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Sirsa News: डीआईजी को नशा मुक्ति केंद्र में नहीं मिला डिग्री धारक चिकित्सक
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रोड़ी। हरियाणा स्टेट क्राइम ब्रांच के डीआईजी हमीद अख्तर ने शुक्रवार रात रोड़ी स्थित रोड़ी मनोरोग व नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ सिरसा डीएसपी संजीव कुमार और रोड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार मौजूद रहे। निरीक्षण करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ और लगभग एक घंटे तक चला।
इस दौरान डीआईजी अख्तर ने मरीजों से बातचीत की और केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया। शुरुआती तौर पर स्थिति सामान्य पाई गई, लेकिन जांच में एक बड़ी चूक सामने आई। केंद्र में कोई भी डिग्री धारक डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों की देखरेख ऐसे युवा कर रहे थे जो खुद पहले नशा छोड़ चुके हैं। केंद्र में फिलहाल 15 से 20 मरीज भर्ती हैं।
डीआईजी हमीद अख्तर ने बताया कि उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन लगातार नशे की रोकथाम और युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए प्रयासरत है। डीआईजी ने संकेत दिए कि बिना योग्य चिकित्सकों के चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ चुके युवाओं के अनुभव महत्वपूर्ण हैं, परंतु चिकित्सकीय निगरानी अनिवार्य है। प्रशासन अब ऐसे केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा ताकि मरीजों की सुरक्षा और उपचार में कोई लापरवाही न हो।
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इस दौरान डीआईजी अख्तर ने मरीजों से बातचीत की और केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया। शुरुआती तौर पर स्थिति सामान्य पाई गई, लेकिन जांच में एक बड़ी चूक सामने आई। केंद्र में कोई भी डिग्री धारक डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों की देखरेख ऐसे युवा कर रहे थे जो खुद पहले नशा छोड़ चुके हैं। केंद्र में फिलहाल 15 से 20 मरीज भर्ती हैं।
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डीआईजी हमीद अख्तर ने बताया कि उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन लगातार नशे की रोकथाम और युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए प्रयासरत है। डीआईजी ने संकेत दिए कि बिना योग्य चिकित्सकों के चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ चुके युवाओं के अनुभव महत्वपूर्ण हैं, परंतु चिकित्सकीय निगरानी अनिवार्य है। प्रशासन अब ऐसे केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा ताकि मरीजों की सुरक्षा और उपचार में कोई लापरवाही न हो।
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