{"_id":"585d80dd4f1c1b2e4ee3b31f","slug":"danwali-agnikand-politician-in-programme","type":"story","status":"publish","title_hn":"डबवाली अग्निकांड: श्रद्धांजलि सभा बनी राजनीति का अखाड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डबवाली अग्निकांड: श्रद्धांजलि सभा बनी राजनीति का अखाड़ा
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
श्रद्धांजलि देते जगदीश चौपड़ा
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इक्कीस वर्ष पूर्व 23 दिसंबर 1995 को डबवाली में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले 442 मृतकों को अग्निकांड स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़े लोगों की आंखों में आंसू थे तो दूसरी ओर श्रद्धांजलि सभा राजनीतिक अखाड़ा बनी हुई थी। लोगों ने मृतकों के चित्रों पर पुष्प अर्पित के साथ ही सर्व धर्म प्रार्थना सभा में उनकी आत्मिक शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। लोगों ने पीड़ितों की मांगें पूरी नहीं करने पर सरकारों को कोसा।
अग्निकांड मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्य रूप से जो लोग पहुंचे उनमें हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह, भाजपा नेता देव कुमार शर्मा व पूर्व विधायक डॉ. सीता राम प्रमुख हैं। एसडीएम डॉ. संगीता तेतरवाल ने भी अग्निकांड स्मारक पर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अपना दर्द बयां करते हुए अग्निकांड पीड़ित सुमन कौशल ने कहा कि अग्निकांड में बुरी तरह से झुलसने के बाद भी उसने खुद को संभाला। मेहनत से उच्च शिक्षा पाई लेकिन सरकार के पास उसे देने के लिए नौकरी तक नहीं है। सुमन ने कहा कि अपने पैरों पर खड़े होने के लिए उसे नौकरी चाहिए और साथ ही लंबे इलाज की भी जरूरत है। उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी उपेक्षा करने के आरोप लगाए। मंच संचालन करते हुए अग्निकांड पीड़ित रमेश ने कहा कि 21 वर्ष का लंबा अरसा गुजर गया लेकिन पीड़ितों की मांगें सरकारों ने आज तक पूरी नहीं की। सरकार कोई भी आई लेकिन अग्निकांड पीड़ित आज भी वहीं खड़े हैं।
उन्होंने राजनीतिक लोगों पर तीखे आरोप लगाए। इसके बाद सभा में मौजूद राजनेताओं ने भी संबोधन करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि देने के साथ आरोपों पर जवाब देना शुरू कर दिया। सभी ने कहा कि इतने वर्षों में पीड़ितों की मांगें पूरी नहीं होना दुर्भायपूर्ण है लेकिन इसके लिए भविष्य में एकजुटता से प्रयास किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
अग्निकांड पीड़ितों के सवालों के जवाब में सभी ने अपने-अपने सुझाव देने शुरू कर दिए। इससे श्रद्धांजलि सभा लंबी खिंचने के साथ-साथ राजनीतिक सभा में बदलती नजर आई। फिर से आश्वासनों व सुझावों के साथ सभा का समापन हो गया जिससे कोई भी संतुष्ट नहीं था। एसडीएम डॉ. संगीता तेतरवाल ने अग्निकांड पीड़ितों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों से संबंधित प्रस्ताव को प्रशासन की ओर से सरकार को भेजेंगी। इससे पूर्व सुबह सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी भी अग्निकांड स्मारक पर आए व मृतकों को श्रद्धांजलि देकर वहां से चले गए।
700 से अधिक रक्तदानियों ने दी सच्ची श्रद्धांजलि
दूसरी ओर शुक्रवार को इलाके के रक्तदानियों ने रक्तदान कर अग्निकांड मृतकों को श्रद्धांजलि दी। युवा रक्तदान सोसायटी द्वारा आयोजित 101वें विशाल रक्तदान शिविर में 259 लोगों ने रक्तदान किया। संदीप चौधरी ने सर्वप्रथम रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया। शालीमार बाग दिल्ली से लायंस ब्लड बैंक के डॉ. ऋषि प्रकाश व डॉ. अनुराग आनंद के सान्निध्य में पहुंची 16 सदस्यीय टीम ने रक्त प्राप्त किया। अग्निकांड स्थल पर ‘अपने’ एनजीओ द्वारा आयोजित शिविर में 300 लोगों ने रक्तदान कर अग्निकांड शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं कालूआना गांव में 74, चौटाला में 115 व गोरीवाला में 69 लोगों ने रक्तदान किया।
ये हैं अग्निकांड पीड़ितों की मांगेें
