फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Dera politics: Silent support to its supporters, the decision will not come out in the open

डेरे की राजनीति : अपने हिमायतियों को मौन समर्थन, खुलकर सामने नहीं आएगा फैसला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 11:14 PM IST
विज्ञापन
Dera politics: Silent support to its supporters, the decision will not come out in the open
सिरसा। पंजाब में रविवार को होने वाले मतदान से एक दिन पहले डेरा ने अपने पत्ते खोल दिए। पिछली बार के फैसले से सबक लेते हुए इस बार किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का खुलकर समर्थन करने की बजाय गुपचुप संदेश जारी किया है। खास ध्यान इस बात का रखा है कि पार्टी को तवज्जो देने की बजाय प्रत्याशी का व्यक्तिगत व्यवहार और डेरे के प्रति लगाव देखते हुए फैसला लिया गया है। डेरे की राजनीतिक विंग ने डेरामुखी से चर्चा और मंथन के बाद बेहद ही गुप्त रूप से संदेश सबसे नीचे के स्तर के अपने अनुयायी मतदाता तक भेज दिया गया है।
विज्ञापन

डेरे की राजनीतिक विंग ने पंजाब चुनाव के दौरान न केवल जिला स्तर पर बल्कि ब्लॉक और विधानसभा सीट स्तर पर जाकर सभी प्रत्याशियों पर मंथन किया। प्रत्याशी की पार्टी, व्यक्तिगत व्यवहार, डेरे के प्रति लगाव और व्यवहार देखा गया है। फीडबैक के दौरान अनुयायियों से पूछा गया कि ऐसा प्रत्याशी बताएं जिसने कभी डेरे के प्रति गलत बयानबाजी न की हो, डेरे में लगातार हाजिरी लगाता रहता हो और अनुयायी उसके बारे में क्या सोचते हैं। इसके बाद फैसला लिया गया है। इस बार डेरे ने खुलकर ये भी जाहिर नहीं होने दिया है कि हमने समर्थन देने में क्या रणनीति बनाई और किस फार्मूले पर काम किया है।
विज्ञापन

ये है फैसला
- ऐसे प्रत्याशी को वोट दें जो डेरा के प्रति नरम व्यवहार रखता हो। बेशक पार्टी कोई भी हो, लेकिन डेरा के खिलाफ कभी गलत बयानबाजी ना की हो।
- प्रत्याशी ऐसा हो जिसका अनुयायी दिल से समर्थन करते हों।
- हालांकि पार्टी का भी ध्यान रखा गया और ऐसी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करने से बचने का प्रयास किया, जिसने डेरामुखी और अनुयायियों को परेशान करने का काम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डेरामुखी के समधी के पक्ष में अनुयायी, पहले ही मिल चुका समर्थन
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के समधी हरमिंदर जस्सी की टिकट कांग्रेस ने काट दी थी। ऐसे में जस्सी अब तलवंडी साबो से आजाद उम्मीदवार के रूप में मैदान में है। डेरे की राजनीतिक विंग जस्सी को पहले ही समर्थन दे चुकी है।

पहले किया खुलकर समर्थन लेकिन इस बार बदला तरीका
पंजाब में वर्ष 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में डेरे की सीधी भागीदारी रही है। इसके अलावा वर्ष 2014 के लोकसभा और अक्तूबर 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में भी डेरे की राजनीतिक विंग ने खुलकर काम किया था। डेरे ने उस समय भाजपा का समर्थन किया था। लेकिन इस बार डेरे ने काम करने का तरीका बदल दिया है। गुपचुप संदेश दिया जा रहा है, खुलकर समर्थन देने की बात कहने से राजनीतिक विंग के पदाधिकारी बचते नजर आ रहे हैं। डेरे के अनुयायी पंजाब के फिरोजपुर, मोगा, फाजिल्का, अबोहर, फरीदकोट, मुक्तसर साहिब, बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, मानसा, संगरूर, मलेर कोटला, फतेहगढ़ साहिब में हैं। इसलिए इन सीटों पर डेरे का सीधा प्रभाव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed