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Sirsa News: साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, मध्यप्रदेश से मुख्य सरगना सहित तीन आरोपी काबू
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डबवाली। उप पुलिस अधीक्ष्ज्ञक कपित अहलावत प्रेसवार्ता करते हुए। पुलिस डबवाली। उप पुलिस अधीक्ष्ज्
डबवाली। डबवाली पुलिस ने साइबर ठगी मामले में विदेशों से रिश्तेदार बनकर मदद की गुहार लगाकर ठगी करने के गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने मध्यप्रदेश से मुख्य सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से नौ मोबाइल फोन, आठ सिम, आठ डेबिट कार्ड, 13 चेक बुक, 22 पासबुक, 12 क्यूआर कोड स्कैनर व 3 लाख 70 हजार नकदी बरामद की गई है।
आरोपियों में मध्यप्रदेश के गांव तेंदपानी थाना घंसौर जिला सिवनी सुम्मू कुमरे उर्फ छोटू संजय कुमार उर्फ चंदू व आरोपी गांव कटिया महैता थाना घंसौर जिला सिवनी निवासी देवेंद्र विश्वकर्मा उर्फ देवा शामिल है।
उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कपिल अहलावत ने बताया कि 9 जुलाई 2025 को थाना कालांवाली में प्राप्त शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया था कि 23 जून 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर अनजान नंबर से काल आई और उसने कहा कि वह शिकायतकर्ता के भतीजे का दोस्त ऑस्ट्रेलिया से बोल रहा है।
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उसका एक दोस्त दिल्ली में अस्पताल में काफी बीमार हालत में भर्ती है। कॉल करने वाले ने शिकायतकर्ता से बैंक खाता मांगा कि उसके दोस्त के खाते में दिक्कत होने के कारण पैसे नहीं जा रहे। उसने कहा कि आपके खाता में भेज दूंगा आप दोस्त के पास भेज देना। इस पर शिकायतकर्ता ने अपना खाता उस व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया।
इसके बाद उस व्हाट्सएप नंबर से उसके पास एक कंप्यूटराइज रसीद प्राप्त हुई। इसमें शिकायतकर्ता के खाते में 16 लाख रुपये क्रेडिट दिखाए। कॉल करने वाले ने बताया कि तकनीकी खराबी होने पर अभी आपके खाते में पैसे नहीं आए हैं जो थोड़ी देर में आ जाएंगे। शिकायतकर्ता को विश्वास में लेने के लिए कॉल करने वाले ने एक फर्जी बैंक मैनेजर से शिकायतकर्ता की बात कराई, जिससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया। फिर उसके व्हाट्सएप पर उसी नंबर से दो बैंक के खाता नंबर भेजे गए।
इस पर शिकायतकर्ता ने दोनों बैक खाते में कई बार में 13 लाख 50 हजार रुपये भेज दिए। शिकायतकर्ता को साइबर धोखाधड़ी का आभास हुआ और उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पीएसआई सतपाल, सिपाही लालचंद सिपाही भागीरथ व मुख्य सिपाही अशोक कुमार की एक टीम ने अपने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए मध्यप्रदेश से तीनों आरोपियों को काबू कर लिया।
जांच में चार लाख रुपये आरोपी संजय के खाते में व 9 लाख 50 हजार रुपये किसी अन्य खाते गए। आरोपी संजय व आरोपी देवेंद्र विश्वकर्मा उर्फ देवा को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
मुख्य आरोपी पांच दिन के रिमांड पर लिया
पुलिस के अनुसार मामले की गहनता से जानकारी जुटाने के लिए मुख्य आरोपी सुम्मू का 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। साइबर सुरक्षा शाखा प्रभारी पीएसआई अरविंद ने अपनी टीम के साथ जांच करते हुए आरोपी सुम्मू के घर से दो लाख 80 हजार रुपये नकद राशि बरामद की है। रिमांड अवधि के दौरान की गई पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वे दूसरे लोगों के खाते में पैसे डलवा कर साइबर ठगी करते थे। आरोपी सुम्मू को अदालत में पेश किया जाएगा।
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आरोपियों में मध्यप्रदेश के गांव तेंदपानी थाना घंसौर जिला सिवनी सुम्मू कुमरे उर्फ छोटू संजय कुमार उर्फ चंदू व आरोपी गांव कटिया महैता थाना घंसौर जिला सिवनी निवासी देवेंद्र विश्वकर्मा उर्फ देवा शामिल है।
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उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कपिल अहलावत ने बताया कि 9 जुलाई 2025 को थाना कालांवाली में प्राप्त शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया था कि 23 जून 2025 को उसके व्हाट्सएप नंबर पर अनजान नंबर से काल आई और उसने कहा कि वह शिकायतकर्ता के भतीजे का दोस्त ऑस्ट्रेलिया से बोल रहा है।
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उसका एक दोस्त दिल्ली में अस्पताल में काफी बीमार हालत में भर्ती है। कॉल करने वाले ने शिकायतकर्ता से बैंक खाता मांगा कि उसके दोस्त के खाते में दिक्कत होने के कारण पैसे नहीं जा रहे। उसने कहा कि आपके खाता में भेज दूंगा आप दोस्त के पास भेज देना। इस पर शिकायतकर्ता ने अपना खाता उस व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया।
इसके बाद उस व्हाट्सएप नंबर से उसके पास एक कंप्यूटराइज रसीद प्राप्त हुई। इसमें शिकायतकर्ता के खाते में 16 लाख रुपये क्रेडिट दिखाए। कॉल करने वाले ने बताया कि तकनीकी खराबी होने पर अभी आपके खाते में पैसे नहीं आए हैं जो थोड़ी देर में आ जाएंगे। शिकायतकर्ता को विश्वास में लेने के लिए कॉल करने वाले ने एक फर्जी बैंक मैनेजर से शिकायतकर्ता की बात कराई, जिससे शिकायतकर्ता को विश्वास हो गया। फिर उसके व्हाट्सएप पर उसी नंबर से दो बैंक के खाता नंबर भेजे गए।
इस पर शिकायतकर्ता ने दोनों बैक खाते में कई बार में 13 लाख 50 हजार रुपये भेज दिए। शिकायतकर्ता को साइबर धोखाधड़ी का आभास हुआ और उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पीएसआई सतपाल, सिपाही लालचंद सिपाही भागीरथ व मुख्य सिपाही अशोक कुमार की एक टीम ने अपने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए मध्यप्रदेश से तीनों आरोपियों को काबू कर लिया।
जांच में चार लाख रुपये आरोपी संजय के खाते में व 9 लाख 50 हजार रुपये किसी अन्य खाते गए। आरोपी संजय व आरोपी देवेंद्र विश्वकर्मा उर्फ देवा को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
मुख्य आरोपी पांच दिन के रिमांड पर लिया
पुलिस के अनुसार मामले की गहनता से जानकारी जुटाने के लिए मुख्य आरोपी सुम्मू का 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। साइबर सुरक्षा शाखा प्रभारी पीएसआई अरविंद ने अपनी टीम के साथ जांच करते हुए आरोपी सुम्मू के घर से दो लाख 80 हजार रुपये नकद राशि बरामद की है। रिमांड अवधि के दौरान की गई पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वे दूसरे लोगों के खाते में पैसे डलवा कर साइबर ठगी करते थे। आरोपी सुम्मू को अदालत में पेश किया जाएगा।