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Sirsa News: एनआरआई विवाहों से जुड़े कानूनी, सामाजिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर मंथन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 10:17 PM IST
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Discussion on legal, social and practical aspects of NRI marriages
सिरसा। राष्ट्रीय महिला आयोग एवं डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, सोनीपत की ओर से चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विधि विभाग के सहयोग से ‘एनआरआई मैरिजेज : डूज एंड डोंट्स- ए वे फॉरवर्ड इन द स्टेट ऑफ हरियाणा’ विषय पर तृतीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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इसका उद्देश्य एनआरआई विवाहों से जुड़े कानूनी, सामाजिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर जन-जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम सीवी रमन भवन के सेमिनार हॉल में हुआ। विधि विभाग की प्राध्यापक डॉ. ज्योत्सना चौधरी ने मंच संचालन किया व डॉ. अनिल घणघस व विधि विभाग के प्राध्यापक प्रो. मुकेश गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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विधि विभाग के चेयरपर्सन प्रो. उमेद सिंह के रूप में उनका प्रोत्साहन सदैव मिलता रहता है। समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम होते रहते हैं। कार्यक्रम में सीडीएलयू के कुलपति प्रो. विजय कुमार व बीआरएएनएलयू, सोनीपत के कुलपति प्रो. देवेंद्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में यातायात डीएसपी सिरसा, संजीव बलहारा उपस्थित रहे।
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बीआरएएनएलयू के कुलपति प्रो. देवेंद्र सिंह ने कहा कि एनआरआई विवाह संबंधी विवाद व्यक्तिगत स्तर से आगे बढ़कर सामाजिक व कानूनी चुनौती का रूप ले लेते हैं। पीड़ित महिलाओं को सीमाओं, प्रक्रियाओं और भाषा संबंधी कठिनाइयों के कारण न्याय के लिए अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। अतः सावधानी, पारदर्शिता और कानूनी सलाह का संतुलन सुरक्षित विवाह की अनिवार्य शर्त है।


सीडीएलयू के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि एनआरआई विवाहों में दस्तावेजों की सत्यता, कानूनी प्रक्रियाओं की समझ और तथ्यों की जांच अत्यंत आवश्यक है। कई परिवार आकर्षण के कारण आवश्यक सत्यापन को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम को छात्रों, शोधार्थियों, महिलाओं और अभिभावकों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

बीआरएएनएलयू की विधि विभाग की असिस्टेंट प्रो. पारुल वशिष्ट ने एनआरआई विवाहों में सूचना पारदर्शिता, आवश्यक दस्तावेजों की जांच और कानूनी अधिकारों की जानकारी की महत्ता पर प्रकाश डाला। बीआरएएनएलयू के असिस्टेंट प्रो. प्रखार साहू एवं आकाश शर्मा ने भी एनआरआई वैवाहिक विवादों, धोखाधड़ी, शिकायत निस्तारण और सावधानियों पर अपने विचार व्यक्त किए।

डीएलएसए कार्यालय से देवेंद्र कौर ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ितों को निशुल्क कानूनी सहायता एवं समयबद्ध परामर्श उपलब्ध कराता है। अधिवक्ता गुरतेज सिंह ने भी विषय पर अपने विचार सांझा करते हुए कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रो. मुकेश गर्ग, बलकार सिंह, ग्रंथी भजन सिंह, अधिवक्ता अमित गोयल, अधिवक्ता विजय शर्मा, महिला थाना प्रभारी सुनीता रानी, अधिवक्ता केएस गिल, नाथूसरी चोपटा सरपंच रीटा कसनिया आदि मौजूद रहे।
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