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Sirsa News: गांव कुम्हारिया में पेयजल किल्लत पर ग्रामीणों ने शुरू किया बेमियादी धरना

Tue, 07 Jul 2026 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 07 Jul 2026 12:22 AM IST
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dharna for drinking water
चोपटा। धरने पर बैठे ग्रामीण। ग्रामीण
जलघर में बैठे, एसडीओ ने दिया 10 दिन में समाधान का आश्वासन
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फोटो -- 24
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। गांव कुम्हारिया में ग्रामीणों ने पेयजल की किल्लत पर सोमवार को जलघर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की सूचना मिलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ संदीप कुमार ग्रामीणों से मिलने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे।
एसडीओ संदीप कुमार को ग्रामीणों ने गांव में मौजूदा पानी की स्थिति और हालात से अवगत करवाया। किस प्रकार ग्रामीण पानी का जुगाड़ कर रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों की सारी बात सुनने के बाद एसडीओ ने आश्वासन दिया कि 10 दिन के अंदर समस्या का समाधान किया जाएगा। स्थायी रूप से पेयजल आपूर्ति बहाल की जाएगी। एसडीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना स्थगित कर दिया।
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गर्मी चरम पर है और गांव कुम्हारिया में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा था। लगभग 150 घरों में जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल लाइन से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा है। इस कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। घरेलू काम बिना पानी के करने मुश्किल हो जाते हैं।
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ग्रामीण बलबीर डारा, कृष्ण कुमार डारा, अमर सिंह, रामचंद्र, मदन डारा, धर्मपाल, सुरेश कुमार, अर्जुन मेव, विक्रम सिंह, महेंद्र, हनुमान, मनीराम, साधु राम, पवन, जनक राज आदि ने बताया कि पिछले काफी समय से पेयजल आपूर्ति बाधित है। इस कारण लोगों को मजबूरी में 500 रुपये तक देकर टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है जो मात्र 2 से 5 दिन में ही समाप्त हो जाता है। मुख्य रूप से प्रतिदिन दिहाड़ी कर 400 से 500 रुपये कमाने वाले लोगों के घरों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। वहीं, आम ग्रामीण पर भी तीन से पांच हजार रुपये प्रति माह का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
तीन जलघर में टैंक, फिर भी प्यासे
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के जलघर में पानी स्टोरेज के तीन टैंक बनाए गए हैं। उसके बाद भी गांव के 150 से ज्यादा घर पानी के लिए तरस रहे हैं और उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है। गांव में गर्मी के मौसम में यह समस्या बेहद तंग करने वाली बन गई है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों का पानी की कमी के कारण बीमार होने का खतरा बढ़ जाता हैं।

कोट्स
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुना गया है। दस दिनों के अंदर पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। ग्रामीण को पूर्ण रूप से पानी उपलब्ध करवाना हमारी जिम्मेदारी है।
-संदीप कुमार, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
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