फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Demand for water for 15 days instead of seven in canals

नहरों में सात की बजाय 15 दिन पानी देने की मांग

Thu, 04 Feb 2021 11:23 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 11:23 PM IST
विज्ञापन
Demand for water for 15 days instead of seven in canals
सिंचाई विभाग के एसई से बातचीत करते किसान। - फोटो : Sirsa
नहरों में 15 दिन पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने भाखड़ा अधीक्षण अभियंता आत्मा राम भांभू के साथ एक घंटे तक बैठक की। बैठक में किसानों ने नहरों में पानी छोड़ने का समय बढ़ाने की मांग उठाई। जिसके पश्चात एसई ने किसानों को भाखड़ा डैम में कम पानी होने की बात कहीं। वहीं उन्होंने कहा कि भविष्य में नहर बंदी का समय अधिक बढ़ सकता है।
विज्ञापन

किसानों ने कहा कि जिले के अधिक गांवों में जमीनी पानी दूषित है। जिससे फसलों की सिंचाई तक नहीं कर सकते। ऐसे में अब इस नहर का पानी भी कम दिन आने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबकि कई गांवों के जलघर तो 15 दिनों के अंदर भी नहीं भरे जा सके और उन गांवों का जमीनी पानी बेहद ही खराब है। ऐसे में अब गर्मी का समय शुरू होने के कारण किसानों और ग्रामीणों को पानी की परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

इस मौके पर बाबा गुरदीप सिंह, लखा सिंह अलीकां, दर्शनमान थराज, जगसीर कुरंगावाली, सुखदेव सिंह, तारा सिंह , प्रगट सिंह, जोगेंद्र सिंह, लाल सिंह मलड़ी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

50 से अधिक गांवों का जमीनी पानी है दूषित
किसानों ने बताया कि जिले के गांव झिड़ी, झोरड़रोही, भादड़ा, कुरंगावाली, सुखचैन, फग्गू, तारूआना, रोहण, देसू, थराज, अलीका, पंजूवाला, बड़ागुढ़ा, बुर्ज भंगू, छतरिंया, साहुवाला, रानियां, कर्मगढ़, खुईयांमलकाना, भागसरा, दड़बी, मतड़ व कालांवाली के 50 से अधिक गांवों का पानी का खराब है, जिससे सिंचाई तक नहीं की जा सकती।
रानियां और ऐलनाबाद खंड पहले ही डार्क जोन में
जिले का रानियां और ऐलनाबाद खंड सात वर्ष पहले ही डार्क जोन में आ चुका है। जबकि बडागुढ़ा क्षेत्र भी क्रिटीकल जोन में शामिल किया गया है। ऐसे में नहरों में पानी छोड़ने का समय कम करने पर किसानों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में खेतों में जमीनी पानी से सिंचाई तक नहीं कर सकते। जिसके कारण फसल खराब होने का डर लगा हुआ है।
जलघर के लिए डलवाएं बड़ी पाइप लाइन
जलघर न भरने की बात पर एसई ने कहा कि वह संबंधित विभाग से बातचीत कर नहरों से जलघर में जाने वाली पाइप लाइन का साइज बड़ा करवा ले ताकि जो जलघर पहले 15 दिनों में भरा करते थे, उन्हें आठ दिन में भरा जा सके और आने वाले समय में ग्रामीणों को पेयजल की परेशानी का सामना न करना पड़े।
15 मार्च से 15 अप्रैल तक एक माह के लिए हो सकती है नहर बंदी
अधीक्षण अभियंता ने किसानों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि भाखड़ा डैम में पानी की कमी के चलते 15 मार्च से 15 अप्रैल तक एक माह के लिए नहर बंदी करने की प्लानिंग चल रही है ताकि पानी की कमी को पूरा किया जा सके। इस वजह से भी पहले से ही कम समय पानी छोड़ कमी को पूरा किया जा रहा है।

कोट
भाखड़ा डैम में पानी कम होने के कारण नहर बंदी का समय बढ़ाया गया है। भाखड़ा डैम से निकलने वाली अन्य नहरों के समय में भी बदलाव किया गया है। भविष्य में नहर बंदी का समय भी बढ़ाया जा सकता है।
-आत्माराम भांभू, अधीक्षण अभियंता, नहरी विभाग, सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed