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Sirsa News: दिल्ली पुलिस ने किसानों को भेजा नोटिस, कोई नहीं पहुंचा हाजिरी लगाने , 26 फरवरी को करेंगे दिल्ली कूच
Fri, 24 Nov 2023 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 24 Nov 2023 11:13 PM IST
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सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते किसान
सिरसा। किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किसानों के खिलाफ दर्ज किये गए एक मामले में किसान नेताओं को बीते दिनों नोटिस जारी किए गए थे। जिले में भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख सहित कई किसान नेताओं को 24 नवंबर को दिल्ली के सिविल लाइन पुलिस स्टेशन में तलब किया गया। लेकिन सभी नेताओं ने इन आदेशों का बहिष्कार कर दिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। किसान संगठन ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। किसान संगठन 26 फरवरी 2024 को दिल्ली कूच करेंगे।
औलख ने कहा कि कुछ और किसान नेताओं को भी इस संबंध में पूछताछ के लिए जल्द ही दिल्ली पुलिस बुला सकती है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 26 नवंबर 2020 को किसान आंदोलन के तहत गुरुद्वारा मजनू का टिल्ला रिंग रोड दिल्ली पर प्रदर्शन करने वाले कई किसान नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन नेताओं में लखविंद्र सिंह औलख के अलावा अभिमन्यु कोहाड़, शिव कुमार कका, बलदेव सिंह सिरसा, बीजू जी केरला, गुरलाल सिंह भंगू, जसबीर सिंह भाटी, सरदार सुखदेव सिंह विर्क, सरदार गुरनाम सिंह झब्बर, डाॅ. के पी सिंह पलवल, डाॅ. सुखदेव सिंह जम्मू, अक्षय नरवाल और रणजीत रैना शामिल थे।
औलख ने कहा कि केंद्र सरकार इस कागजी खेल से न डराए क्योंकि किसान खुद ही 26 फरवरी को दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को स्थगित करने के लिए केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को 9 दिसंबर को पत्र जारी करते हुए कहा था कि आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए केस (सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश) पूरे भारत में रद्द किए जाएंगे। अब यह सरकार अपने वादे से पीछे हटते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से नोटिस जारी करवा रही है।
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यह था मामला
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि 26 नवंबर 2020 को कई राज्यों के किसानों ने दिल्ली रिंग रोड जाम किया था, जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें तीन दिन के लिए गिरफ्तार किया था। जिसके तहत 26 नवंबर 2020 को सिविल लाइन दिल्ली थाना में एफआईआर नंबर 522 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जो कि अभी तक रद्द नहीं किया गया है।
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औलख ने कहा कि कुछ और किसान नेताओं को भी इस संबंध में पूछताछ के लिए जल्द ही दिल्ली पुलिस बुला सकती है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 26 नवंबर 2020 को किसान आंदोलन के तहत गुरुद्वारा मजनू का टिल्ला रिंग रोड दिल्ली पर प्रदर्शन करने वाले कई किसान नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इन नेताओं में लखविंद्र सिंह औलख के अलावा अभिमन्यु कोहाड़, शिव कुमार कका, बलदेव सिंह सिरसा, बीजू जी केरला, गुरलाल सिंह भंगू, जसबीर सिंह भाटी, सरदार सुखदेव सिंह विर्क, सरदार गुरनाम सिंह झब्बर, डाॅ. के पी सिंह पलवल, डाॅ. सुखदेव सिंह जम्मू, अक्षय नरवाल और रणजीत रैना शामिल थे।
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औलख ने कहा कि केंद्र सरकार इस कागजी खेल से न डराए क्योंकि किसान खुद ही 26 फरवरी को दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को स्थगित करने के लिए केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को 9 दिसंबर को पत्र जारी करते हुए कहा था कि आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए केस (सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश) पूरे भारत में रद्द किए जाएंगे। अब यह सरकार अपने वादे से पीछे हटते हुए दिल्ली पुलिस की ओर से नोटिस जारी करवा रही है।
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यह था मामला
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि 26 नवंबर 2020 को कई राज्यों के किसानों ने दिल्ली रिंग रोड जाम किया था, जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें तीन दिन के लिए गिरफ्तार किया था। जिसके तहत 26 नवंबर 2020 को सिविल लाइन दिल्ली थाना में एफआईआर नंबर 522 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जो कि अभी तक रद्द नहीं किया गया है।