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Sirsa News: एक साल में 100 करोड़ के हुए विकास कार्य, एक का भी नहीं लगा सूचना बोर्ड
Wed, 15 Jan 2025 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:41 PM IST
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अजय विहार में बनाई गई सड़क। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में करवाए गए विकास कार्यों की जानकारी देने के लिए उसका सूचना बोर्ड लगवाना अनिवार्य है। पिछले एक साल में शहर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं, लेकिन एक भी विकास कार्य का बोर्ड नहीं लगवाया गया है। पूर्व में जिला नगर आयुक्त स्वयं अधिकारियों को विकास कार्यों के पूर्ण होने के बोर्ड लगाने के आदेश दे चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे।
शहर में होने वाले विकास कार्यों में अनियमितताओं के कई मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शहर में 30 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य एक ही निजी एजेंसी ने किया है। आज तक उस एजेंसी ने एक भी विकास कार्य का सूचना बोर्ड नहीं लगाया है। इसके अलावा अन्य कार्य करने वालीं एजेंसियों ने भी कोई बोर्ड नहीं लगाए हैं। सूत्र बताते हैं कि बोर्ड लगाने की सूरत में एजेंसी के किए गए कार्य में कमी आने पर उसको दुरुस्त करना होगा अन्यथा उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त हो जाएगी। तीन बार सिक्योरिटी राशि जब्त होने पर एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने का प्रावधान है।
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अधिकारियों के तर्क- बोर्ड के चोरी होने का खतरा
सूचना बोर्ड न लगाने पर अधिकारियों के तर्क भी बेहद आश्चर्यजनक हैं। अधिकारियों के अनुसार लोहे का बोर्ड लगाने पर चोरी होने का खतरा रहता है। ऐसे में बोर्ड नहीं लगाए जाते हैं। पंचायती राज, मार्केटिंग बोर्ड, बीएंडआर जैसे विभागों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में सूचना बोर्ड लगाए जाते हैं, ताकि विकास कार्य में पारदर्शिता रहे।
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यह होती है जानकारी
- सड़क कितनी लंबी है और कहां तक बनाई जानी है।
- सड़क पर कुल खर्च कितना आया है।
- सड़क का निर्माण कब शुरू हुआ और कब खत्म हुआ।
- कितने समय तक सड़क का वारंटी पीरियड है।
- किस एजेंसी ने काम किया है। ठेकेदार का मोबाइल नंबर।
- सड़क संबंधी शिकायत करने को लेकर नगर परिषद का शिकायत नंबर।
यहां पर बनाई गईं सड़क पर नहीं लगे बोर्ड
शहर के अजय विहार, प्रेम नगर, ऑटो मार्केट, हिसारिया बाजार के साथ, बेगू रोड व अग्रवाल कॉलोनी में करोड़ रुपये खर्च करके गलियां व सड़कें बनाई गई हैं, लेकिन यहां किसी भी विकास कार्य का सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है।
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बोर्ड लगाने से आती है पारदर्शिता
नगर परिषद की ओर से गालियों के बोर्ड लगाने वाले पर विकास कार्यों में पारदर्शिता आती है। अधिकारियों के पास भी सड़क में कमी होने पर शिकायतें कम आएंगी। लोग सीधे ठेकेदार या एजेंसी से ही संपर्क करेंगे। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
निवर्तमान पार्षद बोले- कई बार उठाई मांग, नहीं हुई सुनवाई
निवर्तमान पार्षद विकास जैन व नीतू सोनी ने बताया कि विकास कार्यों के बोर्ड अधिकारियों को लगवाने थे। आज तक किसी भी गली में बोर्ड नहीं लगे हैं। कई बार गलियों में बोर्ड लगाने की मांग उठाई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। किसी भी वार्ड पार्षद के वार्ड में सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
