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Sirsa News: गर्मी से कुत्तों का बदला व्यवहार, गली-मोहल्लों में राहगीरों को बना रहे शिकार

Sun, 28 Apr 2024 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 28 Apr 2024 01:52 AM IST
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Dogs' behavior changed due to heat, they are preying on passersby in the streets
बस स्टैंड के पास लगा कुत्तों का जमावडा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। भीषण गर्मी से कुत्ते आक्रामक हो गए हैं। इनके व्यवहार में परिवर्तन आया है। कुत्ते राहगीरों को काट रहे हैं। नगारिक अस्पताल में रैबीज का टीका लगाने के लिए प्रतिदिन 50 से 60 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से 40 से 42 डॉग बाइट के मामले हैं। इनमें से भी 15 से 20 मामले नए होते हैं।
शहर में गलियों में घूमने वाले कुत्तों के काटने के मामले निरंतर बढ़ रहे हैं। गर्मी में इन मामलों में तेजी से इजाफा होता है। इनकी जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर परिषद की ओर से वैक्सीनेशन करवाई जाती है। इसका टेंडर भी नगर परिषद की ओर से लगाया गया है, लेकिन कोई भी एजेंसी सभी नियम पूर्ण नहीं करती। इस कारण यह टेंडर सिरे नहीं चढ़ा है।
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वहीं देखने में आया है कि शहर में बड़े स्तर पर नॉन वेज की रेहड़ी व दुकानें हैं। रेहड़ी वालों के आस पास कुत्ते बैठे रहते है, जो फेंकीं हुई हड्डियां खाते हैं। दुकान व होटल वाले भी नगर परिषद के डंपिंग प्वाइंटों व खाली पड़े प्लांटों में हड्डियां डालते हैं। इन्हें खुले में घूमने वाले कुत्ते खाते हैं। एक दिन भी खाने को नहीं मिलने पर यह कुत्ते हिसंक हो जाते हैं और बच्चों व बुजुर्गों पर जानलेवा हो जाते है। गर्मी की शुरुआत में कुत्तों के काटने के 25 से 30 मामले सामने आ रहे हैं।
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गर्मी में बढ़ जाता है चिड़चिड़ापन और बेचैनी
विशेषज्ञ के अनुसार जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है कुत्तों में चिड़चिड़ापन और बेचैनी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कुत्ते जीभ से तापमान का नियंत्रण करते हैं। छाया और ताजे पानी की कमी से कभी-कभी उनके अंदर कई तरह के व्यवहार परिवर्तन देखने को मिलते हैं। वे आते-जाते किसी को भी दौड़ाने लगते हैं और काट लेते हैं।





विशेष टीम करेगी जांच
जानकारी के अनुसार सेक्टरों के आस पास के फूड कोर्ट क्षेत्र से खुले में हड्डियां डाली जाती हैं। इससे सेक्टरवासियों को बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सीएसआई जयवीर सिंह के अनुसार खुले में नॉन वेज वेस्ट डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उनको चिह्नित किया जाएगा । इसको लेकर विशेष टीम का गठन किया गया है। टीम डिटेल रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि आगामी कार्रवाई अमल में ला सके। हमारे पास भी सूचना है कि अधिकतर लोग ऐसा कर रहे हैं।





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सरकार का यह है नियम

सरकार के नियमानुसार खुले नॉन वेज वेस्ट नहीं डाला जा सकता है। इसको डिस्पोज ऑफ करने के लिए नगर परिषद की ओर से विशेष गाड़ी लगवाई जाएगी। इसको लेकर विशेष चार्ज इन लोगों को देना होगा। सरकार के नियमानुसार बिना टेस्टिंग के कोई कटिंग भी नहीं कर सकता है और न ही बेच सकता है।






गर्मी के मौसम में कुत्तों में हीट स्ट्रोक का असर देखने को मिलता है। कुत्तों की नस्ल बेहद अहम होती है। कुत्तों की कुछ नस्ल लोगों को काटने वाली होती है तो कुछ शांत स्वभावी होती है। गलियों में घूमने वाले कुत्तों की नस्ल भी अलग होती है। नॉन वेज खाने का असर भी कुछ नस्ल पर होता है। - डॉ. तरुण, लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय, हिसार।
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