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Sirsa News: संविधान व बाबा साहेब पर की गई अभद्र टिप्पणी के खिलाफ दलित समाज ने किया विरोध-प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:28 PM IST
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Dalit community protests against derogatory remarks on Constitution and Baba Saheb
डबवाली। वा​ल्मिक चौक पर सरकार के ​खिलाफ पर्दशन करते हुए लोग। संवाद
डबवाली। शहर में रविवार को समस्त दलित समाज की ओर से वाल्मीकि धर्मशाला में सभा का आयोजन किया गया। इसमें देश भर में बढ़ रहे दलित उत्पीड़न, संविधान विरोधी मानसिकता और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति की जा रही अभद्र टिप्पणियों के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया।
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सभा में वक्ताओं ने विशेष रूप से अनिल मिश्रा द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और हाल ही में एक सभा में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया पर जूता उछालने वाले राकेश किशोर के कृत्य का प्रतीकात्मक रूप से पुतला फूंक कर विरोध दर्ज किया। लोगों ने एक जलूस निकालते हुए वाल्मीकि चौक पर पहुंचे और इनका पुतला फूंका। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग शामिल हुए और संविधान, सामाजिक न्याय व बाबा साहेब की प्रतिष्ठा की रक्षा की शपथ ली।
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एडवोकेट लक्ष्मण दास कनवड़िया ने विचार रखते हुए कहा कि अनिल मिश्रा एक मनुवादी सोच के व्यक्ति हैं जो निरंतर बाबा साहेब के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते आ रहे हैं। सरकार को चाहिए कि ऐसे व्यक्तियों को तुरंत जेल में डाला जाए ताकि देश में सामाजिक सौहार्द बना रहे। राकेश वाल्मीकि ने कहा जो पार्टी मनुवादी सोच को बढ़ावा देती है, विशेषकर भाजपा, वही दलितों और बाबा साहेब के खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी करने वालों को संरक्षण देती है। यह संविधान विरोधी मानसिकता है।
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प्रेम कुमार, प्रधान अखिल भारतीय रेगर महासभा ने कहा जो भी व्यक्ति बाबा साहेब पर गलत टिप्पणी करेगा, उसका अंजाम बहुत बुरा होगा। यह केवल दलित समाज नहीं, बल्कि देश के संविधान का अपमान है। रविंदर बबलू, प्रधान अंबेडकर सभा ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल बाबा साहेब पर टिप्पणी करना एक फैशन बन गया है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने हाल ही में एक दलित आईपीएस अधिकारी को आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने की घटना का भी उल्लेख किया।

इस मौके पर सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे संविधान, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा और दलित अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। सभा में यह भी मांग उठाई गई कि जो लोग बाबा साहेब और संविधान का अपमान कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर पूर्व नप अध्यक्ष आशा वाल्मीकि, वेद प्रकाश पूर्व खजाना अधिकारी, पार्षद भारत भूषण भारती, बिट्टू मानसा, पूजा वाल्मीकि, प्रहलाद सबलानिया, वेद प्रकाश बाकोलिया व अन्य मौजूद रहे।
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