{"_id":"6807d931704b510bc50e74bf","slug":"decision-on-canal-closure-today-meeting-to-be-held-with-punjab-demand-for-2700-cusecs-of-water-sirsa-news-c-128-1-svns1027-136718-2025-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: नहरबंदी पर फैसला आज, पंजाब के साथ होगी बैठक, 2700 क्यूसेक पानी की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: नहरबंदी पर फैसला आज, पंजाब के साथ होगी बैठक, 2700 क्यूसेक पानी की मांग
Tue, 22 Apr 2025 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 22 Apr 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। मिनी बाइपास पर मुख्य जलघर में दो फीट बचा पानी। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में नहरबंदी के चलते शहर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। जलघरों के टैंक खाली हो चुके हैं और लोगों को पानी के लिए वाटर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। गर्मी के मौसम में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं।
चतरगढ़पट्टी जलघर के पांचों टैंक पूरी तरह से खाली हैं। पंजुआना से आने वाला पानी भी आवश्यकता से बहुत कम है। मुख्य जलघर (मिनी बाइपास) के टैंक में भी मात्र दो फीट पानी शेष है। जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए जनरेटर तक पंजुआना भेजा गया है।
नहरबंदी कब तक जारी रहेगी, इस पर अंतिम फैसला बुधवार को पंजाब सरकार के साथ अधिकारियों की होने वाली बैठक के बाद ही लिया जाएगा। यदि स्थिति अनुकूल रही तो वीरवार से नहरों में फिर से पानी छोड़ा जा सकता है। इस बैठक में राजस्थान के अधिकारी भी शामिल होंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब से 2700 क्यूसेक नहरी पानी की मांग की गई है। यदि यह मात्रा उपलब्ध होती है, तो किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल पाएगा। यदि पानी की आपूर्ति 2000 से 2500 क्यूसेक के बीच रहती है, तो सिंचाई के लिए दी जाने वाली मात्रा में कटौती संभव है। गर्मी को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और पशुओं के लिए जोहड़ों में पानी पहुंचाना है।
शहरवासियों की परेशानी, पार्षद ने जताई नाराजगी
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जहां नहरी पानी की आपूर्ति का दावा कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेता ट्यूबवेल लगवाकर लोगों की पेयजल समस्या का समाधान करने में लगे हैं। इसी संदर्भ में वार्ड नं. 2 की पार्षद चंचल रानी ने क्षेत्र में गंभीर जल संकट की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि जहां पाइप लाइनें बिछी हुई हैं, वहां भी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, अधिकारियों द्वारा बिना पेयजल और सीवरेज लाइन डाले सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
-- -- -
जल आपूर्ति की मौजूदा स्थिति
चतरगढ़पट्टी के पांचों टैंक खाली पड़े हैं।
पंजुआना से चतरगढ़पट्टी, जैन पार्क और हाथी पार्क के पास बने बूस्टरों तक पानी पहुंचाया जाता है, जिसके बाद नहरी पानी की आपूर्ति होती है।
नहरी पानी की कमी को देखते हुए ट्यूबवेल का पानी भी सप्लाई में जोड़ा गया है।
देवीलाल पार्क के पास बने मुख्य जलघर के दोनों टैंकों में मात्र दो फीट पानी शेष है।
नहर आने के बाद सुधरेंगे हालात
एसडीओ दीपक कुमार के अनुसार, नहरबंदी के चलते पंजुआना नहर से चतरगढ़पट्टी जलघरों को नहीं भरा जा सका है। इनमें पुराना पानी पड़ा हुआ है और इन टैंकों को नहर आने के बाद ही भरने का कार्य किया जाएगा। उनका दावा है कि एक बार टैंक भर जाने के बाद पेयजल आपूर्ति की समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