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लोहे के बोर्ड लगाने पर चोरी होने का खतरा रहता है। इस कारण बोर्ड लगाने में परेशानी आती है। इस कारण बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं। - विक्की, एक्सईएन, नगर परिषद
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सिरसा। शहर में करवाए गए विकास कार्यों की जानकारी देने के लिए उसका सूचना बोर्ड लगवाना अनिवार्य है। पिछले एक साल में शहर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं, लेकिन एक भी विकास कार्य का बोर्ड नहीं लगवाया गया है। पूर्व में जिला नगर आयुक्त स्वयं अधिकारियों को विकास कार्यों के पूर्ण होने के बोर्ड लगाने के आदेश दे चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे।
शहर में होने वाले विकास कार्यों में अनियमितताओं के कई मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार शहर में 30 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य एक ही निजी एजेंसी ने किया है। आज तक उस एजेंसी ने एक भी विकास कार्य का सूचना बोर्ड नहीं लगाया है। इसके अलावा अन्य कार्य करने वालीं एजेंसियों ने भी कोई बोर्ड नहीं लगाए हैं। सूत्र बताते हैं कि बोर्ड लगाने की सूरत में एजेंसी के किए गए कार्य में कमी आने पर उसको दुरुस्त करना होगा अन्यथा उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त हो जाएगी। तीन बार सिक्योरिटी राशि जब्त होने पर एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने का प्रावधान है।
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अधिकारियों के तर्क- बोर्ड के चोरी होने का खतरा
सूचना बोर्ड न लगाने पर अधिकारियों के तर्क भी बेहद आश्चर्यजनक हैं। अधिकारियों के अनुसार लोहे का बोर्ड लगाने पर चोरी होने का खतरा रहता है। ऐसे में बोर्ड नहीं लगाए जाते हैं। पंचायती राज, मार्केटिंग बोर्ड, बीएंडआर जैसे विभागों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में सूचना बोर्ड लगाए जाते हैं, ताकि विकास कार्य में पारदर्शिता रहे।
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यह होती है जानकारी
- सड़क कितनी लंबी है और कहां तक बनाई जानी है।
- सड़क पर कुल खर्च कितना आया है।
- सड़क का निर्माण कब शुरू हुआ और कब खत्म हुआ।
- कितने समय तक सड़क का वारंटी पीरियड है।
- किस एजेंसी ने काम किया है। ठेकेदार का मोबाइल नंबर।
- सड़क संबंधी शिकायत करने को लेकर नगर परिषद का शिकायत नंबर।
यहां पर बनाई गईं सड़क पर नहीं लगे बोर्ड
शहर के अजय विहार, प्रेम नगर, ऑटो मार्केट, हिसारिया बाजार के साथ, बेगू रोड व अग्रवाल कॉलोनी में करोड़ रुपये खर्च करके गलियां व सड़कें बनाई गई हैं, लेकिन यहां किसी भी विकास कार्य का सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है।
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बोर्ड लगाने से आती है पारदर्शिता
नगर परिषद की ओर से गालियों के बोर्ड लगाने वाले पर विकास कार्यों में पारदर्शिता आती है। अधिकारियों के पास भी सड़क में कमी होने पर शिकायतें कम आएंगी। लोग सीधे ठेकेदार या एजेंसी से ही संपर्क करेंगे। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
निवर्तमान पार्षद बोले- कई बार उठाई मांग, नहीं हुई सुनवाई
निवर्तमान पार्षद विकास जैन व नीतू सोनी ने बताया कि विकास कार्यों के बोर्ड अधिकारियों को लगवाने थे। आज तक किसी भी गली में बोर्ड नहीं लगे हैं। कई बार गलियों में बोर्ड लगाने की मांग उठाई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। किसी भी वार्ड पार्षद के वार्ड में सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
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लोहे के बोर्ड लगाने पर चोरी होने का खतरा रहता है। इस कारण बोर्ड लगाने में परेशानी आती है। इस कारण बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं। - विक्की, एक्सईएन, नगर परिषद