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Sirsa News: परिवार पहचान पत्र में आय ठीक करवाने के लिए दो साल से कार्यालयों के चक्कर काट रहा दिव्यांग

Sat, 02 Mar 2024 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 02 Mar 2024 11:25 PM IST
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Disabled person has been visiting offices for two years to get his income corrected in his family identity card.
सिरसा। गांव वेदवाला निवासी दिव्यांग पिता और पुत्र के लिए परिवार पहचान पत्र दो साल से समस्या बना हुआ है। पीपीपी में उसकी आय बढ़ी हुई दिखाई हुई है। जिसके कारण उनको प्रदेश सरकार दी जा रही सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पीपीपी में आय ठीक करवाने के लिए पीड़ित पिछले दो साल दो साल से लघु सचिवालय और ई दिशा के चक्कर लगाने पर मजबूर है।
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दिव्यांग गुरनाम दास ने बताया कि सिरसा से उनके गांव वेदवााल की दूरी 14 किलोमीटर है। उसकी पारिवारिक स्थिति काफी कमजोर हैं। जबकि कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उसके परिवार पहचान पत्र में तीन लाख रुपये आय दर्शाई हुई है। जिसके कारण न तो उनका बीपीएल कार्ड बन पा रहा है और न ही उसे अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। वह पीपीपी में आय ठीक करवाने के लिए अपनी ट्राई साइकिल पर गांव से लघु सचिवालय में स्थित 53 नंबर कमरे में आता है, परंतु हर बार उसे निराशा ही हाथ लगती है।
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पिता का कट चुका हाथ
गुरनाम ने बताया कि उसके परिवार में पांच लोग हैं। उसके 61 वर्षीय पिता भजन लाल का एक हाथ पांच साल पहले मशीन में आने से कट गया था। वह स्वयं भी दोनों पैरों से दिव्यांग है। उसकी 59 वर्षीय मां बीमार है। इसके अलावा दो भाई हैं और दोनों ही बेरोजगार हैं। वे दिहाड़ी मजदूरी करते है। उन्हीं की आय से आय से परिवार की गुजर बसर होती है। गुरनाम ने बताया कि पहले बीपीएल कार्ड बना हुआ था तो डिपो से राशन मिल जाता था। लेकिन जब से पीपीपी में आय 3 लाख रुपये हुई है। तब से उनका बीपीएल कार्ड भी कट चुका है। जिसके बाद से घर के हालात खराब होने लगे। गुरनाम ने बताया कि उसकी मां गृहणी है और उसकी आय 10 हजार रुपये महीना दिखाई गई है।
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कमरा नंबर 53 में बताएं पीपीपी की समस्या
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी तक 3 लाख 63 हजार 193 परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं। जिनमें 13 लाख 77 हजार 276 सदस्य शामिल हैं। लघु सचिवालय में स्थित 53 नंबर कमरे में परिवार पहचान पत्र से संबंधित त्रुटियां दूर की जाती हैं। जिनमें किसी का नाम, जन्म तिथि, लिंग, मृत्यु व जन्म संबंधित समस्या को दुरुस्त किया जाता है।

दिव्यांग गुरनाम का मामला संज्ञान में आया है। उसे पटवारी की रिपोर्ट आदि करवाने के लिए कहा है। इससे पहले भी इस प्रकार के लोगों की समस्या हल की गई थी। अतिरिक्त उपायुक्त के आने के बाद जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

-रविंद्र, प्रबंधक, परिवार पहचान पत्र कार्यालय, सिरसा।
पीपीपी की समस्या को लेकर लोग बोले-
ऐसी ही समस्याएं लघु सचिवालय आए अन्य लोगों ने बताई। प्रेम कुमार ने बताया कि उसके पिता की उम्र 62 वर्ष होने वाली है और 60 वर्ष होते ही बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए समाज कल्याण विभाग आफिसर पहुंचे। लेकिन उन्होंने परिवार पहचान पत्र में त्रुटि बताई जो एक साल से चक्कर काटने के बाद भी दुरुस्त नहीं हुई है। संतनगर निवासी जसवंत सिंह की परिवार पहचान पत्र में इनकम 1 लाख 80 हजार से अधिक है। जिसके कारण उसकी बुढ़ापा पेंशन नहीं बन पा रही। दो साल से आय दुरुस्त करवाने के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचा लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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