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डेरा जगमालवाली : संत वकील साहिब की डायरी लेकर सामने आईं पंचायतें, बोली- वसीयत में विरेंद्र का नाम

Thu, 22 Aug 2024 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 22 Aug 2024 01:41 AM IST
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Dera Jagmalwali: Panchayats came forward with the diary of Sant Vakil Sahib, said - Virendra's name in the will
प्रेसवार्ता करते गांवों के सरपंच व संत वकील साहिब के भतीजे विष्णु।  संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा/कालांवाली। शाह मस्ताना बलोचिस्तानी आश्रम डेरा जगमालवाली में बुधवार को 10 गांवों के सरपंचों, संत वकील साहिब के भतीजे विष्णु व भांजे संजय ने वर्ष 2021 की डायरी मीडिया के समक्ष पेश की। सभी ने डायरी के माध्यम से महात्मा विरेंद्र के नाम वसीयत होने की बात कही। दूसरे पक्ष के अमर सिंह ने भी संगत की ओर से छह सवाल पूछे हैं। उन्होंने साफ किया कि वह अब संगत के साथ ही डेरे में आएंगे। उस दिन संगत अपना निर्णय लेगी।
उन्होंने 2021 की डायरी को लेकर कहा कि डायरी में संत वकील साहिब ने वारिस का नाम लिखा है, यह सच्ची बात है। उन्हें स्वयं संत वकील साहिब ने डायरी दिखाई थी। बस नाम अंगूठे से छुपा लिया था। ऐसे में अब जल्द ही दोनों पक्ष एक निर्धारित तिथि को आमने-सामने हो सकते हैं।
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गांव खोखर के सरपंच गुरप्रीत सिंह ने कहा कि संत वकील साहिब की वर्ष 2021 की डायरी में भी वसीयत महात्मा विरेंद्र के नाम है। यह डायरी महाराज ने अपने हाथ से लिखी है। किसी को किसी प्रकार की शंकाएं नहीं रहनी चाहिए। डेरा मैनेजमेंट की ओर से वसीयत, इलाज और संस्कार को लेकर एक-एक बिंदु पर जानकारी दी गई है और सभी लोग संतुष्ट हैं।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 की डायरी से यह भी खुलासा हुआ है कि संत वकील साहिब को इस बात का अहसास था कि विरेंद्र के साथ झगड़ा किया जा सकता है। इसलिए उन्होंने डायरी में ही लिखा हुआ है कि अगर कोई झगड़ा करेगा तो जीत विरेंद्र की होगी। यह भी लिखा है कि इसकी पुरानी भक्ति है और यह डेरे को ठीक तरीके से चला सकता है जो अधिकार मैनेजर साहब ने मुझे दिए, मेरा चोला छोड़ने के बाद वे सब अधिकार विरेंद्र के हैं। डेरे ने संगत से आग्रह किया है कि झूठे लोगों की बातों में न आए और सिमरन करते रहें, सतगुरु अपने आप अंदर से तसल्ली देगा।

भतीजे विष्णु ने अंतिम संस्कार पर दी सफाई
संत वकील साहिब के भतीजे विष्णु ने कहा कि संगत को लोगों ने गुमराह किया है। संगत में कहा गया है कि आनन-फानन में दाह संस्कार की तैयारी की गई थी। लकड़ियां व पेट्रोल लाया गया था। संत वकील साहिब ने वर्ष 2021 में डायरी में लिखा था कि उनके चोला छोड़ने के बाद उनका संस्कार न किया जाए बल्कि सुपुर्द-ए-खाक करना है। महात्मा विरेंद्र को भी यह बात संत ने एक साल पहले बता दी थी।


अमर सिंह को भी किया गया था आमंत्रित
विष्णु ने कहा कि अमर सिंह को भी 2021 की डायरी देखने के लिए कहा गया था, लेकिन किसी कारण से वो आए नहीं। उन्होंने कहा कि संत वकील साहिब के चोला छोड़ने की तारीख कभी 21 तो कभी 24 बताई जा रही है। 22 जुलाई को संत वकील साहिब की बात करते हुए का वीडियो डेरा में दिखाई जा रहा है। कोई भी सत्संगी इलाज को लेकर वीडियो व वसीयत को भी देख सकता है। यह वीडियो संत वकील साहिब की प्राइवेसी को लेकर सार्वजनिक नहीं की गई।

अमर सिंह ने संगत की ओर से पूछे सवाल

1- संत वकील साहिब के अंतिम संस्कार की जल्दबाजी दूसरे पक्ष को क्यों थी। जब संत को अंतिम संस्कार के लिए पालकी में लाया जाता है।
2- संगत को पूर्व सूचना देकर अंतिम दर्शन के लिए क्यों बुलाना नहीं चाहते थे।
3 - डेरे में हथियार लेकर कोई नहीं आता था। आखिरकार हथियार लेकर लोग अंदर क्यों आये।
4- अभी तक डेरे में गोलियां चलाने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया।
5- 21 जुलाई के बाद के संत वकील साहब के स्वास्थ्य संबंधी वीडियो आज तक सामने क्यों नहीं लाए गए।
6- बार बार अलग-अलग लोगों को सामने लाकर संगत को मनाने के लिए प्रयास क्यों हो रहे हैं। जब दूसरे पक्ष ने कुछ गलत किया ही नहीं है।


वजर्न
मैंने बुधवार को डेरे में जाना था। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट के बाद मेरे पास संगत के 100 के करीब फोन आ गए कि आप अकेले डेरे में न जाइये। आप समय निर्धारित कीजिए, आपके साथ संगत भी डेरे में आएगी। अब संगत के कहे अनुसार ही तारीख निर्धारित कर जल्द ही डेरे जाउंगा। मैं डेरे की संगत के साथ आउंगा, अकेले आने पर डरने से लेकर बिकने जैसे आरोप लगाए जाते। फिर सभी को समझाते रहो। संगत के साथ जाएंगे, तो संगत भी अपने सवाल करेगी और सच्चाई सामने आ जाएगी। प्रशासन को भी आसानी हो जाएगी, जो सही होगा, उसका संगत निर्णय करेगी। जो डरता या गलत होता है वहीं, सफाई देता है।

-अमर सिंह, भतीजा, पूर्व संत वकील साहब


यह रहे मौजूद

डेरा जगमालवाली के साधु गुरमेल सिंह, जगमालवाली से कुलदीप, गुरजंट नंबरदार, गुरदास सिंह, ओढ़ा ब्लॉक समिति के चेयरमैन मंजीत सिंह चठा, ग्राम पंचायत फूलों के सरपंच कुलदीप सिंह, ग्राम पंचायत जलालआना से सरपंच अंग्रेज सिंह, ग्राम पंचायत तिगड़ी के सरपंच पुष्पेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत चोरमार से सरपंच जितेंद्र सिंह, पिपली से प्रवीण शर्मा, ग्राम पंचायत खोखर से सरपंच गुरप्रीत सिंह, ग्राम पंचायत नारंग से सरपंच सुखदीप सिंह, ग्राम पंचायत माखा से सरपंच लवप्रीत सिंह, ग्राम पंचायत असीर से सरपंच मलकित सिंह, ग्राम पंचायत टपी से सरपंच मनप्रीत सिंह, ग्राम पंचायत देसुमलकाना से सरपंच कुलवंत सिंह, कालांवाली से रंटी सिंगला मौजूद रहे।
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