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Sirsa News: चिकित्सकों की हड़ताल, इलाज के इंतजार में बढ़ा मरीजों का दर्द

Tue, 16 Jul 2024 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 16 Jul 2024 02:26 AM IST
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Doctors' strike, patients' pain increases while waiting for treatment
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में चिकित्सकों ने सोमवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कलम छोड़ हड़ताल की। चिकित्सकों के सीट पर न मिलने के कारण मरीजाें को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर मरीज तो बिना इलाज करवाए ही लौट गए। मरीजों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता तो कल आ जाते।

नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक हजार से ज्यादा मरीज इलाज करवाने के लिए आते हंै। सोमवार का दिन होने के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ ज्यादा रही। उमस भरी गर्मी में मरीजों ने लाइनों में लगकर पर्ची कटवाई, लेकिन जब वे इलाज के लिए डॉक्टर के केबिन के बाहर पहुंचे तो पता चला कि चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर हैं। ऐसे में इंतजार के साथ उनका दर्द भी बढ़ गया।
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मरीज एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटते हुए नजर आए। काफी मरीज फर्श पर बैठकर इंतजार करने लगे। हड़ताल के दौरान फिजिशियन, नेत्र जांच, दांत, हड्डी रोग विशेषज्ञ और अन्य कोई भी चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं रहे। सुबह 11 बजे के बाद चिकित्सकों ने हड़ताल खत्म कर ओपीडी में जांच शुरू की तो मरीजों को इलाज मिला। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. गौरव भट्टी ने कहा कि स्टेट कमेटी के आह्वान पर मांगों को लेकर प्रदेशभर में चिकित्सकों ने हड़ताल की है। जिले में 119 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। अगर सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है, तो 25 जुलाई से सभी चिकित्सक पूर्ण हड़ताल पर रहेंगे। जिले में सामान्य सेवाओं के साथ आपातकालीन सेवाएं भी बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एसएमओ की सीधे नियुक्ति का चिकित्सक विरोध करते हैं। 15-20 साल के अनुभव के बाद एसएमओ पदोन्नत होते हैं, उन्हें व्यावहारिक ज्ञान होता है। अब सरकार सीधी नियुक्त करेगी, जो अनुभवहीन होंगे। इससे मेडिकल ऑफिसर्स का हक भी छीना जाएगा।

इसके साथ ही पीजी पॉलिसी को बेहतर बनाया जाए। नई पॉलिसी के तहत सरकार एचसीएमएस के तहत सर्विस करने वाले चिकित्सकों का कोटा खत्म कर उन्हें अतिरिक्त अंक दे रही है, जबकि उनके लिए सीट रिजर्व रखी जानी चाहिए। पंजाब, राजस्थान में भी यही नीति है। उन्होंने मांग की कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स का कैडर तैयार किया जाए, जो स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं उनसे ओपीडी, ऑपरेशन, चिकित्सीय सेवाएं ही ली जाएं। इस मौके पर उपप्रधान डॉ. बुधराम, जनरल सेक्रेटरी डॉ. हरसिमरन सिंह, डॉ. राजेश चौधरी, डॉ. आरके दहिया अन्य मौजूद रहे।







चिकित्सक को दिखाने लिए आई थी। यहां आने के बाद पता चला की दो घंटे के हड़ताल है। ऐसे में उमस भरी गर्मी में इंतजार करना पड़ा। चिकित्सक ने जांच के बाद टेस्ट लिखे हैं। ये करवाने के बाद फिर जांच करवाने के लिए आऊंगी।


- सुरजीत कौर, गांव मंगाला।


गायनी वार्ड में चिकित्सक के पास इलाज के लिए आई हूं। सुबह 9 बजे से अस्पताल में चक्कर काट रही हूं पर इलाज नहीं मिला है। पहले घंटों तक लाइन में लगकर पर्ची कटवाई, फिर पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। गर्मी में भारी परेशानी हो रही है। -संगीता रानी, शहर वासी।
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