शाबास! प्रदेश का पहला साक्षर गांव बना चकजालू

Dabvali, sirsa Updated Fri, 09 May 2014 12:27 AM IST
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खंड डबवाली के छोटे से गांव चकजालू ने प्रदेशभर में साक्षरता का डंका बजा दिया है। चकजालू प्रदेश का ऐसा पहला गांव बन गया है, जिसमें कोई अनपढ़ नहीं है।
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साक्षर भारत मिशन के तहत एकत्रित आंकड़ों के अनुसार गांव में निरक्षरता खत्म हो गई है। गांव की इस उपलब्धि पर अंतिम मुहर लगाने के लिए जिला प्रशासन ने उपमंडलाधीश डबवाली सतीश कुमार को जांच करने के लिए कहा है।
केंद्र सरकार ने देश में अनपढ़ता को दूर करने के लिए साल 2009 में साक्षर भारत मिशन के नाम के तत्वावधान में कार्यक्रम शुरू किया था।
कार्यक्रम के तहत जुलाई 2012 में खंड डबवाली के सभी 48 गांवों में सर्वे शुरू हुआ था। सर्वे रिपोर्ट में पूरे खंड में करीब 35 हजार निरक्षर पाए गए थे।

15 या इससे अधिक आयु वर्ग के ये वे लोग थे, जो अपना नाम तक नहीं लिखना जानते थे और न ही कुछ पढ़ सकते थे। उस दौरान गांव चकजालू में 111 निरक्षरों की पहचान हुई थी।

निरक्षरों को साक्षर करने के लिए सरकार ने प्रेरकों की नियुक्ति की थी। गांव चकजालू में अमरजीत ने प्रेरक का टेस्ट पास किया था।

प्रेरक अमरजीत ने गांव को पूर्णतया साक्षर करने का बीड़ा उठाया। उसने 21 निरक्षरों को साक्षर करके उनकी परीक्षा दिलाई। सभी उत्तीर्ण रहे।

बाद में 90 निरक्षरों को प्रशिक्षण देकर परीक्षा में बैठाया। वे सभी भी उत्तीर्ण रहे। अमरजीत ने साक्षर गांव का प्रस्ताव जिला प्रशासन के समक्ष रखा। चकजालू प्रदेश का ऐसा पहला गांव बन गया, जिसमें सभी लोग साक्षर हैं।

परीक्षा पास करके मैं प्रेरक बना। गांव को साक्षर करने का बीड़ा उठाया। 111 निरक्षरों का भार अपने कंधों पर उठाया। एक 80 वर्षीय वृद्ध को शिक्षा के प्रति जागरूक देखकर खुद का हौसला बढ़ा।

कुछ ही दिनों में वृद्ध तीन-तीन भाषाएं लिखने व बोलने लगा। उनके आत्मविश्वास से सभी निरक्षर लिखने व पढ़ने लगे। परीक्षा उत्तीर्ण की। मैं खुश हूं, मेहनत रंग लाई। -अमरजीत, प्रेरक

गांव की आबादी करीब 950 है। करीब साढ़े पांच सौ वोटर हैं। छोटा सा गांव है। पूर्णतया साक्षर होना बहुत बड़ी बात है, वह भी पूरे प्रदेश में। ऐसा ग्रामीणों के आपसी सहयोग से संभव हो पाया है। -देवीलाल, सरपंच, चकजालू

गांव चकजालू में सभी 111 निरक्षरों के साक्षर होने के बाद गांव पूर्णतया साक्षर होने की रिपोर्ट है। रिपोर्ट पर अंतिम फैसला उपमंडलाधीश करेंगे। अगर ऐसा हुआ तो गांव चकजालू की पंचायत को पांच लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। -प्रवीण रानी, कोऑर्डिनेटर

रिपोर्ट के अनुसार गांव चकजालू साक्षर गांव है। रिपोर्ट पर अंतिम मुहर उपमंडलाधीश डबवाली सतीश कुमार की जांच के बाद ही लगेगी।

इस संबंध में रिपोर्ट करने के लिए उपमंडलाधीश को लिखा गया है। चकजालू प्रदेश का ऐसा पहला गांव होगा, जिसमें सभी साक्षर लोग होंगे। यह तय होने पर एक कार्यक्रम करके इस कार्यक्रम में भूमिका निभाने वालों को सम्मानित किया जाएगा। -शिव प्रसाद शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त
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