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Sirsa News: चोरमार व मल्लेवाला में माघी जोड़ मेले में पहुंचे श्रद्धालु, नवाया आस्था का शीश
Sun, 14 Jan 2024 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:51 PM IST
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ओढां/बडागुढ़ा। मकर सक्रांति के अवसर पर रविवार को गांव चोरमार खेड़ा में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में वार्षिक माघी जोड़ मेले में श्रद्धालुओं ने आस्था का शीश नवाया। मेले को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ओढां पुलिस व सेवादार व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए थे।
भीड़ इस कदर थी कि श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए घटों लाइनों में लगना पड़ा। वहीं इस दौरान गुरुद्वारा के बाहर सजी दुकानों से श्रद्धालुओं ने खूब खरीदारी की। इस अवसर पर अखंड पाठ साहिब के भोग उपरांत गुरमत समागम का आयोजन किया गया। वहीं पंजाब सहित अन्य क्षेत्रों से डाढ़ी एवं रागी जत्थे ने पहुंचकर सिख इतिहास व गुरुबाणी का सुंदर शब्दों में कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
वहीं संगत ने गुरुद्वारा साहिब में बने सरोवर में डुबकी लगाई। गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार बाबा गुरपाल सिंह ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर चोरमार के गुरुद्वारा साहिब में हर वर्ष भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। उन्होंने बताया कि मुक्तसर की जंग में शहीद हुए गुरु गोबिंद सिंह के 40 मुक्तों की याद में हर वर्ष यहां विशाल माघी जोड़ मेला आयोजित किया जाता है। मेले में दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर से ऐतिहासिक पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर सरदार परविंदर सिंह, अमृतपाल सिंह रागी, गुरजंट सिंह रोड़ी, सतगुरु सिंह, बाबा सोहन सिंह अरनीवाला, बाबा प्रीतम सिंह मलड़ी, सत्कार सभा से सुखविंदर सिंह, बाबा निर्मल सिंह फग्गू व जसविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
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बाबा हरिनाम दास ने किए प्रवचन
वहीं गांव मल्लेवाला में स्थित डेरा बाबा भूमणशाह में भी मकर संक्रांति के अवसर पर सत्संग व माघी मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अखंड पाठ के भोग डाले गए। प्रवचन करते हुए गद्दीनशीन बाबा हरिनाम दास ने बाबा भूमणशाह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लोगों को प्रेम व सद्भावना का संदेश दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं नें सत्संग श्रवण करने के साथ-साथ मेले का भी आनंद लिया।
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भीड़ इस कदर थी कि श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए घटों लाइनों में लगना पड़ा। वहीं इस दौरान गुरुद्वारा के बाहर सजी दुकानों से श्रद्धालुओं ने खूब खरीदारी की। इस अवसर पर अखंड पाठ साहिब के भोग उपरांत गुरमत समागम का आयोजन किया गया। वहीं पंजाब सहित अन्य क्षेत्रों से डाढ़ी एवं रागी जत्थे ने पहुंचकर सिख इतिहास व गुरुबाणी का सुंदर शब्दों में कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
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वहीं संगत ने गुरुद्वारा साहिब में बने सरोवर में डुबकी लगाई। गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार बाबा गुरपाल सिंह ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर चोरमार के गुरुद्वारा साहिब में हर वर्ष भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। उन्होंने बताया कि मुक्तसर की जंग में शहीद हुए गुरु गोबिंद सिंह के 40 मुक्तों की याद में हर वर्ष यहां विशाल माघी जोड़ मेला आयोजित किया जाता है। मेले में दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर से ऐतिहासिक पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर सरदार परविंदर सिंह, अमृतपाल सिंह रागी, गुरजंट सिंह रोड़ी, सतगुरु सिंह, बाबा सोहन सिंह अरनीवाला, बाबा प्रीतम सिंह मलड़ी, सत्कार सभा से सुखविंदर सिंह, बाबा निर्मल सिंह फग्गू व जसविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
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बाबा हरिनाम दास ने किए प्रवचन
वहीं गांव मल्लेवाला में स्थित डेरा बाबा भूमणशाह में भी मकर संक्रांति के अवसर पर सत्संग व माघी मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अखंड पाठ के भोग डाले गए। प्रवचन करते हुए गद्दीनशीन बाबा हरिनाम दास ने बाबा भूमणशाह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लोगों को प्रेम व सद्भावना का संदेश दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं नें सत्संग श्रवण करने के साथ-साथ मेले का भी आनंद लिया।