उच्च अधिकारियों की पंजाब सरकार के साथ बुधवार को बैठक होगी। बैठक के बाद नहरबंदी का सही मायने में स्टेटस पता चलेगा। प्रदेश को कितना पानी मिलता है, इसके आधार पर ही पेयजल सप्लाई और सिंचाई के लिए कितने-कितने पानी का आवंटन होगा। इसमें राजस्थान के अधिकारी भी साथ रहेंगे। - पवन भारद्वाज, एसई, सिंचाई विभाग, सिरसा।
विज्ञापन
सिरसा। जिले में नहरबंदी के चलते शहर और ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। जलघरों के टैंक खाली हो चुके हैं और लोगों को पानी के लिए वाटर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। गर्मी के मौसम में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं।
चतरगढ़पट्टी जलघर के पांचों टैंक पूरी तरह से खाली हैं। पंजुआना से आने वाला पानी भी आवश्यकता से बहुत कम है। मुख्य जलघर (मिनी बाइपास) के टैंक में भी मात्र दो फीट पानी शेष है। जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए जनरेटर तक पंजुआना भेजा गया है।
विज्ञापन
नहरबंदी कब तक जारी रहेगी, इस पर अंतिम फैसला बुधवार को पंजाब सरकार के साथ अधिकारियों की होने वाली बैठक के बाद ही लिया जाएगा। यदि स्थिति अनुकूल रही तो वीरवार से नहरों में फिर से पानी छोड़ा जा सकता है। इस बैठक में राजस्थान के अधिकारी भी शामिल होंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब से 2700 क्यूसेक नहरी पानी की मांग की गई है। यदि यह मात्रा उपलब्ध होती है, तो किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल पाएगा। यदि पानी की आपूर्ति 2000 से 2500 क्यूसेक के बीच रहती है, तो सिंचाई के लिए दी जाने वाली मात्रा में कटौती संभव है। गर्मी को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और पशुओं के लिए जोहड़ों में पानी पहुंचाना है।
शहरवासियों की परेशानी, पार्षद ने जताई नाराजगी
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जहां नहरी पानी की आपूर्ति का दावा कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेता ट्यूबवेल लगवाकर लोगों की पेयजल समस्या का समाधान करने में लगे हैं। इसी संदर्भ में वार्ड नं. 2 की पार्षद चंचल रानी ने क्षेत्र में गंभीर जल संकट की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि जहां पाइप लाइनें बिछी हुई हैं, वहां भी लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, अधिकारियों द्वारा बिना पेयजल और सीवरेज लाइन डाले सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
जल आपूर्ति की मौजूदा स्थिति
चतरगढ़पट्टी के पांचों टैंक खाली पड़े हैं।
पंजुआना से चतरगढ़पट्टी, जैन पार्क और हाथी पार्क के पास बने बूस्टरों तक पानी पहुंचाया जाता है, जिसके बाद नहरी पानी की आपूर्ति होती है।
नहरी पानी की कमी को देखते हुए ट्यूबवेल का पानी भी सप्लाई में जोड़ा गया है।
देवीलाल पार्क के पास बने मुख्य जलघर के दोनों टैंकों में मात्र दो फीट पानी शेष है।
नहर आने के बाद सुधरेंगे हालात
एसडीओ दीपक कुमार के अनुसार, नहरबंदी के चलते पंजुआना नहर से चतरगढ़पट्टी जलघरों को नहीं भरा जा सका है। इनमें पुराना पानी पड़ा हुआ है और इन टैंकों को नहर आने के बाद ही भरने का कार्य किया जाएगा। उनका दावा है कि एक बार टैंक भर जाने के बाद पेयजल आपूर्ति की समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी।
उच्च अधिकारियों की पंजाब सरकार के साथ बुधवार को बैठक होगी। बैठक के बाद नहरबंदी का सही मायने में स्टेटस पता चलेगा। प्रदेश को कितना पानी मिलता है, इसके आधार पर ही पेयजल सप्लाई और सिंचाई के लिए कितने-कितने पानी का आवंटन होगा। इसमें राजस्थान के अधिकारी भी साथ रहेंगे। - पवन भारद्वाज, एसई, सिंचाई विभाग, सिरसा।