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Sirsa News: बार परिसर में सीट निर्माण पर विवाद, प्रशासन व अधिवक्ताओं में हुई तीखी बहस
Tue, 18 Aug 2026 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:41 PM IST
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सिरसा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट से बहसबाजी करते हुए अधिवक्ता जीपीएस किंगरा। सोशल मीडिया
अवैध कब्जे की शिकायत पर जेसीबी लेकर पहुंची थी प्रशासनिक टीम
पूर्व प्रधान ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कहा-अभी यहां पुलिस खड़ी है वरना तुझे इतने जूते पड़ेंगे कि सुबह हो जाएगी
सीट निर्माण जारी रहेगा या अलग जगह दी जाएगी, समिति करेगी निर्णय : बार प्रधान
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला बार एसोसिएशन परिसर में नए अधिवक्ताओं की ओर से पार्किंग शेड के साथ किए जा रहे सीट निर्माण पर सोमवार रात प्रशासन व अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। निर्माण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का अधिवक्ताओं ने विरोध किया।
इस दौरान बार एसोसिएशन के एक पूर्व प्रधान व ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में पूर्व प्रधान ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कहा कि अभी यहां पुलिस खड़ी है वरना तुझे इतने जूते पड़ेंगे कि सुबह हो जाएगी।
इस पर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए पूर्व प्रधान से कहा कि भाषा पर संयम रखो, रही बात मारने की तो हाथ लगाकर दिखा। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बाद में बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से बातचीत की जिसके बाद प्रशासनिक टीम वापस लौट गई।
मामले के अनुसार, सोमवार को प्रशासन को एक शिकायत मिली जिसमें बताया गया कि जिला बार एसोसिएशन परिसर में प्रशासनिक जगह पर कुछ अधिवक्ताओं द्वारा अवैध कब्जा कर सीटों का निर्माण किया जा रहा है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने तहसीलदार प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। सोमवार रात करीब 9 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस फोर्स व जेसीबी मशीन के साथ बार परिसर के बाहर पहुंचे।
प्रशासनिक टीम को गेट पर ही अधिवक्ताओं ने रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कार्रवाई संबंधी लिखित आदेश की प्रति मांगी।
उन्होंने कहा कि आदेश प्रति मिलने के बाद वे कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आएंगे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि लिखित आदेश की प्रति उपलब्ध करवा दी जाएगी, पहले कार्रवाई करने दी जाए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई।
चार घंटे चली विशेष बैठक, समिति करेगी निर्णय
मंगलवार सुबह बार एसोसिएशन की विशेष बैठक प्रधान गंगाराम ढाका की अध्यक्षता में हुई। करीब चार घंटे तक चली बैठक में बार के सदस्यों व पदाधिकारियों ने मामले पर अपने विचार रखे। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीट निर्माण के मामले पर एक समिति गठित की जाएगी। समिति यह तय करेगी कि निर्माण कार्य जारी रखा जाए या अधिवक्ताओं को बैठने के लिए कोई अन्य स्थान उपलब्ध करवाया जाए।
प्रधान ने डीसी से कहा-जगह बार एसोसिएशन की है
प्रधान गंगाराम ढाका ने बताया कि जिस जगह पर सीटों का निर्माण किया जा रहा है, वह बार एसोसिएशन की जगह है। इस संबंध में सुबह उपायुक्त से भी मुलाकात की गई थी। उपायुक्त ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रशासनिक जगह पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसके बाद बार पदाधिकारियों ने उन्हें स्थिति से अवगत करवाया।
अधिवक्ताओं को लिखित में नोटिस दिया जाएगा
ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रशासनिक आदेश पर अवैध कब्जा हटाने के लिए टीम मौके पर गई थी। अधिवक्ताओं को मौखिक रूप से मंगलवार को कब्जा हटाने के लिए कहा गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो नियमानुसार लिखित नोटिस जारी किया जाएगा। सोमवार रात हुए घटनाक्रम को लेकर अभी पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
इनको मिल सकती है अनुमति
