फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Disha's meeting on the issue of drugs, police officers did not arrive, MP got angry and said - it is the job of the police to take action against drugs, the police itself disappeared from the meeting.

Sirsa News: नशे के मुद्दे पर दिशा की बैठक, नहीं पहुंचे पुलिस अधिकारी, सांसद भड़कीं बोलीं- नशे पर कार्रवाई करने का काम पुलिस का, बैठक से पुलिस ही गायब

Fri, 08 Nov 2024 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 08 Nov 2024 01:55 AM IST
विज्ञापन
Disha's meeting on the issue of drugs, police officers did not arrive, MP got angry and said - it is the job of the police to take action against drugs, the police itself disappeared from the meeting.
दिशा की बैठक में सांसद सैलजा निर्देश जारी करती हुईं।   संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिरसा। नशे सहित अन्यों को लेकर पंचायत भवन में वीरवार को दिशा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक के न पहुंचने पर सांसद कुमार सैलजा अधिकारियों पर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि नशे को लेकर कार्रवाई करने का काम पुलिस का है। बैठक से पुलिस ही गायब है।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक छुट्टी पर गए हैं। सांसद ने कहा कि अगली बार आप बैठक शुरू होने से पहले सभी अधिकारियों की सूची देंगे। यदि पुलिस प्रशासन बैठक में नहीं आता है, तो बैठक ही नहीं होगी। सांसद ने कहा कि हर 20 दिन बाद सभी विधायक, एसपी और डीसी नशे पर किए गए कार्यों और आगे की योजना को लेकर बैठक करेंगे। नशे को पूरी तरह से खत्म करना हमारा दायित्व है।
विज्ञापन

बैठक में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि नशे एक बड़ा और गंभीर मुद्दा है। जिले में बने सभी नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। हमें पता रहे कि नशा छुड़वाया जा रहा है या नहीं। जो गलत हो उस पर कार्रवाई करें।
विज्ञापन
विज्ञापन





एनडीपीएस एक्ट में नहीं आने वालीं दवाओं का भी नशे के तौर पर हो रहा इस्तेमाल, मुख्यालय से मांगा मार्गदर्शन
बैठक में उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि चिट्टे की बिक्री पर बड़े स्तर पर रोक लगाई गई है। अब बाजार में नए-नए नशे आ रहे हैं। खासतौर पर मेडिकल नशे की मांग है। कई ड्रग्स ऐसे हैं, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत नहीं आते। नशे से ग्रस्त युवा इन गोलियों को पीसकर उनका तरल तैयार करते हैं और इंजेक्शन लगाते हैं, जो बेहद खतरनाक है। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि कालांवाली में बड़े स्तर पर मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई कर सील किए गए थे। इसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक हाईकोर्ट चले गए हैं और स्टे ले आए। एनडीपीएस एक्ट में नहीं आने वाली दवाओं पर मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है, क्योंकि इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के तौर पर होता है।




पांच हजार रुपये किराये पर लाइसेंस देने को तैयार हैं लोग

उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि मेडिकल स्टोर चलाने के लोग पांच हजार रुपये पर अपना लाइसेंस देने को तैयार हो जाते हैं। आज अगर किसी का मेडिकल स्टोर सील कर दिया जाता है, तो वह पांच हजार रुपये मासिक किराये पर दूसरा लाइसेंस लेकर मेडिकल स्टोर खोल लेता है। प्रशासन से लिए यह बड़ी समस्या बनी हुई है।


---

जिले में नशा पीड़ितों की स्थिति

वर्ष - नशा करने वाले - उपचार करवाया

2021- 19135- 391

2022- 31000 - 588

2023 - 35000- 763

2024 - 25000 - 619





नशा मुक्ति केंद्र पर आज भी गेहूं और मूंग को अलग करवाने की अपनाई जा रही थैरेपी

बैठक में रानियां के विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि नशा छोड़ने वालों को मानसिक सहारा नहीं मिल रहा। नशा मुक्ति केंद्र सालों पुरानी थैरेपी पर चल रहे है। आज भी गेहूं और मूंग मिलाकर उन्हें अलग करवाया जाता है। उनके पास कोई तकनीक नहीं है। ग्रामीणों का तो यहां तक कहना है कि जिसको नशा करना है, नशा मुक्ति केंद्र चला जाए। सीएमओ साहब- नई तकनीक और थैरेपी आ गई है, उनको इस्तेमाल होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed