 बजकर दो मिनट पर गुपचुप तरीके से सिरसा के एसडीएम जयबीर यादव की गाड़ी में बैठीं। पुलिस प्रशासन ने सांसद सुनीता दुग्गल को बांसल कॉलोनी के रास्ते से निकाल कर हिसार रोड स्थित निजी रिसोर्ट में भेजा। साथ ही नवनियुक्त चेयरपर्सन रीना सेठी, महिला पार्षदों को साथ लेकर गाड़ी में निकलने लगीं तो किसानों ने गाड़ियों को घेर लिया। किसान गाड़ी के आगे लेट गए। किसान रीना सेठी और अन्य पार्षदों की गाड़ी को रोके हुए थे। गाड़ी में बैठीं पार्षद रेणु बरोड़ जोर-जोर से रोने लग गईं। अन्य महिला पार्षद उन्हें चुप कराने लगे। विधायक गोपाल कांडा के निजी सुरक्षा कर्मचारियों और पुलिस ने किसानों को धक्के देकर गाड़ी को निकाला।
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किसानों ने गाड़ी के बोनट पर मारे मुक्के
इसके बाद हलोपा विधायक गोपाल कांडा को डीसी प्रदीप कुमार ने अपनी गाड़ी में बैठाया, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला व गोबिंद कांडा को एसडीएम की गाड़ी में बैठाया गया। डीसी की गाड़ी के शीशों पर भी पर्दे उतार दिए गए। जैसे ही काफिला निकला तो किसानों ने डीसी की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीछे धकेल दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के रास्ते विधायक गोपाल कांडा को उसके निवास स्थान पर पहुंचाया गया। इसी बीच शोरशराबे के बीच एसडीएम की गाड़ी में बैठे भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला व गोबिंद कांडा को भी निकालने के दौरान किसानों ने गाड़ी के बोनट पर मुक्के मारे।
बैरिकेड पर हुई हाथापाई, सिख किसानों की पगड़ियां उतरीं
सुबह दस बजे ही किसान सभी बैरिकेड पर विरोध जताने के लिए इकट्ठे हुए। पहले सिविल लाइन थाने के सामने बने बैरिकेड पर किसानों की संख्या कम थी। सिविल लाइन थाने के सामने लगाए गए बैरिकेड पर किसानों ने अंदर जाने का प्रयास किया। इसको लेकर किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। कुछ सिख किसानों की पगड़ियां उतर गईं। किसान गुरप्रीत सिंह के सिर पर डंडा लगा तो वह भी नीचे गिर गया। किसान एक बार बैरिकेड पार कर गए। पुलिस ने उन्हें खींचकर पीछे हटा दिया। दोनों ओर से धक्कामुक्की हुई। इसी बीच किसानों पर डंडा लगने पर वे एक पुलिस कर्मचारी को खींचकर अपनी ओर ले आए। कालांवाली के एएसपी नितिन अग्रवाल व सिविल थाना एसएचओ जितेंद्र सिंह ने कर्मचारी को किसानों से छुड़वाया।
किसान नेता गुरनाम झब्बर और रणधीर जोधकां पहुंचे नप कार्यालय के पास
किसान नेता गुरनाम झब्बर व रणधीर जोधकां पुलिस को चकमा देकर अपने साथियों के साथ नप कार्यालय के नजदीक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद डीसी प्रदीप कुमार व एसपी भूपेंद्र सिंह पुलिस कर्मचारियों के साथ चौराहे पर पहुंचे। दोनों ने किसानों को पीछे जाने के लिए कहा और सहयोग की अपील की। किसान बोले कि वे यहीं रहेंगे। इसके बाद डीसी और एसपी सिविल लाइन थाने के बाहर लगे बैरिकेड वाली जगह पर पहुंचे। किसानों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। खुद डीसी और एसपी किसानों को पकड़ते नजर आए।
डीएसपी के रीडर ने किसानों को निकाली गाली तो हुई हाथापाई : लखविंद्र सिंह
डीसी की गाड़ी के जाने के बाद किसानों की एक डीएसपी के रीडर से कहासुनी हो गई। किसान नेता लखविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि डीएसपी के रीडर ने किसानों को गाली निकाल दी और डंडा मार दिया। इससे गुस्साए किसानों ने रीडर को पकड़ लिया। पुलिस कर्मचारियों और किसान नेताओं ने बड़ी मुश्किल से रीडर व सिविल वर्दी में तैनात कर्मचारी को किसानों के कब्जे से छुड़वाया। किसानों को शांत किया गया। आरोप है कि वहीं सिविल थाने के बाहर बैरिकेड पर सिविल वर्दी में पुलिस कर्मचारी ने किसानों को गाली निकाली तो किसानों ने उसे खींच लिया। लखविंद्र सिंह ने कहा कि दोनों की शिकायत एसपी से की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की लाठी से गुरप्रीत गिल, गुरी सेखों, अरविंद्र सिंह घायल हुए हैं।
कोट
चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गए। पुलिस ने संयम से काम लिया। किसानों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया।
- भूपेंद्र सिंह, एसपी, सिरसा।
फोटो 11 से 20

किसान बैरिकेड तोड़ते हुए व पुलिस फोर्स किसानों को रोकते हुए।- फोटो : Sirsa

सिविल लाइन थाने के बाहर बैरिकेड पर किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की हुई।- फोटो : Sirsa