सिरसा: सविता पूनिया के पिता बोले- टोक्यो ओलंपिक में हार मिली लेकिन देश और दुनिया के लोगों का जीत लिया दिल
सविता को 2015 में हॉकी इंडिया के वार्षिक पुरस्कारों में बलजीत सिंह गोलकीपर ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मनित किया गया था। साथ ही इन्हे 2018 मे अर्जुन अवॉर्ड से भी मिल चुका है।
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भारतीय महिला हॉकी टीम को चाहे सेमीफाइनल में ब्रिटेन से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद भी टीम ने देश और विदेश के लोगों का दिल जीत लिया। टीम का हौसला अब और बुलंद हो चुका है। सेमीफाइनल में खेल प्रदर्शन को देख लोगों ने महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों को खूब सराहना की और भविष्य में मेडल लाने की उम्मीदें भी जगाई।
सिरसा के गांव जोधकां की सविता पूनिया ने महिला हॉकी टीम में गोलकीपर की भूमिका भी बखूबी निभाई है। टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में सविता पूनिया का विशेष योगदान रहा। जिसके चलते देशवासियों के साथ साथ दूसरे देशों के लोगों ने भी सविता के खेल को काफी सराहा है।
वहीं उनके पिता महेंद्र ने कहा कि टीम के खिलाड़ी अभी तो मायूसी के साथ वापस लौट रहे हैं। लेकिन टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल मुकाबला किसी जीत से कम नहीं है। जिस तरह टीम ने खेल दिखाया है उससे सिद्ध होता है की खिलाड़ियों का अभी भी हौसला बुलंद है। जिससे वह भविष्य में मेडल के साथ ही वापस लौटेंगी।
टोक्यो ओलंपिक ने सविता को दे दिया नया नाम
टोक्यो ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने पर सविता पूनिया को ग्रेट वाल ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाने लगा है। सविता पूनिया का मैच के दौरान खेल पर जो फोकस रहा वह देखने लायक था। भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची है। खेल में अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम ने क्वार्टर फाइनल मैच में आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया था। लेकिन ब्रिटेन के साथ हुए सेमीफाइनल मैच में अपने अच्छे प्रदर्शन के बाद भी एक गोल से हार का सामना करना पड़ा।
2016 में खेला था पहला ओलंपिक
सविता पूनिया ने 2016 में पहला ओलंपिक खेला था। उस समय टीम ने कोई स्थान नहीं प्राप्त किया। कठिन अभ्यास से महिला हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची। मैच से पहले सविता ने अपने पिता महेंद्र से बात की तो उन्होंने कहा था कि इस बार मेडल लेकर लौटेंगे। मैच शुरू होने से पहले टीम आत्मविश्वास भरी हुई थी। ब्रिटेन के साथ शुरू हुए मैच में पहले गोल कर बढ़त बनाई लेकिन उसके बाद विपक्षी टीम जीत दर्ज करने में कामयाब हो गई।