23 दिसंबर को अग्नि सुरक्षा दिवस घोषित करें
डबवाली में अग्नि पीड़ितों की याद में बने स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें
इलाजरत मरीजों के लिए डबवाली के अस्पताल में अल्ट्रा माडर्न बर्न यूनिट बने
प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप डबवाली में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो
जरूरतानुसार पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरी व यथोचित सहयोग देकर सरकार अपना दायित्व पूरा करें।
विज्ञापन
अग्निकांड मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्य रूप से जो लोग पहुंचे उनमें हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह, भाजपा नेता देव कुमार शर्मा व पूर्व विधायक डॉ. सीता राम प्रमुख हैं। एसडीएम डॉ. संगीता तेतरवाल ने भी अग्निकांड स्मारक पर पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अपना दर्द बयां करते हुए अग्निकांड पीड़ित सुमन कौशल ने कहा कि अग्निकांड में बुरी तरह से झुलसने के बाद भी उसने खुद को संभाला। मेहनत से उच्च शिक्षा पाई लेकिन सरकार के पास उसे देने के लिए नौकरी तक नहीं है। सुमन ने कहा कि अपने पैरों पर खड़े होने के लिए उसे नौकरी चाहिए और साथ ही लंबे इलाज की भी जरूरत है। उसने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी उपेक्षा करने के आरोप लगाए। मंच संचालन करते हुए अग्निकांड पीड़ित रमेश ने कहा कि 21 वर्ष का लंबा अरसा गुजर गया लेकिन पीड़ितों की मांगें सरकारों ने आज तक पूरी नहीं की। सरकार कोई भी आई लेकिन अग्निकांड पीड़ित आज भी वहीं खड़े हैं।
विज्ञापन
उन्होंने राजनीतिक लोगों पर तीखे आरोप लगाए। इसके बाद सभा में मौजूद राजनेताओं ने भी संबोधन करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि देने के साथ आरोपों पर जवाब देना शुरू कर दिया। सभी ने कहा कि इतने वर्षों में पीड़ितों की मांगें पूरी नहीं होना दुर्भायपूर्ण है लेकिन इसके लिए भविष्य में एकजुटता से प्रयास किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
अग्निकांड पीड़ितों के सवालों के जवाब में सभी ने अपने-अपने सुझाव देने शुरू कर दिए। इससे श्रद्धांजलि सभा लंबी खिंचने के साथ-साथ राजनीतिक सभा में बदलती नजर आई। फिर से आश्वासनों व सुझावों के साथ सभा का समापन हो गया जिससे कोई भी संतुष्ट नहीं था। एसडीएम डॉ. संगीता तेतरवाल ने अग्निकांड पीड़ितों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों से संबंधित प्रस्ताव को प्रशासन की ओर से सरकार को भेजेंगी। इससे पूर्व सुबह सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी भी अग्निकांड स्मारक पर आए व मृतकों को श्रद्धांजलि देकर वहां से चले गए।
700 से अधिक रक्तदानियों ने दी सच्ची श्रद्धांजलि
दूसरी ओर शुक्रवार को इलाके के रक्तदानियों ने रक्तदान कर अग्निकांड मृतकों को श्रद्धांजलि दी। युवा रक्तदान सोसायटी द्वारा आयोजित 101वें विशाल रक्तदान शिविर में 259 लोगों ने रक्तदान किया। संदीप चौधरी ने सर्वप्रथम रक्तदान कर शिविर का शुभारंभ किया। शालीमार बाग दिल्ली से लायंस ब्लड बैंक के डॉ. ऋषि प्रकाश व डॉ. अनुराग आनंद के सान्निध्य में पहुंची 16 सदस्यीय टीम ने रक्त प्राप्त किया। अग्निकांड स्थल पर ‘अपने’ एनजीओ द्वारा आयोजित शिविर में 300 लोगों ने रक्तदान कर अग्निकांड शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं कालूआना गांव में 74, चौटाला में 115 व गोरीवाला में 69 लोगों ने रक्तदान किया।
ये हैं अग्निकांड पीड़ितों की मांगेें
23 दिसंबर को अग्नि सुरक्षा दिवस घोषित करें
डबवाली में अग्नि पीड़ितों की याद में बने स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें
इलाजरत मरीजों के लिए डबवाली के अस्पताल में अल्ट्रा माडर्न बर्न यूनिट बने
प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप डबवाली में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो
जरूरतानुसार पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरी व यथोचित सहयोग देकर सरकार अपना दायित्व पूरा करें।