सूत्रों के अनुसार जिन अधिवक्ताओं को प्रैक्टिस करते हुए तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें ही सीट निर्माण की अनुमति बार एसोसिएशन की ओर से दी जाएगी।
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पूर्व प्रधान ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कहा-अभी यहां पुलिस खड़ी है वरना तुझे इतने जूते पड़ेंगे कि सुबह हो जाएगी
सीट निर्माण जारी रहेगा या अलग जगह दी जाएगी, समिति करेगी निर्णय : बार प्रधान
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला बार एसोसिएशन परिसर में नए अधिवक्ताओं की ओर से पार्किंग शेड के साथ किए जा रहे सीट निर्माण पर सोमवार रात प्रशासन व अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। निर्माण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का अधिवक्ताओं ने विरोध किया।
इस दौरान बार एसोसिएशन के एक पूर्व प्रधान व ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में पूर्व प्रधान ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कहा कि अभी यहां पुलिस खड़ी है वरना तुझे इतने जूते पड़ेंगे कि सुबह हो जाएगी।
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इस पर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए पूर्व प्रधान से कहा कि भाषा पर संयम रखो, रही बात मारने की तो हाथ लगाकर दिखा। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बाद में बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से बातचीत की जिसके बाद प्रशासनिक टीम वापस लौट गई।
मामले के अनुसार, सोमवार को प्रशासन को एक शिकायत मिली जिसमें बताया गया कि जिला बार एसोसिएशन परिसर में प्रशासनिक जगह पर कुछ अधिवक्ताओं द्वारा अवैध कब्जा कर सीटों का निर्माण किया जा रहा है।
शिकायत के बाद प्रशासन ने तहसीलदार प्रदीप कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। सोमवार रात करीब 9 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट पुलिस फोर्स व जेसीबी मशीन के साथ बार परिसर के बाहर पहुंचे।
प्रशासनिक टीम को गेट पर ही अधिवक्ताओं ने रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट से कार्रवाई संबंधी लिखित आदेश की प्रति मांगी।
उन्होंने कहा कि आदेश प्रति मिलने के बाद वे कोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आएंगे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि लिखित आदेश की प्रति उपलब्ध करवा दी जाएगी, पहले कार्रवाई करने दी जाए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई।
चार घंटे चली विशेष बैठक, समिति करेगी निर्णय
मंगलवार सुबह बार एसोसिएशन की विशेष बैठक प्रधान गंगाराम ढाका की अध्यक्षता में हुई। करीब चार घंटे तक चली बैठक में बार के सदस्यों व पदाधिकारियों ने मामले पर अपने विचार रखे। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीट निर्माण के मामले पर एक समिति गठित की जाएगी। समिति यह तय करेगी कि निर्माण कार्य जारी रखा जाए या अधिवक्ताओं को बैठने के लिए कोई अन्य स्थान उपलब्ध करवाया जाए।
प्रधान ने डीसी से कहा-जगह बार एसोसिएशन की है
प्रधान गंगाराम ढाका ने बताया कि जिस जगह पर सीटों का निर्माण किया जा रहा है, वह बार एसोसिएशन की जगह है। इस संबंध में सुबह उपायुक्त से भी मुलाकात की गई थी। उपायुक्त ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्रशासनिक जगह पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसके बाद बार पदाधिकारियों ने उन्हें स्थिति से अवगत करवाया।
अधिवक्ताओं को लिखित में नोटिस दिया जाएगा
ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रशासनिक आदेश पर अवैध कब्जा हटाने के लिए टीम मौके पर गई थी। अधिवक्ताओं को मौखिक रूप से मंगलवार को कब्जा हटाने के लिए कहा गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो नियमानुसार लिखित नोटिस जारी किया जाएगा। सोमवार रात हुए घटनाक्रम को लेकर अभी पुलिस में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
इनको मिल सकती है अनुमति
सूत्रों के अनुसार जिन अधिवक्ताओं को प्रैक्टिस करते हुए तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें ही सीट निर्माण की अनुमति बार एसोसिएशन की ओर से दी जाएगी।